तीन साल का समय खत्म, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज निर्माण रह गया अधूरा

Updated at : 30 Oct 2025 7:13 PM (IST)
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तीन साल का समय खत्म, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज निर्माण रह गया अधूरा

तीन साल का समय खत्म, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज निर्माण रह गया अधूरा

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– मई 2022 की योजना के लिए मई 2025 तक काम को करना था पूरा – 25 किलोमीटर में आधे का भी नहीं हुआ कार्य पूरा – 220 करोड़ की योजना में बुडको को महज 60 करोड़ की राशि हो पाया उपलब्ध – संवेदक ने समयविस्तार को मुख्यालय पटना को दिया है आवेदन कटिहार शहर में जलजमाव मजबूत चुनावी मुद्दा बना हुआ है. जलजमाव से मुक्ति के लिए भले ही 220 करोड़ से स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कार्य शुरू किया. तीन साल का समय बीत जाने के बाद भी स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज निमाण कार्य अधूरा रह गया. जिससे शहरवासियों को जलजमाव का खतरा अब भी बरकरार है. वजह है कि अधर में लटका स्टॉम वाटर ड्रेनेज निर्माण बिहार विधानसभा चुनाव में मुद्दा बन कर रह गया है. 2022 मई की इस योजना के लिए मई 2025 तक कार्य पूरा करने के लिए समय निर्धारित था. समय बीतने के बाद भी 25 किलोमीटर के ड्रेनेज में महज 10 किलोमीटर बन पाया है. आधे अधूरे कार्य से शहर के लोग परेशान हैं. हालांकि कार्य कर रहे बुडको द्वारा कहा जा रहा है कि 220 करोड़ की योजना में महज साठ करोड की राशि उपलब्ध हो पाया है. जितनी राशि उपलब्ध कराया गया है. उससे अधिक का कार्य पूरा कर लिया गया है. तय समय बीतने के बाद संवेदक द्वारा समय विस्तार के लिए मुख्यालय पटना को आवेदन दिया गया है. शहर के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि शहर में जलजमाव की समस्या वर्षों से है. हल्की बारिश में जगह-जगह जलजमाव की समस्या हो जाती है. मूसलाधार बारिश होने पर शहर का कई चौक चौराहा डूब जाने से आवागमन प्रभावित हो जाता है. जिस उद्देश्य से स्टॉम वाटर ड्रेनेज निर्माण कार्य कराया जा रहा है. अब तक पूरा नहीं होने से उनलोगों के बीच जलजमाव की समस्या से जूझने की मजबूरी बनी हुई है. 2022 की योजना 2023 में किया गया शुरू शहर के प्रबुद्ध जनों की माने तो यह योजना 2022 मई की है. बुडको द्वारा इसे 2023 शुरू किया गया. मई 2025 तक निर्माण कार्य पूरा कर लेना था. 220 करोड़ की लागत से शहर से जलजमाव से मुक्ति के लिए 25 किलोमीटर स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज निर्माण चार लेआउट के माध्यम से पूरा किया जाना है. अब तक साठ करोड़ रूपये बुडको को उपलब्ध कराया गया है. तीन ले आउट में कार्य जारी है. जिसके तहत दस किलोमीटर निर्माण कार्य पूरा किया जा सका है. इससे हल्की बारिश में ही पूर्व से अधिक जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है. निर्माण कार्य में कई जगहों पर एनओसी बन रही बाधा स्टॉम वाटर ड्रेनेज निर्माण कार्य में कई जगहों पर एनओसी बाधा बन रहा है. डीएस कॉलेज, जल संसाधन समेत कई जगहों पर एनओसी नहीं मिलने की वजह से कार्य ठप है. चार लेआउट में रोजितपुर, कोसी प्रोजेक्ट, कारी कोसी लेआउट में कार्य शुरू किया गया है. शेष जगह पर अब तक कार्य शुरू नहीं किया जा सका है. विकास कुमार, परियोजना निदेशक, बुडको

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