गड़बड़झाला. मामला किसानों को कृषि ऋण देने में हेराफेरी का
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :07 Mar 2016 3:37 AM (IST)
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खुलने लगा ठगी का राज पूरे मामले में अलौली विधायक के पिता का नाम सामने आने के बाद मामला हाई प्रोफाइल बनता दिख रहा है. अनपढ़ किसानों ने एक लाख के लोन में से मात्र 40 हजार रुपये की हाथ में मिलने की शिकायत डीएम दरबार में की है. विधायक चंदन राम के पिता अर्जुन […]
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खुलने लगा ठगी का राज
पूरे मामले में अलौली विधायक के पिता का नाम सामने आने के बाद मामला हाई प्रोफाइल बनता दिख रहा है. अनपढ़ किसानों ने एक लाख के लोन में से मात्र 40 हजार रुपये की हाथ में मिलने की शिकायत डीएम दरबार में की है. विधायक चंदन राम के पिता अर्जुन राम नाम सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है.
खगड़िया : अलौली में किसानों को दिये जाने वाले कृषि लोन में हेराफेरी प्रकरण तूल पकड़ने के बाद जिले का राजनीतिक पारा गरम है. इधर, पूरे मामले में अलौली विधायक के पिता का नाम सामने आने के बाद मामला हाई प्रोफाइल बनता दिख रहा है. वहीं किसानों की तरफ से राजद के छात्र नेता के कूदने के बाद मामला तूल पकड़ने की उम्मीद जतायी जा रही है. बता दें कि अलौली के अनपढ़ किसानों ने एक लाख के लोन में से मात्र 40 हजार रुपये की हाथ में मिलने की शिकायत डीएम दरबार में की है. जिसके बाद जांच के आदेश दिये गये हैं.
अंगूठा लगाओ और लोन पाओ
अलौली में किसानों से ठगी प्रकरण में भी कुछ ऐसा ही हुआ है. घर पर कई कागजात में अंगूठा लगाने के बाद किसानों को 40 हजार की रकम दे दी गयी. छह महीने बाद जब किसानों को पता चला कि उन्होंने 40 हजार नहीं एक लाख का लोन लिया है तो उनके होश उड़ गये. हैरान -परेशान अलौली के पीड़ित किसान मुंशी सादा,
चंदन कुमार, नीलम देवी, लालो देवी, बुलबुल देवी ने डीएम को दिये शपथ पत्र सहित आवेदन में एक लाख के लोन में से 40 हजार रुपये मिलने की बात कहते हुए बाकी 60 हजार रुपये नहीं दिये जाने का आरोप लगाया है. पूरे मामले में अलौली विधायक चंदन राम के पिता अर्जुन राम नाम सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है. हालांकि बैंक प्रबंधक भवेश खां कहते हैं कि बैंक के किसी भी कामकाज में भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं है.
बैंक प्रबंधन सवालों के घेरे में
एक आम आदमी को बैंक से लोन लेने में कितने पापड़ बेलने पड़ते हैं यह बात किसी से छुपी नहीं है. सूत्रों की मानें तो पिछले दरवाजे से होने वाले काम में झझंट बहुत कम है. बस अंगुठा लगाओ और लोन पाओ की तर्ज पर ठगी के गोरखधंधा में बैंक के कर्मचारियों के मिलीभगत की प्रबल संभावना जतायी जा रही है. ताजा प्रकरण में किसानों के एक लाख के लोन में से आधी से अधिक राशि के गोलमाल में भी कुछ ऐसा ही हुआ है.
पूरे मामले में बैंक के नियम कायदे ताक पर रख दिये गये. बैंक प्रबंधक भवेश कुमार खां भले ही सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही किसी भी प्रकार का लोन दिये जाने का दावा करते हो लेकिन किसानों के लोन में ठगी के ताजा प्रकरण और तथ्य बैंक प्रबंधन की मिलीभगत की ओर इशारा कर रहे हैं. बैंक प्रबंधक श्री खां कहते हैं वे जब से आये तब से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनायी गयी है. लेकिन अनपढ़ किसानों से ठगी के ताजा मामले में प्रक्रिया से लेकर राशि भुगतान में भ्रष्टाचार की पोल खुलते नजर आ रहे हैं.
ऋण दिलाने का रैकेट कर रहा काम
बैंकों से लोन दिलाने वाले गिरोह का मुख्य शिकार गांव के अनपढ़ किसान होते हैं. न पढ़ना न लिखना बस अंगूठा लगा कर रुपये लेने वाले किसानों को इतना भी पता नहीं रहता है कि उन्होंने कितनी राशि पर अंगूठा लगाया है. न कोई कागज… बस रुपये मिल गये. बाद में लोन की असली हकीकत सामने आने के बाद किसानों की परेशानी बढ़नी शुरू होती है तो बैंक का चक्कर लगाने के लिये गरीब किसान विवश हो जाते हैं.
क्या है पूरा मामला
अलौली के किसानों ने शपथ पत्र के साथ डीएम दरबार में दिये शपथ पत्र सहित आवेदन में विधायक के पिता पर ऋण दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगायी है. किसानों ने कहा है कि पांच किसानों को एक लाख रुपये के स्वीकृत लोन के एवज में निकासी सारे रुपयों की कर ली गयी लेकिन किसानों को मात्र 40 हजार देकर चलता कर दिया गया. इस तरह विधायक के पिता अर्जुन राम पर कुल दो लाख 40 हजार रुपये हजम कर लेने का आरोप लगाया गया है.
मंत्री दरबार में पहुंचा ठगी प्रकरण का मुद्दा
आजकल खगड़िया दौरा पर आये आपदा मंत्री प्रोफेसर चन्द्रशेखर के दरबार तक किसानों के लोन में ठगी प्रकरण की गूंज पहुंच गयी है. रविवार को सर्किट हाउस में यह मुद्दा उठने के बाद मंत्री ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि महागठबंधन की सरकार में भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया जाता है. भ्रष्टाचार किसी भी रुप में हो उसे रोकने के लिये सरकार कटिबद्ध है.
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