काढ़ागोला-पीरपैंती गंगा नदी पर पुल निर्माण होने से क्षेत्र का होगा विकास

Published by :RAJKISHOR K
Published at :05 May 2026 5:35 PM (IST)
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काढ़ागोला-पीरपैंती गंगा नदी पर पुल निर्माण होने से क्षेत्र का होगा विकास

काढ़ागोला-पीरपैंती गंगा नदी पर पुल निर्माण होने से क्षेत्र का होगा विकास

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– वर्षों पुरानी मांग- गंगा नदी पर पुल बनता तो विक्रमशिला हादसे से नहीं रुकती रफ्तार बरारी_ विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने से भागलपुर सहित कई जिलों का संपर्क टूटने के बाद बरारी में काढ़ागोला-पीरपैंती के बीच गंगा नदी पर पुल निर्माण की मांग फिर तेज हो गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह पुल बना होता तो आज सीमांचल और अंग क्षेत्र के लाखों लोगों को आवागमन की इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती. ऐतिहासिक महत्व, फिर भी उपेक्षित बरारी विधानसभा क्षेत्र 68 का मुख्यालय बरारी ऐतिहासिक धरोहरों से भरा है. कभी गंगा पीरपैंती के निकट बहती थी. काढ़ागोला गंगा घाट पर अंतरदेशीय जहाज चला करते थे. यह पूरा इलाका कारोबार का बड़ा केंद्र था. लेकिन आज काढ़ागोला घाट से पीरपैंती के बीच गंगा पर पुल और फोरलेन सड़क का निर्माण की मांग वर्षों से की जा रही है. लेकिन इस दिशा में पहल नहीं हो रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि केंद्र और राज्य में सरकार होने के बावजूद पुल को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई. विधायक, सांसद, एमएलसी सभी ने सिर्फ आश्वासन दिया. विकास पर लगा ब्रेक, विधानसभा में एक भी फोरलेन नहीं बरारी प्रखंड की करीब चार लाख की आबादी आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है. पूरे विधानसभा क्षेत्र में एक भी फोरलेन सड़क नहीं है. पुल नहीं होने से भागलपुर, झारखंड और पश्चिम बंगाल से सीधा संपर्क नहीं हो पाता. विक्रमशिला पुल बंद होने से यह दर्द और बढ़ गया है. एक लाख हेक्टेयर जमीन पर दबंगों का कब्जा क्षेत्र के किसानों की हालत बदतर है. किसानों की करीब एक लाख हेक्टेयर खेती की जमीन और बसोवास की जमीन पर दबंगों का कब्जा है. किसान कर्ज नहीं चुका पा रहे हैं. शिकायत करने पर किसानों से ही इतने सवाल किए जाते हैं कि वे निराश होकर घर बैठ जाते हैं. जबकि दबंगों से कोई पूछताछ नहीं होती. पुल बना तो बदलेगी तस्वीर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि काढ़ागोला-पीरपैंती गंगा पुल का निर्माण भोजन जितना जरूरी है. पुल बनने से बरारी सहित आसपास के क्षेत्र का चौमुखी विकास होगा. किसानों की फसल मंडी तक आसानी से पहुंचेगी. कटाव पीड़ित और विस्थापित परिवारों को संबल मिलेगा. रोजगार सृजन, व्यापार बढ़ेगा, युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. अतिक्रमण पर रोक लगेीग. ऐतिहासिक गंगा-दार्जिलिंग सड़क के दोनों ओर हुए अतिक्रमण पर कार्रवाई होगी और यातायात सुगम होगा. वैकल्पिक मार्ग, विक्रमशिला जैसे किसी भी पुल के बंद होने पर आवागमन बाधित नहीं होगा. मुख्यमंत्री से गुहार ग्रामीण, किसान और विस्थापित परिवारों ने मुख्यमंत्री से काढ़ागोला-पीरपैंती के बीच गंगा पर पुल निर्माण की मांग की है. लोगों का कहना है कि विकासोन्मुख सोच के साथ अगर जनप्रतिनिधि काम करें तो बरारी की तस्वीर बदल सकती है. फिलहाल यहां चाटुकारिता हावी है और जनता की मांगें फाइलों में दबी हैं. _

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