गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में 10 टीबी मरीजों को मिला पोषण किट, नियमित इलाज पर दिया जोर

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पोषाहार कीट देते प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी | Prabhat Khabar Network

पोषाहार कीट देते प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी | Prabhat Khabar Network

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में 10 टीबी मरीजों को पौष्टिक पोषण किट बांटी गई. इस दौरान मरीजों को नियमित दवा सेवन और संतुलित आहार के महत्व की जानकारी दी गई.

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गोगरी (खगड़िया). प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में 10 टीबी मरीजों के बीच निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत पौष्टिक पोषण किट का वितरण किया गया. कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश, डीसीएलआर राजकुमार, अस्पताल प्रबंधक रूपक कुमार, बीसीएम नीतू कुमारी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे.

अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में चिन्हित टीबी मरीजों को बुलाकर उन्हें बीमारी से बचाव, नियमित दवा सेवन और पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी दी गई. मरीजों को चावल, आटा, दाल, सब्जी, तेल और अंडा सहित अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई.

क्या है निक्षय मित्र योजना?

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत संचालित निक्षय मित्र योजना का उद्देश्य टीबी मरीजों को पोषण, आजीविका एवं अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है. इसके तहत सक्षम नागरिक, सामाजिक संस्थाएं और कॉर्पोरेट संस्थान टीबी मरीजों को गोद लेकर उनकी सहायता कर सकते हैं, ताकि उपचार के दौरान उन्हें पर्याप्त पोषण मिल सके.

टीबी उन्मूलन में समाज की भागीदारी जरूरी

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सहभागिता भी आवश्यक है. उन्होंने लोगों से इस अभियान में सक्रिय योगदान देने की अपील की.

अस्पताल प्रबंधक रूपक कुमार ने कहा कि टीबी का समय पर इलाज, नियमित दवा सेवन और संतुलित पौष्टिक भोजन से इस बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग मरीजों के उपचार के साथ-साथ उनके पोषण की भी लगातार व्यवस्था कर रहा है.

लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, वजन कम होना, बुखार या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं. समय पर पहचान और नियमित उपचार से टीबी का सफल इलाज संभव है.


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रणवीर कुमार

लेखक के बारे में

By रणवीर कुमार

रणवीर कुमार प्रिंट माध्यम में 13 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. गोगरी (खगड़िया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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