लापरवाही: केबी झा कॉलेज के बीसीए व बीबीए में नामांकन पर लटकी तलवार

Updated at : 08 Jun 2024 10:24 PM (IST)
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Electoral Roll Revision

केबी झा कॉलेज प्रशासन की लचर व्यवस्था का परिणाम जिले के वोकेशनल कोर्स पढ़ने वाले छात्रों को भुगतना होगा

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प्रतिनिधि, कटिहार. केबी झा कॉलेज प्रशासन की लचर व्यवस्था का परिणाम जिले के वोकेशनल कोर्स पढ़ने वाले छात्रों को भुगतना होगा. पीयू का एकमात्र अंगीभूत इकाई केबी झा कॉलेज में बीसीए के साथ बीबीए की पढ़ाई होती है. जहां दोनों कोर्स के लिए 2007 से ही नामांकन लेकर छात्र-छात्राएं वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई करते आ रहे हैं. नये सत्र में अब तक एआईसीटीई से मान्यता नहीं मिलने के कारण छात्रों के साथ छात्र संगठनों के सदस्यों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. एनएसयूआई के अमित पासवान, नकुल कुमार समेत अन्य का कहना है कि एआईसीटीई द्वारा कई माह पूर्व कोर्स के मान्यता के लिए निर्देश दिये गये थे. इसके लिए पोर्टल पर मांगी गयी सभी तरह की जानकारी सबमिट करना था. जिसमें आ रही समस्याओं को लेकर कुलपति पीयू से अवगत कराया गया था. मई प्रथम सप्ताह में कुलपति डॉ आरएन यादव की अध्यक्षता में आहूत नामांकन समिति की बैठक में अंगीभूत महाविद्यालय प्राचार्यों को निर्देश दिया गया था कि हर हाल में एआईसीटीई से मान्यता लेनी होगी. इसके लिए कुलपति के आग्रह कर एआईसीटीई के पोर्टल खोलने के लिए तिथि विस्तार की मांग की गयी थी. जिसके बाद पूर्णिया विवि के अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालयों में पूर्णिया कॉलेज, पूर्णिया महिला कॉलेज एवं डीएस कॉलेज द्वारा एआईसीटीई द्वारा उक्त कोर्स के लिए मान्यता ले ली गयी. एआईसीटीई के पोर्टल पर मांगी गयी सभी जानकारी सबमिट करने में असफल रहने के कारण केबी झा कॉलेज में चल रहे दोनों वोकेशनल कोर्स बीसीए व बीबीए को नये सत्र में नामांकन के लिए मान्यता नहीं मिल पायी है. हर वर्ष दोनों कोर्स में सीटें रह जाती है खाली छात्र संगठन के सदस्यों का कहना है कि केबी झा कॉलेज में बीबीए, बीसीए की पढाई होती है. पीयू के स्थापना काल के बाद से इन दोनों कोर्स के तय सीट के आधे से भी कम नामांकन होने से पूर्व से ही खिचखाच कर संचालित हो रही है. अब विवि का स्पष्ट निर्देश कि बिना एआईसीटीई की अनुमति के नामांकन संभव नहीं हो पायेगा. इससे छात्रों की परेशानी बढ़ गयी है. छात्र संगठन के सदस्यों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन समय पर कार्य नहीं करने का नतीजा है कि अब तक उक्त दोनों कोर्स के लिए एआईसीटीई से मान्यता नहीं मिल पायी है. कहते हैं प्राचार्य एआईसीटीई से मान्यता के लिए कोऑर्डिनेटर ने प्रयास किया था. इस बीच बीसीए कोऑर्डिनेटर डॉ गोपाल कुमार का पीयू पीजी हेड बनाये जाने के कारण उन्हें पूर्णिया विवि में योगदान करना पड़ा. अब तक एआईसीटीई के पोर्टल पर मांगी गयी जानकारी सबमिट नहीं किये जाने के कारण इस तरह की समस्या उत्पन्न हुई है. अब एआईसीटीई की पोर्टल पुन: खुलने पर ही बीसीए व बीबीए मान्यता के लिए मांगी गयी सभी जानकारी सबमिट किया जा सकेगा. हरेंद्र कुमार सिंह, प्राचार्य, केबी झा कॉलेज

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