तीन दशक से विस्थापन का दर्द झेल रहे

Published at :21 Jul 2015 10:06 PM (IST)
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तीन दशक से विस्थापन का दर्द झेल रहे

फोटो 16कैप्सन- बांध पर बसे विस्थापित परिवार कोसी नदी के कहर से विस्थापित परिवारों की सुधि लेने वाला कोई नहीं दर्जनों परिवारों के सैकड़ों लोगों की जिंदगी हुई बदरंग, तारणहार की तलाश प्रतिनिधि, चौथमविस्थापन का दर्द देखना हो तो बीएन तटबंध पर आइये. कोसी की कहर से करीब तीन दशक पहले विस्थापित हुए दर्जनों परिवारों […]

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फोटो 16कैप्सन- बांध पर बसे विस्थापित परिवार कोसी नदी के कहर से विस्थापित परिवारों की सुधि लेने वाला कोई नहीं दर्जनों परिवारों के सैकड़ों लोगों की जिंदगी हुई बदरंग, तारणहार की तलाश प्रतिनिधि, चौथमविस्थापन का दर्द देखना हो तो बीएन तटबंध पर आइये. कोसी की कहर से करीब तीन दशक पहले विस्थापित हुए दर्जनों परिवारों की पीड़ा बढ़ती ही जा रही है. इन परिवारों की जिंदगी बदरंग सी हो गयी है. ना जनप्रतिनिधि और ना ही प्रशासन ने इन परिवारों की सुधि लेना मुनासिब समझा है. नतीजतन दर्द झेलते इन परिवारों को ऊपर वाले का ही सहारा है. प्रखंड के बीएन तटबंध पर विगत तीन दशक से बसे लालपुर तेरासी गांव के विस्थापित परिवार आज भी पुनर्वास की बाट जोह रहे हैं. उधर, तटबंध पर बसे तियर जाति के करीब चार दर्जन परिवारों की सूची प्रशासन द्वारा कई बार सर्वेक्षण कर बनाया तो गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. बताया जाता है कि प्रशासन अब तक पुनर्वास के लिए जमीन का अधिग्रहण नहीं कर सका है. पीडि़त पुलकित चौधरी, विरेंद्र चौधरी, विलास चौधरी का कहना है नदी के कटाव से तीन-तीन बार विस्थापित होने के बाद आखिरकार बीएन तटबंध का सहारा लेना पड़ा है.

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