कोढ़ा के किसानों को नहीं मिल रही सिंचाई की सुविधा

कोढ़ा के किसानों को नहीं मिल रही सिंचाई की सुविधा
कोढ़ा प्रखंड के खेरिया पंचायत में कभी किसानों की उम्मीदों का केंद्र रहा हेड पंप आज शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. जिस हेड पंप को सरकार ने खेतों की सिंचाई के लिए लाखों रुपए खर्च कर लगाया था. वह अब जंग खाकर बेकार पड़ा है. खेतों में पानी पहुंचाने का सपना देखने वाले किसान आज भी आसमान की ओर ताक रहे हैं. लेकिन हकीकत यह है कि सरकारी लापरवाही और देखरेख के अभाव में यह हेड पंप वर्षों से बंद पड़ा है. खेरिया पंचायत के किसान बताते हैं कि जब यह हेड पंप लगाया था. तब सभी को उम्मीद थी कि अब सूखा या बारिश की कमी से फसलों को नुकसान नहीं होगा. धान, गेहूं और मक्का की खेती के लिए किसानों को भरपूर पानी मिलेगा. उत्पादन में वृद्धि होगी. शुरू के कुछ महीनों तक यह हेड पंप चालू रहा. मशीन की मरम्मत न होने और मोटर खराब हो जाने के बाद यह पूरी तरह बंद हो गया. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों से इसकी मरम्मत और चालू करने की मांग की गयी. अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई. हेड पंप के आसपास की जगह अब झाड़ियों से भर गई है. मशीन पर जंग की परत चढ़ चुकी है. खेतों की मेड़ों पर खड़े किसान अब भी याद करते हैं कि कभी इसी जगह से पानी की धार खेतों तक जाती थी. जिससे फसलें लहलहाती थीं.किसानों का कहना है कि सरकार केवल योजनाएं बनाती है. निगरानी और रखरखाव पर ध्यान नहीं देती. अगर यह हेड पंप दोबारा चालू कर दिया जाए तो पंचायत के सैकड़ों किसानों को राहत मिल सकती है. इस इलाके में बारिश पर पूरी तरह निर्भर खेती को इससे बड़ी सहायता मिल सकती है. किसान प्रतिनिधियों ने मांग की है कि कृषि विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारी इस पर तत्काल संज्ञान लें और बंद पड़े हेड पंप को फिर से चालू करायें.
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