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हर्षोल्लास पूर्वक मनायी गयी स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती

Updated at : 12 Jan 2026 9:26 PM (IST)
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हर्षोल्लास पूर्वक मनायी गयी स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती

विद्यालय की संस्थापिका रुभा कुमारी ने बच्चों को बताया कि विवेकानंद को एक देशभक्त सन्यासी के रूप में माना जाता है

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गोगरी. अनुमंडल क्षेत्र में स्वामी विवेकानंद की जयंती हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई. सोमवार को एमएसआर सैनिक स्कूल मदारपुर में धूमधाम से स्वामी विवेकानंद की जयंती मनायी गयी. सर्वप्रथम विद्यालय की संस्थापिका रुभा कुमारी व सचिव सुबोध कुमार द्वारा संयुक्त रूप से विवेकानंद के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया गया. तत्पश्चात तिलक लगाकर व दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. विद्यालय के सचिव सुबोध कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 फरवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था. उनके बचपन का नाम नरेंद्र नाथ दत्त था. उनके पिता विश्वनाथ दत्त कोलकाता हाई कोर्ट में एक प्रसिद्ध वकील थे. उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस थे. उनका कहना था कि उठो जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त नहीं हो जाता. हमें भी उन्हीं की तरह अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए. विद्यालय की संस्थापिका रुभा कुमारी ने बच्चों को बताया कि विवेकानंद को एक देशभक्त सन्यासी के रूप में माना जाता है और उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक देव कुमार मुनि, अनिल कुमार, भवेश कुमार, ओम शंकर साह, राजेश कुमार, पंकज कुमार, शिक्षिका अनिता कुमारी, माया कुमारी सहित सैकड़ो बच्चे उपस्थित थे. वहीं स्वामी विवेकानंद की 163 वी जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में दिव्यांगजन कल्याण समिति के शिष्ट मंडल के द्वारा सक्सेस एकेडमी कंप्यूटर इंस्टिट्यूट में बड़े धूमधाम से मनायी गयी. सर्वप्रथम स्वामी विवेकानंद के पहले चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पण किया गया. इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद के जीवन के बारे में दिव्यांग जन कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष पवन कुमार पासवान ने समस्त दिव्यांग जनों एवं समाजसेवी से अपील करते हुए कहा कि आज के युवा के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद का जीवन काफी संघर्ष में बीता. वे बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे. मौके पर प्राचार्य राकेश कुमार, संघ के विनय कुमार मिश्रा, रामदेव कुमार, राहुल कुमार, रितेश कुमार, दीपक कुमार, सुजीत कुमार, संजीव कुमार, प्रीतम कुमार, संदीप पटेल, बृजेश कुमार, कुंदन कुमार, प्रमोद चौरसिया सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे. केडीएस कॉलेज में विचारगोष्ठी आयोजित वहीं केडीएस कॉलेज गोगरी में युवा दिवस के अवसर पर प्राचार्य डॉ रोशन रवि अध्यक्षता में एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया. जिसमें हिंदुस्तान के विकास में युवाशक्ति के योगदान विषय पर विभिन्न विद्वानों ने अपने-अपने विचार रखे. प्राचार्य डॉ. रोशन रवि में कहा कि महाविद्यालय युवाओं के चिंतनधारा को नई दिशा देता है. युवा शक्ति किसी भी समाज की और ताकत होती है जो उसके आर्थिक सामाजिक सांस्कृतिक और वैचारिक विकास की दिशा तय करती है. मौके पर राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष ब्रज विनोद गौतम, दर्शनशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ वर्षा किरण, अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अनिल ठाकुर, हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. पंकज कुमार, पुस्तकालय अध्यक्ष बबलू कुमार, अंकिता, रेवती, मनीष आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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