Katihar news : डीएस कॉलेज प्रशासन के अनुमति के बिना हो रहा मैदान का उपयोग
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 11 Dec 2024 11:08 PM
बिना अनुमति सिपाही फिजिकल ट्रेनिंग के नाम पर चल रहा व्यवसाय, कॉलेज प्रशासन बना हुआ है मूकदर्शक
कटिहार. डीएस कॉलेज खेल मैदान का इन दिनों कॉलेज प्रशासन के नाक के नीचे दुरुपयोग हो रहा है. कॉलेज के छात्र-छात्राओं के खेल के लिए बनाये गये खेल मैदान में छात्र कम निजी एकेडमिक के नाम से फिजिकल ट्रेनिंग के रूप में व्यवसाय किया जा रहा है. सिपाही फिजिकल तैयारी के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेने के बावजूद कॉलेज प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है. अभ्यर्थियों से छह से आठ हजार रूपये प्रति माह लेकर डीएस कॉलेज मैदान में तैयारी करायी जा रही है. इसको लेकर अभाविप के एसडब्ल्यूसी मेम्बर विनय कुमार सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विक्रांत सिंह, सत्यम कुमार समेत अन्य ने सवाल खड़ा करते हुए कॉलेज प्रशासन को इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया है. उनलोगों की माने तो यह पहली दफा नहीं है कि कॉलेज का खेल मैदान का दुरुपयोग किया जा रहा है. कॉलेज की जमीन राज्यपाल के नाम से दिया गया है. कॉलेज का खेल मैदान हो या कोई अन्य विभाग कॉलेज प्रबंधन इसके लिए जिम्मेवार होते हैं. खेल मैदान हो या वर्गकक्ष में किसी तरह के आयोजन के लिए अनुमति जरूरी है. निजी आयोजन के लिए कुलपति व परिसंपदा पदाधिकारी का भी अनुमति आवश्यक हो जाता है. बिना अनुमति किस तरह से कॉलेज खेल मैदान का उपयोग किया जा रहा है. यह जांच का विषय है. उनलोगों की माने तो सिपाही लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को इसी मैदान में फिजिकल के लिए तैयारी की जा रही है, जिसमें लंबी कूद, ऊंची कूद, दौड़, गोला फेंक आदि प्रशिक्षण शामिल है. भेरिया रहिका, बीएमपी-7, मकईपुर व दूर दूर से लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की माने तो वे लोग फिजिकल तैयारी के नाम पर चार से आठ हजार रूपये लेने के बाद ही उनलोगों को इस एकेडमिक में शामिल किया गया है. उनलोगों की माने तो नौ दिसंबर से उनलोगों का दौड़ शुरू है. जो फरवरी-मार्च तक होनी है. अब सवाल उठता है कि बिना अनुमति के कॉलेज खेल मैदान में किस तरीके से तैयारी के नाम पर व्यवसाय चलाया जा रहा है. यह तो जांच के बाद ही मामले का खुलासा हाे पायेगा.
नहीं है किसी तरह की जानकारी
डीएस कॉलेज खेल मैदान में फिजिकल तैयारी की जा रही है. इस मद में अभ्यर्थियों से कितनी राशि ली जा रही है. जानकारी नहीं है और न ही ऐसे ट्रेनिंग के लिए किसी तरह की उनसे अनुमति ली गयी है. जांच के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है.डॉ संजय कुमार सिंह, प्राचार्य, डीएस कॉलेज, कटिहार
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