अनदेखी: जेजे इंपोरियम बिक्री केन्द्र पर महीनों से लटक रहा ताला

Updated at : 01 Jan 2026 6:27 PM (IST)
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अनदेखी: जेजे इंपोरियम बिक्री केन्द्र पर महीनों से लटक रहा ताला

अनदेखी: जेजे इंपोरियम बिक्री केन्द्र पर महीनों से लटक रहा ताला

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– जूट व जैविक उत्पाद बिक्री नहीं होने से किसान मायूस, विभाग निष्क्रिय – 15 अगस्त 2024 को जिले के तत्कालीन प्रभारी मंत्री ने किया था उद्घाटन कटिहार जूट से तैयार सामान व जैविक विधि से उत्पादन की गयी सब्जी की बिक्री के लिए शहरी क्षेत्र में एकमात्र जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया ठिकाना जेजे इंपोरियम के प्रति कृषि विभाग की उदासीनता से ताला लटका हुआ है. बिक्री नहीं होने से किसान मायूस हैं. किसानों का कहना है कि विभाग से सहयोग नहीं मिलने से दिक्कत हो रही है. शुरूआत के दिनों में भले ही कुछ ग्राहकों के द्वारा सामान खरीदने आते थे. लेकिन इससे कम दामों में रसायनिक तरीके से की गयी खेती से उत्पादन सामग्रियों की कीमत इससे कम होने से वे लोग यहां पर आने से कतराने लगे हैं. जेजे इंपोरियम का उदघाटन 15 अगस्त 2024 को जिले के तत्कालीन प्रभारी मंत्री नीरज कुमार बबलू ने किया था. उक्त इंपोरियम से उन्होंने भी खुद जैविक उत्पादों में सब्जी व जूट से निमित कुछ सामानों का क्रय किया था. एकाध दो माह सही तरीके से चलने से उनलोगों के बीच उत्साह जगी थी कि अब जैविक विधि से की गयी खेती व जूट से तैयार सामान आसानी से बेच पायेंगे. लेकिन विभाग की ओर से इस दिशा में उदासीन रवैया अपनाने से वे लोग परेशान हैं. यह एफपीओ का एक पार्ट है लेकिन एफपीओ की ओर से इस ओर ध्यान नहीं दिये जाने के कारण वे इम्पोरियम में सामग्री लेकर बैठने वाले किसान पेशोपेश में हैं. लागत पूंजी निकाल पाना किसानों के लिए मुश्किल डीएम के मार्गदर्शन में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण कटिहार के सहयोग से कृषि विभाग द्वारा जूट एवं जैविक उत्पाद को बढावा देने के लिए स्थापित बिक्री केन्द्र जेजे इंपोरियम का जिले के तत्कालीन प्रभारी मंत्री नीरज कुमार बबलू ने उदघाटन किया था. जहां पूर्णरूप से जैविक उत्पादों में साग, सब्जी से लेकर जूट से बनने वाली कई तरह की सामग्रियां बिक्री के लिए ठिकाना उपलब्ध कराया गया. जूट किसानों की माने तो जूट से राखी, फोल्डर, खिलौने, आभूषण, चटाई, डोरमेट, बैग, थैला एवं अन्य हैंडीक्राफ्ट बनाने के लिए जिला से लेकर राज्य से बाहर प्रशिक्षण लेने गये थे. विभाग द्वारा हर हमेशा आश्वासन दिया जाता है कि प्रशिक्षण के बाद किसानों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए आसानी से बाजार उपलब्ध कराया जायेगा. बाजार के नाम पर एकमात्र जेजे इंपोरियम डीडीसी कार्यालय के पीछे उपलब्ध तो कराया गया लेकिन कारगर पहल नहीं उठाने की वजह से यहां ग्राहक कम पहुंच रहे हैं. जिसके वजह से उनलोगों को लागत पूंजी भी निकाल पाना मुश्किल साबित हो रहा है. किसानों द्वारा विभाग की ओर से हर संभव सहायता मुहैया कराये जाने की मांग की गयी है. किया जायेगा जेजे इम्पोरियम को पुनजीवित जूट व जैविक उत्पाद सामानों की बिक्री के लिए शहर में जेजे इंपोरियम के रूप में ठिकाना पूर्व में उपलब्ध कराया गया था. किसानों को जैविक विधि से तैयार सब्जियां, फल व जूट से निर्मित कई तरह के सामान यहां से बेचने के लिए दिया गया था. किन वजहों से जेजे इंपोरियम में कई माह से ताला लगा है. इससे अवगत होकर ही कुछ कहा जा सकता है. बहरहाल जेजे इंपोरियम को पुनजीवित करने की दिशा में प्रयास किया जायेगा. मिथिलेश कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, कटिहार

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