थाना के घेराव में मुखिया सहित दो दर्जन से अधिक नामजद

Published by :RAJKISHOR K
Published at :27 Apr 2025 6:44 PM (IST)
विज्ञापन
थाना के घेराव में मुखिया सहित दो दर्जन से अधिक नामजद

थाना के घेराव में मुखिया सहित दो दर्जन से अधिक नामजद

विज्ञापन

फॉलोअप – डंडखोरा थाना के घेराव में 100-150 अज्ञात के विरूद्ध दर्ज की गयी है प्राथमिकी – भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष ने डीजीपी से बात कर घटना की जानकारी देकर जांच की मांग की प्रतिनिधि, डंडखोरा जिले के डंडखोरा थाना पर हमला व पुलिस पदाधिकारी के साथ मारपीट मामले में डंडखोरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. पुलिस ने आधिकारिक तौर पर प्राथमिकी दर्ज करने की की बात सार्वजनिक नहीं की है लेकिन सूत्रों की माने तो करीब दो दर्जन से अधिक नामजद तथा 100 से 150 अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है. थानाध्यक्ष ओमप्रकाश महतो के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. जानकारी मिली है कि प्राथमिकी में थानाध्यक्ष ने भाजपा प्रखंड अध्यक्ष सह रायपुर के मुखिया आलोक चौहान के नेतृत्व में भीड़ को उकसाने का आरोप लगाया गया है. भाजपा प्रखंड सह मुखिया आलोक कुमार सहित कई प्रमुख लोगों को थाना में हमला एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ मारपीट करने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है. इस बीच घटना में शामिल लोगों के घर पकड़ को लेकर दहशत व्याप्त है. थाना क्षेत्र के नवादा गांव एवं उसके आसपास के इलाके में दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा. जानकारी के मुताबिक अधिकांश घर से पुरुष घर छोड़कर इधर-उधर छुपे हुए है. गांव में ऐसी चर्चा है कि कभी भी पुलिस यहां फिर से छापेमारी शुरू कर देगी तथा धर पकड़ करेगी. उल्लेखनीय है कि शनिवार के अहले सुबह जिले के डंडखोरा थाना में शराब तस्कर के गिरफ्तारी के विरोध में ग्रामीणों ने डंडखोरा थाना पर हमला कर दिया था तथा थानाध्यक्ष सहित कई पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट किया गया था. थाना अध्यक्ष ओमप्रकाश महतो, अपर थानाध्यक्ष अमलेंदु सिंह, सुमन कुमार, राजीव रंजन सहित कई पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट की तथा उन्हें घायल कर दिया था. इस बीच जानकारी के मुताबिक पुलिस को अपनी आत्मरक्षा हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी. नवादा व आसपास के गांव में पसरा है सन्नाटा घटना के बाद से ही नवादा गांव एवं उससे सटे हुए गांव के लोग गांव छोड़कर इधर-उधर छुपे हुए है. गांव के कुछ घरों में महिलाएं व बच्चे नजर आ रहे हैं. अधिकांश पुरुष घर में नहीं है. महिलाओं ने बातचीत में कहा कि गांव के लोगों में दशक व्याप्त है तथा डरे हुए है. लोगों को इस बात की डर सता रहा है कि कभी भी पुलिस छापामारी कर उन्हें पकड़ कर ले जा सकती है. कई लोगों ने कहा कि इस घटना से उन्हें कोई लेना देना नहीं है. पुलिस की कार्रवाई जिस तरह से हो रही है. उससे हमलोगों के बीच दहशत बना हुआ है. कई महिलाओं ने कहा कि जिस तरह पुलिस ने शनिवार को गांव में आकर मुखिया एवं उनके रिश्तेदारों के घरों सहित कई घरों में तोड़फोड़ व मारपीट की घटना को अंजाम दिया है. उससे लोग डरे एवं सहमे में हुए है. इस बीच लोग इस बात का पता लग रहे है कि थाना में दर्ज किये गये प्राथमिकी में किन-किन लोगों का नाम दिया गया है. रविवार होने की वजह से एफआईआर की कॉपी उपलब्ध नहीं हो सकी है. इसलिए माना जा रहा है कि सोमवार को कोर्ट खुलने के बाद एफआईआर की कॉपी के लेकर उसकी पड़ताल करते हुए अगला कदम उठायेंगे. पांच को न्यायिक हिरासत में भेजा गया इधर घटना के दिन हिरासत में लिए गये पांच लोगों को न्यायिक प्रक्रिया के बाद जेल भेज दिया है. डंडखोरा पुलिस में जिन पांच लोगों को जेल भेजा है. उनमें रिंकी देवी, चिंकी देवी, गिरिजा प्रसाद व रेणु देवी शामिल है. यह सभी नवादा गांव, थाना डंडखोरा के निवासी है. जबकि गिरफ्तार रंजीत कुमार बांका जिले के धोरैया थाना अंतर्गत तेलंदर गांव के निवासी है. गिरफ्तार युवक सूरज का हो मेडिकल जांच: चंद्रभूषण भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ चंद्रभूषण ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा की एक टीम ने नवादा गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. भाजपा प्रखंड अध्यक्ष व स्थानीय मुखिया आलोक कुमार व उनके अन्य रिश्तेदारों तथा गांव के महिलाओं से बातचीत की. पूरी घटना की जानकारी ली. डॉ ठाकुर ने पुलिस महानिदेशक विनय कुमार से दूरभाष पर घटना की जानकारी दी व निष्पक्ष जांच की मांग की है. डीजीपी को बताया कि शराब के आरोप में एक युवक को तीन दिनों तक थाने में रखा गया था. उसके साथ मारपीट की. गांव के लोगों का कहना था कि तीन दिन तक थाने में क्यों रखा है. उसे जेल क्यों नहीं भेजा. गांव के लोग आक्रोशित थे. उन्होंने डीजीपी को यह भी बताया कि पुलिस की टीम ने मुखिया सह भाजपा प्रखंड अध्यक्ष आलोक कुमार एवं पूर्व मुखिया स्व संदीप चौहान के घर पर आकर तोड़फोड़ की तथा मोबाइल, लैपटॉप एवं अन्य सामानों को क्षति पहुंचाया है. आलोक की गर्भवती पत्नी एवं उनकी महिला रिश्तेदारों के साथ मारपीट की, जो काफी निंदनीय है. डीजीपी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए शराब के आरोप में गिरफ्तार युवक सूरज कुमार की मेडिकल जांच करने की भी मांग की है. भाजपा जिला उपाध्यक्ष आलोक मंडल, महेन्द्र कुमार झा, नरेश मंडल, भाजपा प्रखंड महामंत्री संतोष कुमार साह, उपाध्यक्ष श्याम प्रकाश केवट, मंत्री विशाल कुमार थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJKISHOR K

लेखक के बारे में

By RAJKISHOR K

RAJKISHOR K is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन