पांच सौ से अधिक कारोबारियों ने जमा नहीं किये रिटर्न व टैक्स

Updated at : 07 Aug 2018 6:16 AM (IST)
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पांच सौ से अधिक कारोबारियों ने जमा नहीं किये रिटर्न व टैक्स

जुर्माना व सूद के साथ हो रही टैक्स वसूली की तैयारी वाणिज्यकर विभाग ने कसा शिकंजा बकायेदारों को दिया गया नोटिस जीएसटी व वैट टैक्स से जुड़ा है मामला खगड़िया : रिटर्न फाइल तथा टैक्स की राशि जमा करने में लापरवाह रहे खगड़िया अंचल क्षेत्र के लगभग सात सौ कारोबारियों पर कार्रवाई होनी तय है. […]

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जुर्माना व सूद के साथ हो रही टैक्स वसूली

की तैयारी
वाणिज्यकर विभाग ने कसा शिकंजा
बकायेदारों को दिया
गया नोटिस
जीएसटी व वैट टैक्स से जुड़ा है मामला
खगड़िया : रिटर्न फाइल तथा टैक्स की राशि जमा करने में लापरवाह रहे खगड़िया अंचल क्षेत्र के लगभग सात सौ कारोबारियों पर कार्रवाई होनी
तय है.
जानकार बताते हैं कि समय पर टैक्स जमा करने सहित अपने कारोबार की जानकारी देने में लापरवाही बरतने वाले कारोबारियों को अब जुर्माने व सूद के साथ टैक्स की राशि जमा करनी होगी. टैक्स जमा नहीं करने की स्थिति में विभाग इनके बैंक खाते में जमा राशि से सीधे जुर्माने व सूद के साथ टैक्स की राशि वसूल करेगी. अगर बैंक खाते से ये राशि वसूल नहीं हो पाई तो जगह-जायदाद की निलामी या फिर सर्टिफिकेट केस दर्ज कर कारोबारियों से टैक्स की राशि वसूल की जाएगी. सहायक वाणिज्यकर आयुक्त शशिकांत चतुर्वेदी द्वारा टैक्स व रिटर्न जमा नहीं करने वाले कारोबारियों को नोटिस जारी किये गये हैं.
जीएसटी व वैट टैक्स का है मामला
जानकारी के मुताबिक करीब 7 सौ कारोबारियों को वाणिज्यकर कार्यालय द्वारा नोटिस जारी किये जा रहे/गए हैं. इनमें से करीब 6 सौ कारोबारी ऐसे हैं जिन्होंने जीएसटी के तहत कारोबार कर न रिटर्न दाखिल किया और न ही टैक्स जमा किया. वहीं इस सूची में करीब सौ कारोबारी ऐसे हैं जिन्होंने जीएसटी लागू होने के पूर्व यानी 1 जुलाई 2017 से पहले चल रहे बिहार मूल्य वर्धित कर अधिनियम 2005 यानी वैट टैक्स की राशि जमा नहीं किया. बताया जाता है कि सहायक वाणिज्यकर आयुक्त की सख्ती के बाद हाल के दिनों में दर्जन भर व्यवसायियों ने बकाये वैट टैक्स की राशि जमा कराया है. लेकिन अब भी सौ के करीब कारोबारियों के पास वैट टैक्स की राशि फंसी हुई है. इस दोनों टैक्स की वसूली के लिए पहले बड़े बकायेदारों को नोटिस जारी किये जा रहे हैं.
15 दिनों की दी जायेगी मोहलत
टैक्स बकायेदार व्यापारियों को राशि जमा करने के लिए 15 दिनों की मोहलत दिये जाने की बातें कही गई है. एक साल से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी वैट टैक्स जमा नहीं करने को लेकर विभाग थोड़ा अधिक सख्त है. बताया जाता है कि 15 दिनों की समय-सीमा समाप्त होने के बाद बकायेदारो के बैंक खाते से सीधे जुर्माने व सूद के साथ टैक्स की राशि लिये जाएंगे. बैंक खाते से राशि वसूल नहीं होने की स्थिति बकायेदार कारोबारियों की संपत्ती या फिर सर्टिफिकेट केस दर्ज कर वसूल की जएगी.
50 रुपये पेनाल्टी व ढ़ेड़ प्रतिशत ब्याज के साथ जीएसटी टैक्स
जीएसटी के तहत कारोबार कर टैक्स एवं रिटर्न फाईल करने में लापरवाह रहे कारोबारियों को अधिक आर्थिक नुकसान होंगे. रिटर्न फाईल व जीएसटी टैक्स जमा करने की अंतिम तिथि से जमा करने के दिन तक उन्हें (कारोबारियों को) 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना तथा ढ़ेड़ प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज के साथ टैक्स की राशि जमा करने होंगे. वहीं जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराकर कारोबार नहीं करने वाले व्यापारी को टैक्स तो नहीं लगेंगे. हां अगर उन्होंने समय पर रिटर्न फाइल नहीं किया तो उन्हें भी इस लापरवाही के लिए 20 रुपया प्रतिदिन के हिसाब से पेनाल्टी लगेंगे.
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