विद्यालयों में धूमधाम से मनायी गयी सावित्रीबाई फुले की जयंती

विद्यालयों में धूमधाम से मनायी गयी सावित्रीबाई फुले की जयंती
कोढ़ा प्रखंड के विभिन्न सरकारी व निजी विद्यालयों में गुरुवार को भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनायी गयी. विद्यालय परिसरों में संगोष्ठी, भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन और प्रभात फेरी का आयोजन किया. शिक्षकों व विद्यार्थियों ने सावित्रीबाई फुले के जीवन व संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज की पहली और सबसे मजबूत नींव है. मड़वा नजरा चौकी उत्क्रमित उच्च विद्यालय में सावित्री वाई फुले की जयंती प्राचार्य महानंद पंडित के नेतृत्व में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मनायी गयी. बालिका शिक्षा, समानता और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ उनके योगदान को याद किया जा रहा है. प्राचार्य ने बताया कि सावित्रीबाई फुले ने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा के माध्यम से समाज को नई दिशा दी. उनके आदर्श आज भी प्रेरणास्रोत हैं. नई पीढ़ी को शिक्षा के प्रति जागरूक रहने की सीख देते हैं. जयंती समारोह के समापन पर विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार मानते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करेंगे.
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