अघोड़ी स्थान का अस्तित्व खतरा में

Published at :08 Jul 2015 10:05 PM (IST)
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अघोड़ी स्थान का अस्तित्व खतरा में

-देख-रेख के अभाव में खंडहर बनता जा रहा है मंदिर-जलस्तर में वृद्धि से कभी भी गिर सकता है मंदिर का भवनफोटो है 17 व 18 मेंकैप्सन- मंदिर का क्षतिग्रस्त पिलर व जर्जर स्थिति में मंदिर.प्रतिनिधि, खगडि़याबलुवाही स्थित बूढ़ी गंडक के तट पर बसा ऐतिहासिक व पौराणिक अघोड़ी स्थान पर बूढ़ी गंडक में बढ़े जलस्तर के […]

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-देख-रेख के अभाव में खंडहर बनता जा रहा है मंदिर-जलस्तर में वृद्धि से कभी भी गिर सकता है मंदिर का भवनफोटो है 17 व 18 मेंकैप्सन- मंदिर का क्षतिग्रस्त पिलर व जर्जर स्थिति में मंदिर.प्रतिनिधि, खगडि़याबलुवाही स्थित बूढ़ी गंडक के तट पर बसा ऐतिहासिक व पौराणिक अघोड़ी स्थान पर बूढ़ी गंडक में बढ़े जलस्तर के कारण खतरा मंडराने लगा है. वहीं साधन सुविधा के अभाव से वंचित मंदिर धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होने लगा है. मंदिर के अघोड़ी नरेश बखोरिया ने बताया कि कई वर्ष पूर्व जल स्तर में वृद्धि होने के कारण मंदिर के पिछले हिस्से की दीवार व पिलर क्षतिग्रस्त हो गया था. तत्काल उक्त ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल को बचाने के लिए बोल्डर व मिट्टी भरी बोरी मंदिर के पिछले हिस्से में डाल कर पानी के दबाव को कम किया गया था. इस कारण मंदिर का अस्तित्व बच पाया था. उन्होंने बताया कि उसके बाद कई बार जिला प्रशासन बाढ़ नियंत्रण कार्यालय, स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया. लेकिन आज तक उक्त स्थल पर किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं कराया गया. उन्होंने कहा कि अघोड़ी स्थान के कैंपस में चहारदीवारी लाइटिंग, पेयजल सबसे बड़ी समस्या है. उन्होंने मंदिर के अस्तित्व को बचाने के लिए उक्त क्षतिग्रस्त मंदिर की मरम्मती कराने की बातें कहीं. इससे जिले का ऐतिहासिक स्थल सुरक्षित रह सके.

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