सीमांचल में फैल रहा जाली सिक्के का धंधा

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क्राइम . हरियाणा के अपहृत व्यवसायी के हत्यारों की िगरफ्तारी से खुला था राज दिल्ली, उत्तर प्रदेश व बिहार में नेपाल के सीमा क्षेत्र में जाली सिक्का खपाया जाता है. इस बात का खुलासा दिल्ली में िगरफ्तार नरेश नामक व्यक्ति ने पुलिस पूछताछ में किया था. अररिया : सीमावर्ती इलाके में जाली नोट के कारोबार […]

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क्राइम . हरियाणा के अपहृत व्यवसायी के हत्यारों की िगरफ्तारी से खुला था राज

दिल्ली, उत्तर प्रदेश व बिहार में नेपाल के सीमा क्षेत्र में जाली सिक्का खपाया जाता है. इस बात का खुलासा दिल्ली में िगरफ्तार नरेश नामक व्यक्ति ने पुलिस पूछताछ में किया था.
अररिया : सीमावर्ती इलाके में जाली नोट के कारोबार के साथ-साथ अब जाली सिक्के के कारोबार का भी खुलासा हुआ है. इस बात की भनक अगस्त माह में उस समय हुई जब हरियाणा के अपहृत व्यवसायी के मामले में जिले के जोगबनी इंदिरा नगर से दो अपराधियों को फारबिसगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद गिरफ्तार इंदिरा नगर निवासी राजकुमार सिंह व रूपेश सिंह से पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ में यह बात सामने आयी थी कि हरियाणा के व्यवसायी की हत्या कर दी गयी है. इतना ही नहीं उन लोगों ने खास बात बतायी थी कि सीमांचल के इलाके में नकली सिक्के का कारोबार भी चल रहा है.
इसके बाद तो पुलिस की नींद उड़ गयी. अपराधियों के पास से नकली सिक्के तो बरामद नहीं हुए थे पर दोनों ने नकली सिक्के के कारोबार में शामिल होने की बात कबूल की थी. इस कारोबार में हरियाणा के व्यवसायी रमेश वर्मा जिनकी हत्या हुई व मधुबनी जिले के अजय कुमार झा का भी नाम जाली सिक्के के कारोबार में सामने आया. पूछताछ में यह भी बात सामने आयी थी कि दिल्ली निवासी सोनू व राज भी रमेश वर्मा के साथ नकली सिक्का बनाने का काम करता था.
साथ ही यूपी से बिहार तक भारत व नेपाल के सीमावर्ती इलाके में इसे खपाया करता था. हाल के दिनों में दिल्ली में गिरफ्तार नरेश नामक अपराधी ने भी पुलिस पूछताछ में इस बात का खुलासा किया कि उसका भी संबंध सोनू व राज से है. नरेश द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार इस बात का तो सबूत मिलता है कि सीमावर्ती क्षेत्र में जाली नोट के अलावा जाली सिक्कों का भी कारोबार चलता है. इस कारोबार में जिले के भी कुछ लोग शामिल हैं.
जाली सिक्कों के कारोबार के कारण हुई थी हरियाणा के व्यवसायी की हत्या : पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा के व्यवासायी के अपहरण को ले व्यवसायी पुत्र ने फारबिसगंज थाना में अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी. क्योंकि उसका लोकेशन बार-बार फारबिसगंज के आसपास आ रहा था. जब इस आधार पर जोगबनी के इंदिरानगर से राजकुमार सिंह व रूपेश कुमार सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो इस बात का खुलासा हुआ कि अपहृत व्यवसायी नेपाल के विराटनगर गया था
और वहां बेतुला होटल में रुका था. वहां से रमेश वर्मा को ले अजय कुमार झा, राजकुमार सिंह व रूपेश कुमार सिंह पटना के लिए रवाना हुए. रास्ते में मधुबनी के चकदह में अजय कुमार झा का घर पड़ता है. वहां पर सभी खाना खाने के लिए रुके और वहीं पर रमेश वर्मा की हत्या कर दी गयी. हत्या के बाद उसके शव को मुजफ्फरपुर जिले के अहियारपुर के पास एनएच 57 के किनारे फेंक दिया गया था. जानकारी के अनुसार व्यवसायी के साथ जाली सिक्कों के हिसाब में हुई गड़बड़ी के कारण ही की गयी थी.
हरियाणा से भी जुड़ा है नकली सिक्के का कारोबार
व्यवसायी रमेश वर्मा का घर हरियाणा में था और वह वहां से सोनू या राज के संपर्क में था. इससे इस बात का प्रमाण तो मिलता ही है कि हरियाणा या हिसार के आस पास के क्षेत्रों में नकली सिक्का बनाने का काम चल रहा है. वहां पर पुलिस को इस मामले में सफलता भी मिली है. विगत तीन अक्तूबर 2016 को दिल्ली पुलिस द्वारा नकली सिक्का बनाने के मामले में गिरफ्तार किये गये हरियाणा के चरखी दादरी के नरेश के संबंध में विशेष जानकारी लेने को लेकर अररिया पुलिस द्वारा भी दिल्ली पुलिस से संपर्क साधा गया, जहां से कुछ ऐसी जानकारी पुलिस को मिली है जिस ओर पुलिस अनुसंधान कर रही है.
जानकारी अनुसार हिसार के तोशमा रोड स्थित एक पुलिया के निकट पौने सात लाख रुपये से ज्यादा के पांच-पांच रुपये के सिक्के बरामद किये गये. पुलिस द्वारा कार्रवाई की जद में आये दो लोगों में से एक सोनू था व दूसरा रविंद्र उर्फ मोनू था. जबकि हरियाणा के हिसार में ही नकली सिक्का के तीन सप्लायर को 18 अगस्त 2016 को पुलिस ने पांच-पांच रुपये के 73 सिक्कों के साथ गिरफ्तार भी किया था. बरामद किये गये नकली सिक्के ज्यादातर वर्ष 2007 व 2008 के बने हैं.
हरियाणा के ही हिसार में 55 थैला में बरामद किया गया पांच-पांच रुपये के छह लाख 87 हजार पांच सौ रुपये के सिक्के मिलने के बाद वहां की विजिलेंस एवं सीआइ टू की टीम ने छानबीन शुरू की थी. छानबीन में बार-बार हरियाणा के हिसार के अपराधियों का ही नाम आ रहा है. इससे यह तो प्रतीत हो रहा है नकली सिक्का बनाने का मामला हरियाणा से दिल्ली तक है और उसे खपाने का काम सीमांचल में किया जा रहा है.
दिल्ली पुलिस से किया जा रहा है संपर्क
हरियाणा के व्यवसायी की हत्या मामले में बाकी चिह्नित अपराधियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है. जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में नकली सिक्का बना कर उसे खपाने के मामले को फारबिसगंज पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है. इसके लिए दिल्ली में गिरफ्तार अपराधी से पूछताछ करने में जुटी दिल्ली पुलिस से लगातार संपर्क में हैं.
सुधीर कुमार पोरिका, एसपी
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