ePaper

रहमत, अजमत, बरकत वाला महीना है रमजान

Updated at : 11 Mar 2025 6:32 PM (IST)
विज्ञापन
रहमत, अजमत, बरकत वाला महीना है रमजान

21वें रोजा से तीसरा अशरा होता है शुरू

विज्ञापन

फोटो 1 कैप्शन- मौलाना मेराज आलम, फाइल फोटो. प्रतिनिधि, बलिया बेलौन मरकजी रोयते हेलाल इस्लाही कमेटी सालमारी के मौलाना मेराज आलम ने कहा कि पूरे रमजानुल मुबारक का महीना खुदा की तरफ से रहमत, अजमत, बरकत वाला महीना है. अल्लाह रब्बुल इज्जत ने इस बरकत वाले मुबारक महीने को तीन अशरा में बांटा है. एक रोजा से दस रोजा तक पहला अशरा है. पहला अशरा खुदा की रहमत वाला है. इस अशरे में खुदा की रहमत नाजिल होती है. 11 रोजा से दूसरा अशरा शुरू होता है. कल से दूसरा अशरा शुरू हो रहा है. इस अशरा में खुदाए पाक अपने बंदों की मगफिरत करते हैं. यानी अल्लाह पाक अपने बंदों के गुनाहों को माफ़ फरमाते हैं. इस अशरे में हमें चाहिए कि बारगाहे खुदावंदी में ज्यादा से ज्यादा गुनाहों की माफी के लिए मगफिरत करें. 21वें रोजा से तीसरा अशरा शुरू होता है. तीसरा अशरा जहन्नुम की आग से निजात का है. इस अशरा में अल्लाह रब्बुल इज्जत अपने बंदों को जहन्नुम की आग से बचाते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ANIMESH KUMAR

लेखक के बारे में

By ANIMESH KUMAR

ANIMESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन