IRSE अधिकारी रमेश कुमार ने संभाला पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अपर महाप्रबंधक का कार्यभार

रूपेश कुमार
Ramesh Kumar : इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ़ इंजीनियर्स (IRSE) के 1991 बैच के वरिष्ठ अधिकारी रमेश कुमार ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के नए अपर महाप्रबंधक (AGM) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है. उनके तीन दशकों के समृद्ध संगठनात्मक अनुभव से कटिहार सहित एनएफआर के सभी पांच रेल मंडलों में बुनियादी ढांचे और स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है.
कटिहार से नीरज की रिपोर्ट
Ramesh Kumar: कटिहार रेल मंडल सहित पूरे पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक खबर है. भारतीय रेल अभियांत्रिक सेवा (IRSE) के वरिष्ठ और बेहद अनुभवी अधिकारी रमेश कुमार ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अपर महाप्रबंधक (Additional General Manager – AGM) का उच्च पदभार संभाल लिया है. एनएफआर के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले कटिहार रेल मंडल सहित अन्य पांच रेल मंडलों में रेलवे के आधुनिकीकरण को लेकर यह एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. रमेश कुमार ने गोविंद बल्लभ पंत विश्वविद्यालय, नैनीताल से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक (B.Tech) की उपाधि प्राप्त की है और वे 1991 बैच के प्रतिष्ठित आईआरएसई अधिकारी हैं.
तीन दशकों का समृद्ध अनुभव; कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय रेल परियोजनाओं का किया नेतृत्व
- अनुभव का लंबा सफर: उन्होंने नवंबर, 1992 में भारतीय रेल में अपनी आधिकारिक सेवा की शुरुआत की थी. वे रेलवे के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास, निर्माण, तकनीकी रखरखाव और बड़े प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में तीन दशकों (30 वर्ष) से भी अधिक का समृद्ध और विविध अनुभव रखते हैं.
- महत्वपूर्ण पदों पर रहे आसीन: अपने विशिष्ट करियर के दौरान उन्होंने दक्षिण पूर्व रेलवे, रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (RLDA), रेलवे बोर्ड और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में कई उच्च पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं. वे पश्चिम बंगाल में बहुचर्चित ‘तमलुक-दीघा नई रेल लाइन परियोजना’ के लिए उप मुख्य अभियंता (Deputy Chief Engineer) के रूप में कार्य कर चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने रेलवे लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी में संयुक्त महाप्रबंधक और रेलवे बोर्ड में निदेशक (भूमि एवं सुविधाएं) के नीति-निर्धारक पद की कमान संभाली है.
अमृत भारत स्टेशन योजना के रहे हैं विशेषज्ञ; कटिहार मंडल को मिलेगा सीधा फायदा
स्टेशन पुनर्विकास में महारत: एनएफआर के एजीएम का कार्यभार संभालने से ठीक पहले रमेश कुमार पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में ही मुख्य परियोजना निदेशक (स्टेशन विकास) के रूप में कार्यरत थे. इस पद पर रहते हुए वे केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ (ABSS) और विभिन्न प्रमुख स्टेशनों के विश्वस्तरीय पुनर्विकास (Redevelopment) के प्रोजेक्ट्स को सीधे लीड कर रहे थे. यही वजह है कि कटिहार रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले जिन स्टेशनों को इस योजना के तहत अपग्रेड किया जा रहा है, वहां अब निर्माण और यात्री सुविधाओं के विस्तार की गति काफी तेज होने की उम्मीद है.
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे मुख्यालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों, मुख्य इंजीनियरों और कर्मचारी संगठनों ने नए अपर महाप्रबंधक का गर्मजोशी से स्वागत किया है. सभी ने बुके भेंट कर उनके सफल और गौरवशाली कार्यकाल के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की हैं.
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By दिव्यांशु प्रशांत
दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे दैनिक जागरण में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने टी. एन. बी. कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक किया है, जिसके कारण साहित्य, पठन-पाठन, लेखन और कविता-सृजन में उनकी विशेष रुचि है। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।
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