अलाव की चपेट में आने से अलग-अलग स्थानों पर सात महिलाएं झुलसीं

Updated at : 03 Jan 2026 7:07 PM (IST)
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अलाव की चपेट में आने से अलग-अलग स्थानों पर सात महिलाएं झुलसीं

अलाव की चपेट में आने से अलग-अलग स्थानों पर सात महिलाएं झुलसीं

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कंपकपाती ठंड बनी जानलेवा, सदर अस्पताल में सभी का इलाज जारी कटिहार जिले में जारी कंपकपाती ठंड से राहत पाने की कोशिश सात महिलाओं के लिए जानलेवा साबित हो गयी. एक सप्ताह के भीतर ठंड से बचाव के लिए घरों में अलाव जलाकर ताप रही सात महिलाएं आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गयी. सभी महिलाएं जिले के अलग–अलग प्रखंडों की निवासी हैं. घटनाएं भी अलग–अलग स्थानों पर हुईं. लेकिन सभी हादसों की वजह एक ही रही ठंड से बचने के लिए जलाए गये अलाव के दौरान कपड़ों में आग लग जाना. इस घटना में हसनगंज निवासी 50 वर्षीय संगीता देवी, मनिहारी निवासी 55 वर्षीय रेणु देवी, सेमापुर कावर कोठी निवासी 53 वर्षीय रमणी देवी आदि महिलाएं शामिल है. ठंड के बढ़ते प्रकोप के कारण ग्रामीण व शहरी इलाकों में लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं. इसी दौरान लापरवाही या अचानक संतुलन बिगड़ने से महिलाओं के कपड़ों में आग पकड़ ली. देखते ही देखते आग की लपटों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया. जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गयी. परिजनों व आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह आग पर काबू पाया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया है. सभी झुलसी महिलाओं को कटिहार सदर अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है. जहां उनका इलाज चल रहा है. डॉक्टर के अनुसार दो महिलाओं की स्थिति गंभीर बनी हुई है. जबकि पांच की हालत स्थिर बताई जा रही है. अस्पताल प्रबंधन की ओर से सभी को भर्ती कर घायलों को उपचार के साथ-साथ आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है. इन घटनाओं के बाद जिले में ठंड के मौसम में अलाव जलाने को लेकर सतर्कता की जरूरत एक बार फिर सामने आयी है. अलाव तापते समय ढीले और ज्वलनशील कपड़े पहनना बेहद खतरनाक हो सकता है. खासकर महिलाओं के लंबे दुपट्टे, साड़ी या शॉल आसानी से आग पकड़ लेते हैं. जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है. जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि ठंड से बचाव के दौरान पूरी सावधानी बरतें. अलाव जलाते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखें. बच्चों और महिलाओं पर विशेष ध्यान दें तथा संभव हो तो सुरक्षित हीटर या अन्य विकल्पों का इस्तेमाल करें. लगातार हो रही इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि ठंड से राहत पाने की छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है. जरूरत है सतर्कता और जागरूकता की. ताकि ठंड से बचाव करते हुए किसी की जान खतरे में न पड़े.

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