मक्का की कटाई शुरू, कुरसेला मंडी में लौटी रौनक

Published by :RAJKISHOR K
Published at :27 Apr 2026 6:59 PM (IST)
विज्ञापन
मक्का की कटाई शुरू, कुरसेला मंडी में लौटी रौनक

मक्का की कटाई शुरू, कुरसेला मंडी में लौटी रौनक

विज्ञापन

– रैक प्वाइंट पर बढ़ी ट्रैक्टर-ट्रकों की आवाजाही, भाव गिरने के डर से किसान जल्द बेचने को मजबूर कुरसेला मक्का फसल की कटाई शुरू होते ही कुरसेला मंडी की रौनक लौट आई है. मौसम अनुकूल होने से किसान खेतों में मक्का तैयार करने में जुट गए हैं. मंडी में थोक और खुदरा व्यापारियों के यहां मक्का की आवक रोज बढ़ रही है. ट्रैक्टर-ट्रकों की कतारों से रैक प्वाइंट से लेकर सड़कों तक चहल-पहल बढ़ गई है. मक्का कारोबार का हब बना कुरसेला कुरसेला अब उत्तर बिहार के बड़े मक्का मंडियों में शुमार हो गया है. यहां एक दर्जन से ज्यादा धर्मकांटा और बड़े भंडारण गोदाम खुल चुके हैं. मक्का की आवक बढ़ने से अगले कुछ हफ्तों में रैक प्वाइंट पर मालगाड़ियों में लोडिंग का काम भी रफ्तार पकड़ेगा. कारोबारियों का कहना है कि इस बार सीजन में रिकॉर्ड खरीद-बिक्री की उम्मीद है. दाम पर टिकी निगाहें फिलहाल मक्का का भाव थोड़ा ठीक मिलने से किसानों के चेहरे पर हल्की मुस्कान है. लेकिन रोज बदलते रेट ने चिंता बढ़ा दी है. किसान मौजूदा दर का लाभ उठाने के लिए जल्दी-जल्दी फसल तैयार कर मंडी पहुंचा रहे हैं. उन्हें आशंका है कि आवक ज्यादा होने पर दाम न गिर जाएं. हालांकि मंडी के जानकार बताते हैं कि इस बार मक्का के रेट में बड़ी गिरावट की संभावना कम है. लागत के आगे दाम कम किसानों का दर्द है कि खाद, बीज, डीजल, जुताई और सिंचाई का खर्च कई गुना बढ़ गया है. ऐसे में मौजूदा रेट से लागत निकालना मुश्किल है. किसान संगठन 3500 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक दाम की मांग कर रहे हैं. कुरसेला और सीमावर्ती इलाकों में सैकड़ों हेक्टेयर में मक्का मुख्य नकदी फसल है. जिले की अर्थव्यवस्था में मक्का की अहम भूमिका है. एमएसपी नहीं, व्यापारी तय करते हैं रेट सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि मक्का के लिए सरकारी स्तर पर कोई न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं है. न ही खरीद केंद्र की व्यवस्था है. सरकार की घोषणाएं कागजों तक सीमित हैं. बाजार में व्यापारी ही रेट तय करते हैं. छोटे और सीमांत किसान कर्ज चुकाने की मजबूरी में उसी रेट पर फसल बेच देते हैं. नतीजा, मुनाफा तो दूर लागत भी नहीं निकल पाती और किसान कर्ज के जाल में फंसे रह जाते हैं. किसानों ने सरकार से मक्का को एमएसपी के दायरे में लाने और पैक्स के जरिए खरीद शुरू कराने की मांग की है.

विज्ञापन
RAJKISHOR K

लेखक के बारे में

By RAJKISHOR K

RAJKISHOR K is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन