हेसला पंचायत में 1200 से अधिक क्वार्टर खाली, 8000 की आबादी पर विस्थापन का संकट

Updated at : 11 Apr 2026 8:50 PM (IST)
विज्ञापन
Ramgarh News

हेसला पंचायत में पीटीपीएस का क्वार्टर और सूनी पड़ी गली. फोटो: प्रभात खबर

Ramgarh News: पतरातू के हेसला पंचायत में पीटीपीएस के 1200 क्वार्टर खाली कराए जाने से 8000 लोगों पर विस्थापन का संकट मंडरा रहा है. लोग बेघर होने और रोजगार छिनने की चिंता में हैं. पुनर्वास की मांग तेज हो गई है, जबकि प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट

Ramgarh News: रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड स्थित हेसला पंचायत इन दिनों गंभीर संकट से जूझ रही है. पंचायत क्षेत्र में स्थित पीटीपीएस (पतरातू थर्मल पावर स्टेशन) के करीब 1200 आवासों को खाली कराया जा रहा है. इस कार्रवाई से लगभग 8000 की आबादी सीधे प्रभावित हो रही है. वर्षों से इन क्वार्टरों में रह रहे परिवारों के सामने अब अचानक बेघर होने की स्थिति बन गई है, जिससे पूरे इलाके में चिंता का माहौल है.

223 एकड़ जमीन जियाडा को हस्तांतरित

जानकारी के अनुसार, ये सभी आवास करीब 223 एकड़ भूमि पर बने हुए थे. पीटीपीएस प्लांट के बंद होने के बाद झारखंड सरकार ने इस जमीन और आवासों को जियाडा (झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) को सौंप दिया. अब जियाडा इस क्षेत्र को खाली कराने की प्रक्रिया में जुटा है, जिसके तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है.

खुद घर खाली करने को मजबूर लोग

हाल के दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने-अपने घरों को खुद ही खाली करते नजर आए. घरों से सामान निकालते समय लोगों के चेहरे पर गहरी मायूसी और असहायता साफ दिख रही थी. कई परिवार दशकों से यहां रह रहे थे, ऐसे में अचानक घर छोड़ने की नौबत उनके लिए मानसिक रूप से भी बेहद पीड़ादायक साबित हो रही है.

रोजगार और आजीविका पर भी संकट

स्थानीय लोगों का कहना है कि हेसला पंचायत में रहने वाले अधिकतर लोग ठेला-खोमचा, छोटे व्यवसाय या दिहाड़ी मजदूरी से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. ऐसे में अचानक किसी नए स्थान पर जाकर बसना उनके लिए बेहद कठिन है. उनके सामने केवल आवास ही नहीं, बल्कि रोजगार का भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है.

वैकल्पिक व्यवस्था नहीं, बढ़ी अनिश्चितता

कई प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके पास न तो कोई वैकल्पिक आवास है और न ही सरकार की ओर से कोई स्पष्ट पुनर्वास योजना सामने आई है. ऐसे में वे अपने भविष्य को लेकर गहरे असमंजस में हैं. बच्चों की पढ़ाई, रोजमर्रा की जरूरतें और सामाजिक जीवन—सभी पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है.

उजड़ने की कगार पर पंचायत

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह आवास खाली होते रहे, तो आने वाले समय में हेसला पंचायत पूरी तरह उजड़ सकती है. इससे न केवल पंचायत की पहचान खत्म हो जाएगी, बल्कि सामाजिक ताना-बाना भी बिखर जाएगा.

इसे भी पढ़ें: दुमका के मसलिया में साइबर अपराध का खुलासा, दो युवक गिरफ्तार

पुनर्वास की मांग तेज

लोगों ने सरकार से मांग की है कि विस्थापित परिवारों के लिए ठोस पुनर्वास योजना बनाई जाए. उनका कहना है कि बिना उचित व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई से हजारों लोग बेघर हो जाएंगे. फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई जारी है और पूरे क्षेत्र में भय, असमंजस और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.

इसे भी पढ़ें: हंटरगंज के आवासीय स्कूल में ‘महापाप’ की चहुंओर निंदा, बालिका आश्रय गृह भेजी गई पीड़िता

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola