कटिहार के कुरसेला में 'रसेल वाइपर' दिखने से ग्रामीणों में हड़कंप

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 05 Jun 2026 3:20 PM

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खेत में दिखा रसेल वाइपर

Russell Viper Snake: कटिहार जिले के कुरसेला प्रखंड में देश के सबसे विषैले और खतरनाक सांपों में शुमार 'रसेल वाइपर' (Russell's Viper) के दिखने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है.

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कटिहार के कुरसेला से अजीत कुमार ठाकुर की रिपोर्ट

Russell Viper Snake: कटिहार जिले के कुरसेला प्रखंड अंतर्गत गंगा और कोसी के तटीय इलाकों में इन दिनों एक बेहद खौफनाक और जानलेवा संकट मंडरा रहा है. प्रखंड की दक्षिणी मुरादपुर और जरलाही पंचायत के सीमावर्ती बहियार (खेतों) में भारत के सबसे जहरीले सांपों में से एक ‘रसेल वाइपर’ को खुलेआम घूमते देखा गया है. खेत में काम कर रहे किसानों की नजर जब इस चित्तीदार भारी-भरकम सांप पर पड़ी, तो उनके होश उड़ गए. ग्रामीणों ने दूर से ही इसकी तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए, जिसके बाद से बहियार जाने वाले मक्का और जूट किसानों में भारी खौफ व्याप्त है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस सांप का जहर हीमोटोक्सिक (रक्त को जमाने वाला) होता है, जिसके काटने के बाद अगर एक घंटे के भीतर एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom) न मिले, तो इंसान के शरीर के अंग काम करना बंद कर देते हैं और मौत निश्चित हो जाती है.

पिछले 2 सालों में कई महिलाओं की ले चुका है जान; दियारा में बढ़ा प्रकोप

  • कमलाकांही गांव की घटना: स्थानीय जानकारों ने बताया कि इस इलाके में पिछले दो वर्षों से रसेल वाइपर का कुनबा तेजी से बढ़ा है. पिछले साल जून 2025 में पूर्वी मुरादपुर पंचायत के कमलाकांही गांव की एक महिला को गोलैया बहियार में इसी सांप ने डस लिया था, जिसकी सिलीगुड़ी हायर सेंटर में इलाज के दौरान तड़प-तड़प कर मौत हो गई थी.
  • गोबराही दियारा का मामला: इसी तरह पिछले साल जुलाई में गंगा पार गोबराही दियारा के एक सुदूर गांव में घर के भीतर सो रही एक अन्य महिला को भी रसेल वाइपर ने अपना शिकार बनाया था, जिससे उसकी भी जान चली गई थी. इन बड़ी घटनाओं के अलावा भी दर्जनों मवेशी इस सांप के दंश का शिकार हो चुके हैं.

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क्यों बढ़ रही है इस सांप की तादाद: वन्यजीव विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों का मानना है कि रसेल वाइपर मूल रूप से सूखे जंगलों और पथरीले इलाकों का जीव है, लेकिन कोसी और गंगा नदी में आने वाली सालाना भीषण बाढ़ के कारण ये सांप झारखंड और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों से बहकर कुरसेला के तटीय गांवों और जूट के खेतों तक पहुंच जाते हैं. जूट के घने खेतों में इन्हें छिपने और चूहों के रूप में भरपूर भोजन का शिकार आसानी से मिल जाता है. मटमैले रंग का होने के कारण यह सूखी पत्तियों और मिट्टी में आसानी से नजर नहीं आता और जब अनजाने में किसानों का पैर इस पर पड़ता है, तो यह बिजली की रफ्तार से ‘स्प्रिंग’ की तरह उछलकर सीधा जानलेवा हमला करता है.

वन विभाग की टीम रेस्क्यू में जुटी; जूता पहनने और सतर्क रहने की अपील

खेतों में रसेल वाइपर के खुलेआम घूमने की खबर के बाद स्थानीय पंचायत प्रशासन और पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आ गया है. इस संबंध में दक्षिणी मुरादपुर पंचायत के मुखिया डॉ. ललन राम ने प्रभावित गांवों में मुनादी (ढोल बजाकर) कराकर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि:

  • सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या ओझा-गुणी के चक्कर में समय बर्बाद बिल्कुल न करें, बल्कि मरीज को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कुरसेला ले जाएं, जहाँ एंटी-वेनम इंजेक्शन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है.
  • अगर कहीं भी सांप दिखाई दे, तो उसे खुद मारने या पकड़ने के बजाय तुरंत स्थानीय प्रशासन या वन विभाग के अधिकारियों को सूचित करें.

इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए कुरसेला थाना अध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस और वन विभाग की एक संयुक्त रेस्क्यू टीम को वायरल फोटो वाले जीपीएस लोकेशन पर भेजा गया था. हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही सांप घने खेतों के भीतर कहीं ओझल हो गया, जिसकी तलाश सघन सर्च ऑपरेशन चलाकर की जा रही है. थाना अध्यक्ष ने बहियार जाने वाले सभी किसानों और मजदूरों से सुरक्षा के लिहाज से अनिवार्य रूप से पैरों में मोटे गमबूट (लंबे जूते) पहनने, हाथ में लाठी रखने और पूरी सावधानी बरतने की कड़क अपील की है.

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लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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