बीएन बांध पर कोसी का बढ़ा दबाव

Updated at : 06 Jul 2017 5:51 AM (IST)
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बीएन बांध पर कोसी का बढ़ा दबाव

खगड़िया : वीरवास सहित दर्जनों गांव के लोगों को बाढ़ के दौरान सुरक्षित बचाने के लिए किये गये पायलट चैनल निर्माण में अनियमितता हुई है. इस वजह से पानी का दबाव बीएन बांध पर बढ़ने लगा है. जिला परिषद अध्यक्ष कुमारी श्वेता भारती ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच मंत्रिमंडल निगरानी समिति से […]

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खगड़िया : वीरवास सहित दर्जनों गांव के लोगों को बाढ़ के दौरान सुरक्षित बचाने के लिए किये गये पायलट चैनल निर्माण में अनियमितता हुई है. इस वजह से पानी का दबाव बीएन बांध पर बढ़ने लगा है. जिला परिषद अध्यक्ष कुमारी श्वेता भारती ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच मंत्रिमंडल निगरानी समिति से कराने की मांग की है.

जिला परिषद अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर कहा है कि वीरवास पायलट चैनल निर्माण में 5 करोड़ रुपये खर्च होंगे. वहीं चैनल में पानी का प्रवाह नहीं हो रहा है. कारण है कि चैनल के निर्माण में जो गहराई मानक के अनुसार होनी चाहिए, वह नहीं की गयी है. जिसके कारण पानी का प्रवाह नहीं हो रहा है. पानी का दबाव बीएन बांध पर पड़ने लगा है. वीरवास सहित लगभग एक दर्जन गांव को सुरक्षित रखने के लिए अब तक सरकार द्वारा 30 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है.

अभी भी सर्किल नंबर एक के पैंकांत, वीरवास, देवठा, खरौआ, कोयला, बसुआ, पौरा, मैरा, लक्षमिणियां, पकरैल, लेवा आदि गांव सुरक्षित नहीं है. 55 हजार से अधिक की आबादी कोसी के जल स्तर वृद्धि होते ही भयभीत होने लगते हैं. ठेकेदार द्वारा प्रत्येक वर्ष पायलट चैनल के निर्माण के नाम पर लूट की जा रही है. लेकिन उद्देश्य की पूर्ति नहीं हो रही है.

सात वर्षों से चल रहा काम : वीरवास कटाव स्थल पर कटाव निरोधक कार्य सात वर्षों से चल रहा है, लेकिन पैंकांत गांव एवं पैंकांत को बचाया नहीं जा सका है. जिप अध्यक्ष ने बताया कि जार कंस्ट्रक्शन कंपनी पटना द्वारा चैनल का निर्माण किया जा रहा है. कंपनी द्वारा स्थानीय अधिकारी को मिलाकर पांच मीटर की जगह दो मीटर गड्ढा कर चैनल की दिशा बदल दी गयी. बिना लेनन कैरेट लगाये एनसी बैग एवं जीओ बैग का कैटरिंग किया गया है. कार्य शुरू करने से पहले लेवल नहीं लिया गया, नये वेटवार के निर्माण की जगह पुराने वेटवार की मरम्मत की जा रही है. उन्होंने बताया कि परकोपायन का कार्य लगभग 50 लाख का है. इसके अलावा पायलट चैनल की खुदाई की मिट्टी एक सौ मीटर पर रखना है, लेकिन मिट्टी खोदकर खुदाई स्थल के बगल में रख दिया गया है.
मंत्री मंडल निगरानी समिति से की जांच की मांग
पायलट चैनल के नाम पर किया गया 30 करोड़ खर्च
पायलट चैनल में नहीं हो रहा है पानी का प्रवाह
जिप अध्यक्ष सीएम को लिखा पत्र
बोले कार्यपालक अभियंता
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल 2 के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार वैश्य ने बताया कि जिला परिषद अध्यक्ष द्वारा की गयी शिकायत की जांच होगी. गड़बड़ी पाये जाने पर कार्रवाई की जायेगी. पायलट चैनल का निर्माण कई अधिकारियों की देखरेख में होता है.
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