गलत रिपोर्ट देकर फंसे डाॅक्टर साहब, अब कार्रवाई

Updated at : 21 Nov 2017 6:33 AM (IST)
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गलत रिपोर्ट देकर फंसे डाॅक्टर साहब, अब कार्रवाई

गहरे जख्म को बताया था सामान्य घाव खगड़िया : गलत इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार कर एक पक्ष को लाभ एवं अभियुक्त को फायदा पहुंचाने वाले चिकित्सक पर कार्रवाई के आदेश जारी किये गये हैं. ये डाॅक्टर सदर अस्पताल के हैं जिन्होंने गलत इंज्यूरी रिपोर्ट दिया था. जांच के बाद और खुलासा होने की संभावना है कि […]

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गहरे जख्म को बताया था सामान्य घाव

खगड़िया : गलत इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार कर एक पक्ष को लाभ एवं अभियुक्त को फायदा पहुंचाने वाले चिकित्सक पर कार्रवाई के आदेश जारी किये गये हैं. ये डाॅक्टर सदर अस्पताल के हैं जिन्होंने गलत इंज्यूरी रिपोर्ट दिया था. जांच के बाद और खुलासा होने की संभावना है कि इन्होंने क्यों ऐसा प्रतिवेदन दिया. मामला सामने आने के बाद लोक शिकायत एडीएम विजय कुमार सिंह ने गलत जख्म प्रतिवेदन देने वाले उक्त चिकित्सक से जवाब तलब कर इनके विरुद्ध सिविल सर्जन को कार्रवाई करने का आदेश दिया है. बताया जाता है कि पीड़ित के शिकायत पर जब चिकित्सक के रिपोर्ट की दोबारा जांच हुई तो इंज्यूरी रिपोर्ट गलत साबित हुई.
गहरे घाव को छिपाया था. चिकित्सक पर आरोप था कि इन्होंने गहरे जख्म को छिपाकर आधा, अधूरा रिपोर्ट दिया था. इसके बाद इनके विरुद्ध लोक शिकायत कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी गयी तथा फिर से जांच कराने की मांग की गयी. पकरैल निवासी अशोक मंडल ने अधिकारी को आवेदन देकर यह बताया था कि उनके भाई मनोज मंडल का अस्पताल में जख्म की जांच की गयी थी. इसपर चिकित्सक ने गलत रिपोर्ट दिया. इनका कहना था कि इनके भाई के हाथ के साथ साथ पैर भी टूटे थे. चिकित्सक ने मात्र हाथ टूटने का ही जिक्र अपने रिपोर्ट में किया था. जबकि पैर टूटने की चर्चा भी नहीं की गयी.
दोबारा जांच से खुली पोल. शिकायतकर्ता की शिकायत को एडमिट करते हुए इस मामले में सिविल सर्जन को नोटिस जारी किया गया तथा फिर से चिकित्सक द्वारा जांच रिपोर्ट तैयार की गयी. सूत्र बताते हैं कि जांच टीम ने पूर्व के रिपोर्ट को आधा अधूरा करार दिया. एक्स रे रिपोर्ट में स्पष्ट था कि मनोज मंडल का दाहिना पैर टूटा था. लेकिन पूर्व के रिपोर्ट में सिर्फ हाथ टूटने का उल्लेख था. डॉक्टरों की टीम ने पीड़ित के जख्म को गंभीर बताते हुए इसकी रिपोर्ट सिविल सर्जन के माध्यम से सुनवाई पदाधिकारी को भेजी गयी.
आपराधिक मामलों में इंज्यूरी रिपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. दूसरी बार इस प्रकार के गलत रिपोर्ट देने की बातें सामने आयी है. इसे डाॅक्टर की भूल नहीं मानी जा सकती है. अधूरी-गलत रिपोर्ट देने वाले चिकित्सक से जवाब मांगते हुए उनपर नियमानुसार कार्रवाई कर 15 दिसंबर तक सिविल सर्जन से रिपोर्ट मांगी गयी थी.
विजय कुमार सिंह एडीएम लोक शिकायत
स्पष्टीकरण पूछा, कार्रवाई की बात कही
चिकित्सकों की टीम के द्वारा सौंपी गयी रिपोर्ट के बाद यह साफ हो गया कि पूर्व में डाॅक्टर के द्वारा जो रिपोर्ट दी गयी थी. वह आधा अधूरा एवं गलत था. गलत रिपोर्ट प्रमाणित होने के बाद रिपोर्ट देने वाले चिकित्सक से स्पष्टीकरण पूछते हुए उनपर कार्रवाई करने को कहा गया है. उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व भी डाॅक्टर के द्वारा गलत इंज्यूरी रिपोर्ट देने का मामला सामने आया था. गलत रिपोर्ट के कारण एक पक्ष को जेल भी जाना पड़ा था. शिकायत के बाद जब फिर से इंज्यूरी रिपोर्ट की जांच की गयी तो सामान्य जख्म पाया गया. जबकि पूर्व में चिकित्सक ने उस जख्म को गंभीर बताया था. इसी वजह से एक को जेल जाना पड़ा था.
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