संसाधन के अभाव में दम तोड़ रहा 1963 में स्थापित आरडीएस कॉलेज

Author Rajkishor k|Edited by Shruti Kumari
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संसाधन के अभाव में दम तोड़ रहा 1963 में स्थापित आरडीएस कॉलेज

आरडीएस कॉलेज

कटिहार के 1963 में स्थापित आरडीएस कॉलेज की स्थिति बेहद खराब है। जर्जर भवन और संसाधनों की कमी से छात्रों का भविष्य अधर में है। जानिए पूरी रिपोर्ट।

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बलिया बेलौन : बारसोई अनुमंडल क्षेत्र का एकमात्र अंगीभूत महाविद्यालय आरडीएस कॉलेज सालमारी इन दिनों संसाधनों की कमी और जर्जर भवन के कारण बदहाली का सामना कर रहा है. वर्ष 1963 में स्थापित इस कॉलेज ने क्षेत्र को कई प्रशासनिक अधिकारी, मंत्री, सांसद और विधायक दिए, लेकिन आज आधारभूत सुविधाओं के अभाव में यहां पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

जर्जर भवन के कारण बंद हुआ ऊपरी तल्ला

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. शेखर कुमार जायसवाल ने बताया कि कॉलेज का दो मंजिला भवन काफी जर्जर हो चुका है. ऊपरी तल्ले की छत कई जगह से टूट रही है. छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए उसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है. वर्तमान में भूतल पर कार्यालय, प्रयोगशाला, छात्राओं का कॉमन रूम और स्टाफ रूम संचालित हो रहे हैं, जबकि पठन-पाठन के लिए केवल दो बड़े हाल उपलब्ध हैं. इन्हीं में सैकड़ों छात्रों की कक्षाएं चल रही हैं.

फर्नीचर और कक्षाओं की भारी कमी

प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज में छात्रों के बैठने के लिए केवल 66 जोड़ी बेंच-डेस्क उपलब्ध हैं. पर्याप्त कक्ष और फर्नीचर नहीं होने से नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है और छात्रों की उपस्थिति भी लगातार घट रही है. शिक्षकों की कमी पहले की तुलना में कम हुई है, लेकिन आधारभूत संरचना की समस्या अब भी बनी हुई है.

कई बार भेजे गए प्रस्ताव, नहीं मिली मंजूरी

कॉलेज प्रशासन के अनुसार भवन निर्माण और अन्य सुविधाओं के लिए विश्वविद्यालय, यूजीसी, जनप्रतिनिधियों और उच्च शिक्षा विभाग को कई बार प्रस्ताव भेजे गए. कटिहार सदर विधायक सहित कई जनप्रतिनिधियों को भी कॉलेज की स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी.

यहीं से निकले कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी

आरडीएस कॉलेज से पढ़ाई कर चुके लोगों में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, कदवा विधायक दुलाल चंद्र गोस्वामी, पूर्व मंत्री हिमराज सिंह, पूर्व विधायक स्व. अब्दुल जलील सहित कई प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं. इसके बावजूद कॉलेज आज बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है.

नए भवन और नए कोर्स शुरू करने की मांग

शिक्षा प्रेमी हाजी मरगुबुल हक ने कॉलेज की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो यह संस्थान बंद होने की कगार पर पहुंच सकता है. उन्होंने बिहार सरकार, उच्च शिक्षा विभाग, यूजीसी, पूर्णिया विश्वविद्यालय तथा स्थानीय सांसद और विधायक से नए शैक्षणिक भवन, पर्याप्त बेंच-डेस्क और एमए, एमएससी, एमकॉम, बीसीए, बीबीए तथा बीएड जैसे व्यावसायिक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग की.

स्थानीय लोगों का कहना है कि आरडीएस कॉलेज बारसोई अनुमंडल के हजारों विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है. यदि इसकी आधारभूत सुविधाओं का शीघ्र विस्तार नहीं किया गया तो क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ेगा.

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राजकिशोर

लेखक के बारे में

By राजकिशोर

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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