भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने समाहरणालय पर दिया धरना

भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने समाहरणालय पर दिया धरना
कटिहार अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने समाहरणालय के समक्ष गुरुवार को धरना प्रदर्शन किया. प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के प्रांतीय महामंत्री बृजेश कुमार ने किया. प्रांतीय मंत्री ने कहा कि जिला आत्मा पूरी तरह से लूट खसोट का अड्डा बन गया है. उन्होंने कहा कि हमारी मांगें है कि आत्मा, कटिहार के उप-परियोजना निदेशक शशिकान्त झा एवं लेखापाल प्रभाकर कुमार को अविलंब दायित्व से मुक्त किया जाये, भूमि व राजस्व विभाग बिहार सरकार द्वारा चलाये जा रहे महाअभियान में अंलच अमीन, कर्मचारियों द्वारा जमीन नापी व रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर खुलेआम तीन से चार हजार किसानों से ले रहे हैं. इस पर अंकुश लगाया जाये, नया बिजली कनेक्शन के लिए जब आवेदन किया जाता है तो बेवजह रिजेक्ट कर दिया जाता है. तीन से चार हजार देने पर सिलेक्ट कर नया कनेक्शन दिया जाता है. इस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जाये, संघ के प्रांतीय मंत्री जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर ध्यान आकर्षित कराते हुए दिए ज्ञापन में कहा की कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), कटिहार के उप परियोजना निदेशक (शशिकान्त झा), एवं लेखापाल प्रभाकर कुमार जो संविदा पर नियोजित अस्थाई कर्मी है. इनके द्वारा आत्मा को लूट-खसोट का अड्डा बना दिया गया है. इनके कार्यशैली से जिले भर के किसान असंतुष्ट है. जिले से बाहर या अन्य प्रदेश के कार्यक्रम में अपने चुनिंदा किसानों को ही लेकर जाया या भेजा जाता है. उपस्थिति 20 किसानों की रहेगी तो वही कागज पर अधिक किसानों कि संख्या दिखाकर सरकारी पैसों का बंदर-बांट कर लेते है. नियामानुसार इनके कार्य व कार्य के प्रदर्शन के आधार पर इनकी सेवा अवधि बढ़ाई जाती है. परन्तु लेखापाल प्रभाकर कुमार के विरूद्ध प्रपत्र क कार्यालय के ज्ञापांक 78, 16 मार्च 2017 को गठित हुआ. 68.29,407 रूपया इनके द्वारा किया गया गबन साबित भी हुआ. इनको निलंबित कर दिया गया था. लेखापाल प्रभाकर कुमार द्वारा जब भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया था. तब आत्मा कटिहार में परियोजना निदेशक के प्रभार में वर्तमान उप-परियोजना निदेशक शशिकान्त झा ही थे. फिर भी इन दोनों पर आज तक कोई कार्यवाही न होना इनके रसुक व अधिकारियों के मिलिभगत को दर्शाता है. दिए आवेदन में कहा की अस्थाई कर्मी होते हुए इनपर नियमित कर्मी का वेतन उठाने का भी आरोप है.
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