500 बकायेदार किसानों को नोटिस

Updated at : 15 Nov 2017 5:11 AM (IST)
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500 बकायेदार किसानों को नोटिस

एक माह में सूद सहित ऋण जमा करने का अल्टीमेटम ऋण जमा नहीं करने पर दर्ज होगा वसूली के लिए केस पांच हजार किसानों के पास बकाया है 28 करोड़ रुपये खगड़िया : जिला को-ऑपरेटिव बैंक ने अलग-अलग पंचायतों के 500 किसानों को नोटिस जारी किया है. जिन किसानों को बैंक ने नोटिस जारी किया […]

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एक माह में सूद सहित ऋण जमा करने का अल्टीमेटम

ऋण जमा नहीं करने पर दर्ज होगा वसूली के लिए केस
पांच हजार किसानों के पास बकाया है 28 करोड़ रुपये
खगड़िया : जिला को-ऑपरेटिव बैंक ने अलग-अलग पंचायतों के 500 किसानों को नोटिस जारी किया है. जिन किसानों को बैंक ने नोटिस जारी किया है वे सभी बकायेदार हैं, जिन्होंने खेती करने के लिए बैंक से केसीसी ऋण लिया था, लेकिन जब ऋण लौटाने की बारी आयी तो आनाकानी कर रहे हैं. समय पर ऋण जमा नहीं करने/नवीकरण करने के कारण इनके खाते भी काफी पहले एनपीए हो चुके हैं. अब बैंक ने वसूली के लिए सख्ती बरतते हुए सभी बकायेदार किसानों को नोटिस जारी किया है तथा इन्हें एक माह का समय दिया गया है. इस समय सीमा के भीतर सूद सहित ऋण वापस करने को कहा गया है.
दर्ज होंगे सर्टिफिकेट केस: बैंक सूत्र के मुताबिक ऋण वसूली अधिनियम की धारा सात के तहत सभी किसानों को उनके आवासीय पते पर नोटिस भेजा गया है. नोटिस इस अल्टीमेटम के साथ भेजा गया है कि वे (किसान) ऋण की राशि जमा नहीं करते हैं तो वसूली की कार्रवाई के लिए सभी पर सर्टिफिकेट केस दर्ज कराया जायेगा. उल्लेखनीय है कि नियम के मुताबिक अगर बकायेदार नोटिस जारी होने के बाद भी ऋण वापस नहीं लौटाते हैं तो उन पर जिला नीलाम पत्र शाखा में केस दर्ज होता है फिर वसूली करने जिला प्रशासन भी बैंक को सहायता प्रदान करती है.
कहते हैं अधिकारी: इधर बैंक के एमडी रामाश्रय राम ने कहा यह चिंता का विषय है. लगभग 27 प्रतिशत केसीसी एकाउंट एनपीए हो चुका है. बैंक के करीब 28 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं. वसूली नहीं हुई तो बैंक के लिए यह नुकसानदायी साबित होगा. नोटिस भेजने का सिलसिला जारी है. करीब 4500 किसानों को और नोटिस जारी किये जायेंगे. नोटिस के बाद भी अगर राशि जमा नहीं की तो सभी पर सर्टिफिकेट केस दर्ज कराया जायेगा.
करीब 5000 किसानों पर गाज गिराने की तैयारी
पांच सौ ही नहीं बल्कि बकायेदारों किसानों की संख्या करीब पांच हजार के आसपास है जो बैंक से लिया गया ऋण वापस नहीं लौटा रहे हैं. इन सभी किसानों के खाते एनपीए हो चुके हैं, क्योंकि इन्होंने भी समय सीमा के भीतर अपने खाते में राशि न जमा की और न ही रेनुअल कराया. इन किसानों पर बैंक का करीब 28 करोड़ रुपये बकाया है. बैंक की परेशानी इसलिए बड़ी हुई है कि ये खाते एनपीए हो चुके हैं. जमा निकासी काफी समय से बंद है. राज्य स्तर से भी वसूली की स्थिति बेहतर नहीं रहने के कारण नाराजगी व्यक्त की जा चुकी है.
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