सावन की तीखी धूप से बढ़ रहीं बीमारियां

Updated at : 02 Aug 2017 5:44 AM (IST)
विज्ञापन
सावन की तीखी धूप से बढ़ रहीं बीमारियां

स्वास्थ्य . बारिश के मौसम में लोगों का पाचन शक्ति हो जाता है कमजोर खान-पान पर ध्यान रखना जरूरी है. इस मौसम में हल्का व शीघ्र पचनेवाला आहार लेना चाहिए. डॉक्टर की माने तो बरसात के मौसम में मूंग दाल का सेवन करना उत्तम होता है. यह रोध प्रतिरोधक व शक्तिवर्धक है. इस मौसम में […]

विज्ञापन

स्वास्थ्य . बारिश के मौसम में लोगों का पाचन शक्ति हो जाता है कमजोर

खान-पान पर ध्यान रखना जरूरी है. इस मौसम में हल्का व शीघ्र पचनेवाला आहार लेना चाहिए. डॉक्टर की माने तो बरसात के मौसम में मूंग दाल का सेवन करना उत्तम होता है. यह रोध प्रतिरोधक व शक्तिवर्धक है. इस मौसम में गरिष्ठ भोजन, तले हुए चटपटे स्वाद वाले पदार्थों का सेवन न करें, तो बेहतर है
गोगरी : रसात में तीखी धूप आपको बीमार बना सकती है. जब बारिश होती है, और शरीर स्वस्थ और मन प्रसन्न हो तो हर किसी को इस मौसम का आनंद उठाने की इच्छा होती है. लेकिन बारिश के बाद होनेवाली गरमी, धूप और ऊमस लोगों को परेशान करने के अलावे उन्हें बीमार भी कर देती है. इन दिनों लोग बारिश के बाद पिछले दो दिनों से हो रही तेज धूप से परेशान हैं. इसके कारण लोग अधिक संख्या में बीमार भी पड़ रहे हैं.
इस कारण निजी अस्पताल व सरकारी अस्पताल में रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है. खास कर इस बदलते मौसम से छोटे बच्चे व बुजुर्ग काफी संख्या में बीमार पड़ रहे हैं. रेफरल अस्पताल गोगरी से मिली जानकारी के अनुसार मौसमी बीमारियों में इजाफा हो रहा है. इस मौसम में खास कर बुजुर्ग व बच्चे बीमार पड़ रहे हैं. इस कारण बदलते मौसम को देखते हुए सेहत का पूरा ख्याल रखना जरूरी है. इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बरतने से तुरंत बीमार पड़ सकते हैं.
बदलते मौसम में पाचन शक्ति हो जाती है कमजोर
बरसात के दिनों में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है. इस कारण खान-पान पर ध्यान रखना जरूरी है. इस मौसम में हल्का व शीघ्र पचनेवाला आहार लेना चाहिए. डॉक्टर की माने तो बरसात के मौसम में मूंग दाल का सेवन करना उत्तम होता है. यह रोध प्रतिरोधक व शक्तिवर्धक है. इस मौसम में गरिष्ठ भोजन, तले हुए चटपटे स्वाद वाले पदार्थों का सेवन न करें, तो बेहतर है.
धूप से हो सकती है ये बीमारी
चिकित्सकों की माने तो बरसात में खाज, खुजली, सर्दी, खासी, उलटी, वायरल बुखार, दस्त, मलेरिया, डेंगू, टायफाइड, पीलिया आदि रोग फैलने लगते हैं. इससे बचने के लिए बारिश का पानी, धूप व गंदगी से बचने की जरूरत है.
रेफरल अस्पताल में है डॉक्टर की कमी
बदलते मौसम के साथ रेफरल अस्पताल में मरीजों की संख्या में जरूर इजाफा हुआ है. लेकिन बीमारियों से इसको लेकर रेफरल अस्पताल प्रबंधक विजय कुमार ने बताया कि रेफरल अस्पताल में जरूरत की सभी दवा का स्टॉक में है. लेकिन जरुरत के हिसाब से डॉक्टर उपलब्ध नहीं है.
दवा की व्यवस्था की जा रही है. इसके साथ रेफरल अस्पताल के चिकित्सक व कर्मी को सख्त रहने का विशेष निर्देश सीएस की तरफ से दिया गया है. इस तरह से मौसम को देखते हुए लोगों को बदलाव की जरूरत. यदि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बरती गयी तो इसका असर सीधे आपकी सेहत पर पड़ सकता है.
कहते हैं चिकित्सा पदाधिकारी
रेफरल अस्पताल के डॉ अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि इस मौसम में विशेष देखभाल की जरूरत होती है. बच्चे जल्द बीमारी की चपेट में आ जाते हैं. बच्चों में बीमारियों से लड़ने की रोग प्रतिरोधक क्षमता व्यस्कों की अपेक्षा कम होती है. साफ पानी व स्वच्छता की कमी बीमारियों की जड़ है. इस मौसम में शरीर की देखभाल जरूरी है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन