महिला शिक्षा के जनक ज्योतिबा फुले की जयंती पर शिक्षकों ने समाज सुधार की प्रेरणा

महिला शिक्षा के जनक ज्योतिबा फुले की जयंती पर शिक्षकों ने समाज सुधार की प्रेरणा
कोढ़ा प्रखंड के खेरिया पंचायत स्थित आदर्श मध्य विद्यालय खेरिया में महान समाज सुधारक व शिक्षा के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा राव फुले की जयंती श्रद्धा, उत्साह और गरिमा के साथ मनायी गयी. शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य विनोद कुमार व उमावि खेरिया की प्रधानाध्यापिका स्वर्णलता कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर की. संकुल अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के दर्जनों शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही. शिक्षकों ने फुले के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया. प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने महात्मा ज्योतिबा राव फुले के जीवन और उनके संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि फुले न केवल देश के प्रथम शिक्षक थे. बल्कि वे एक महान समाज सुधारक भी थे. सती प्रथा जैसी कुरीतियों के उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. फुले ने देश में महिला शिक्षा की नींव रखी और पहला बालिका विद्यालय स्थापित कर समाज में एक नई दिशा दी. विधवाओं के उत्थान के लिए उन्होंने विधवा आश्रम की स्थापना की और अपनी पत्नी सावित्री बाई फुले को शिक्षित कर उन्हें भारत की पहली महिला शिक्षिका के रूप में स्थापित किया. समारोह में शिक्षक फतेह आलम, ओम प्रकाश भारती, धन्यजय कुमार, दिव्यांशी कुमारी, रूपम कुमारी, किरण कुमारी, रामलखन, मोईनुल हक सहित कई अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे. विद्यालय के शिक्षक राहुल कुमार, नजीम, दिलीप कुमार, नजमुल हक, अरविंद कुमार, फूल कुमारी, रीना कुमारी, गीता, व्योमेश विपुल, शिल्पा रौथ, पूनम राजू कुमार, चुपन रजक ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई. अंत में सभी शिक्षकों ने महात्मा फुले के बताए मार्ग पर चलने और शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प लिया।
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