हेराफेरी. मामला सदर अस्पताल में दिये जा रहे एसबीए ट्रेनिंग में धांधली का
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Mar 2016 6:25 AM (IST)
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डीएम ने दिये जांच के आदेश जिले के स्वास्थ्य विभाग मेें पग-पग पर फैले भ्रष्टाचार के कारण सरकारी योजनाओं का बंटाधार हो रहा है. स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ी का गोरखधंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है. हाल के दिनों में एक-एक कर सामने आ रही हेराफेरी से स्वास्थ्य विभाग की किरकिरी हो रही है. […]
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डीएम ने दिये जांच के आदेश
जिले के स्वास्थ्य विभाग मेें पग-पग पर फैले भ्रष्टाचार के कारण सरकारी योजनाओं का बंटाधार हो रहा है. स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ी का गोरखधंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है. हाल के दिनों में एक-एक कर सामने आ रही हेराफेरी से स्वास्थ्य विभाग की किरकिरी हो रही है.
खगड़िया : जिले के स्वास्थ्य विभाग मेें पग पग पर फैले भ्रष्टाचार के कारण सरकारी योजनाओं का बंटाधार हो रहा है. पहले पोषण पुनर्वास केंद्र संचालन में हेराफेरी अब एएनएम को दिये जाने वाले महत्वपूर्ण एसबीए ट्रेनिंग में हेराफेरी उजागर होने के बाद डीएम साकेत कुमार ने पूरे मामले के जांच के आदेश दिये हैं. इधर, मामला तूल पकड़ने के बाद गुरुवार को सिविल सर्जन कार्यालय में गरमा-गरम बहस होने की खबर है.
जिसके बाद सिविल सर्जन डॉ रासबिहारी सिंह भी पूरे मामले में ज्यादा कुछ बोलने से कन्नी काट रहे हैं. इधर, ट्रेनिंग में जिला स्वास्थ्य समिति के कर्मी कौशलेन्द्र कुमार की लापरवाही उजागर होने के बाद सीएस ने स्पष्टीकरण तलब करते हुए पूरी कार्रवाई की सूचना डीएम को दी गयी है. जिसके बाद कार्रवाई से बचने के लिये तरह तरह के तिकड़म आजमाने का दौर शुरू हो चुका है. इधर, स्पष्टीकरण की जद में आये डीएचएस के कर्मी कौशलेन्द्र कुमार ने कहा कि ट्रेनिंग में कोई धांधली नहीं की जा रही है. सारे आरोप बेबुनियाद हैं.
बिना प्रशिक्षक के दनादन चल रहा था ट्रेनिंग : सदर अस्पताल परिसर में 21 दिनों का एसबीए प्रशिक्षण चल रहा है. काफी महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस प्रशिक्षण में दो बैच में छह छह एएनएम को प्रसव चिकित्सा के बारे में प्रशिक्षण देना है. लेकिन जिला स्वास्थ्य समिति को शायद ट्रेनिंग की अहमियत से कोई लेना देना नहीं है. तभी तो कागज पर चल रहे ट्रेनिंग के गोरखधंधे पर कार्रवाई की बजाय जिला स्वास्थ्य समिति के अधिकारी इससे आंखे मूंदे हुए थे.
कहने को यहां चिकित्सा पदाधिकारी को प्रशिक्षण बना कर तैनाती की गयी है लेकिन निरीक्षण के दौरान बिना प्रशिक्षण के ही नियम को ताक पर रख कर दो बैचों का एक साथ ट्रेनिंग देकर खानापूर्ति किया जा रहा था. हालांकि सीएस ने पूरे मामले में कड़े रुख का इजहार करते हुए सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी बरदाश्त नहीं करने के संकेत से गोलमाल में शामिल कर्मियों के होश उड़े हुए हैं.
कागज पर ट्रेनिंग
सरकारी राशि का बंदरबांट
बताया जाता है कि एसबीए ट्रेनिंग में एएनएम को 21 दिनों तक आवासीय ट्रेनिंग दिया जाना है. लेकिन कागज पर दनादन चल रहे ट्रेनिंग में गोलमाल पर से परदा हटने के बाद चर्चा का बाजार गरम है. सूत्रों की मानें तो ट्रेनिंग से लेकर भोजन तक में हेराफेरी सरकार को चूना लगाया जा रहा था.
ना कोई रोकने वाला और ना ही कोई टोकने वाला. ट्रेनिंग हो या नहीं लेकिन बिल जरूर बन जा रहे हैं. वह तो शुक्र था कि सीएस के निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी पकड़ी गयी वरना हेराफेरी का सिलसिला चलता ही रहता.
सिविल सर्जन के लाख चाहने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ी का गोरखधंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है. यूं तो स्वास्थ्य विभाग में चल रही अधिकांश योजनाओं के हाल किसी से छिपे नहीं हैं
लेकिन हाल के दिनों में एक एक कर सामने आ रही हेराफेरी से स्वास्थ्य विभाग की किरकिरी हो रही है. इधर, एसबीए ट्रेनिंग के नाम पर चल रहे खेल के खुलासा बाद डीएम के कड़े रुख से कार्रवाई की जद में आने वाले जिला स्वास्थ्य समिति के कर्मियों में हड़कंप व्याप्त है. कार्रवाई से बचने के लिये तिकड़म का दौर शुरू हो चुका है.
खास बातें
डीएम के कड़े रुख से लापरवाही बरतने वालों में मची खलबली, कार्रवाई से बचने के लिये तिकड़म का दौर शुरू
सीएस के निरीक्षण के दौरान नियम को ताक पर रख कर ट्रेनिंग के नाम पर खानापूर्ति का हुआ था खुलासा
बिना प्रशिक्षक के ही कागज पर ट्रेनिंग देकर सरकारी राशि का किया जा रहा बंदरबांट
आवासीय ट्रेनिंग रहने के बावजूद रात के वक्त गायब हो जाती थी प्रशिक्षु एएनएम
ट्रेनिंग में फर्जी हाजिरी बना कर खाना में किया जा रहा था गोलमाल
नियम को ताक पर रख कर दोनों बैच को एक साथ ट्रेनिंग करवाने पर से हटा परदा
सीएस ने जिला स्वास्थ्य समिति के कर्मचारी से पूछा स्पष्टीकरण, तीन दिनों के अंदर देना होगा जवाब
सदर अस्पताल में चल रहे एसबीए ट्रेनिंग में धांधली उजागर होने के बाद पूरे मामले के जांच के आदेश सिविल सर्जन को दिये गये हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
– साकेत कुमार, डीएम
पूरे मामले में जिला स्वास्थ्य समिति के कर्मी कौशलेंद्र कुमार से पूछे गये स्पष्टीकरण के जवाब का इंतजार किया जा रहा है. डीएम के निर्देश बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गयी है. जल्द ही जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जायेगी.
– डॉ रासबिहारी सिंह, सिविल सर्जन.
फर्जी हाजिरी के बल पर खाना में गोलमाल
आवासीय ट्रेनिंग के नाम पर चल रहे काले कारनामे को अंजाम देने में जिला स्वास्थ्य समिति ने लापरवाही की हद कर दी गयी. पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आयी कि रात के वक्त ट्रेनिंग में कोई प्रशिक्षु एएनएम नहीं रहती है लेकिन उनके नाम पर फर्जी हाजिरी बना कर खाना की राशि में गोलमाल को अंजाम दिया जा रहा था.
बताया जाता है कि यह कोई नया मामला नहीं है. ट्रेनिंग के नाम हेराफेरी का सिलसिला पहले से चला आ रहा है लेकिन अब जाकर पूरे गोरखधंधे का खुलासा हो पाया है.
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