योग से संभव है बह्म की खोज: स्वामी चतुरानंद

Updated at :02 Mar 2015 11:04 PM
विज्ञापन
योग से संभव है बह्म की खोज: स्वामी चतुरानंद

आस्था . बारिश के बीच सत्संग महाधिवेशन का समापनफोटो – 6 व 7 मेंकैप्सन- मंचासीन संत व उपस्थित सत्संग प्रेमी. बेलदौर. ध्यान योग, सुरत योग व दृष्टि योग की कला से बह्म को जान सकते है. उक्त बाते सोमवार को पनसलवा गांव के जीरोमाइल समीप आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय संतमत सत्संग के 104 वां […]

विज्ञापन

आस्था . बारिश के बीच सत्संग महाधिवेशन का समापनफोटो – 6 व 7 मेंकैप्सन- मंचासीन संत व उपस्थित सत्संग प्रेमी. बेलदौर. ध्यान योग, सुरत योग व दृष्टि योग की कला से बह्म को जान सकते है. उक्त बाते सोमवार को पनसलवा गांव के जीरोमाइल समीप आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय संतमत सत्संग के 104 वां महाधिवेशन के अंतिम दिन प्रधान आचार्य संत स्वामी चतुरानंद जी महाराज ने कही. सुबह से ही शुरू हुई हल्की बारिश के बीच प्रथम पाली सत्संग प्रारंभ हुई. बावजूद सत्संग प्रेमियों की भीड़ विशाल पंडाल समेत आसपास के परिसर मे डटी रही. स्वामी चतुरानंद जी ने बताया कि ईश्वर कण-कण मे विद्यमान हैं, जरुरत दिव्य दृष्टि से तलाशने की. कार्यक्रम संचालन को लेकर स्थानीय विधायक पन्नालाल सिंह पटेल, नूतन कुमार सिंह पटेल, प्रदीप भगत, सुनिल कुमार सिंह, महासभा के अध्यक्ष डॉ नागेश्वर सिंह नागेश, रामजी सिंह आदि ने सराहनीय योगदान दिया. परम पूज्य प्रधान आचार्य समेत सभी संतो का विदाई स्थानीय विधायक ने अंगवस्त्र देकर किया. संतोके बिदाई मौके पर सभी श्रद्धालुओं की आंखे नम थी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन