मांगों को ले बाढ़ पीड़ितों ने एनएच-81 को पांच घंटे तक किया जाम, हंगामा

Updated at : 26 Jul 2019 7:00 AM (IST)
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मांगों को ले बाढ़ पीड़ितों ने एनएच-81 को पांच घंटे तक किया जाम, हंगामा

प्राणपुर : पांच सूत्री मांगों को लेकर बाढ़ पीड़ितों ने पांच घंटे तक एनएच-81 को जाम कर विरोध प्रकट किया. भाकपा माले के कॉमरेड प्रदीप कुमार राय, आइसा के प्रदेश उपाध्यक्ष काजीम इरफानी ने कहा कि प्राणपुर प्रखंड को पूर्ण बाढ़ प्रभावित घोषित किया जाये. बाढ़ की तैयारी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा […]

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प्राणपुर : पांच सूत्री मांगों को लेकर बाढ़ पीड़ितों ने पांच घंटे तक एनएच-81 को जाम कर विरोध प्रकट किया. भाकपा माले के कॉमरेड प्रदीप कुमार राय, आइसा के प्रदेश उपाध्यक्ष काजीम इरफानी ने कहा कि प्राणपुर प्रखंड को पूर्ण बाढ़ प्रभावित घोषित किया जाये. बाढ़ की तैयारी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है.

इस दौरान सड़क जाम में घंटों फंसे बारसोई न्यायालय के न्यायाधीश को लौटना पड़ा. प्रखंड क्षेत्र के बस्तौल चौक पर प्रखंड कमेटी भाकपा माले ने बाढ़ पीड़ितों के समस्याओं व बाढ़ के स्थायी निदान के लिए मनिया चौक से पांच किमी पैदल चलकर बस्तौल चौक पर एनएच 81 को पांच घंटे तक जाम रखा.
सड़क जाम का नेतृत्व कर रहे कॉमरेड प्रदीप कुमार राय ने स्थानीय प्रशासन से मिलने से मना कर दिया. वह डीएम या एसडीओ से मिलने की मांग पर अड़ गये. बाद में प्राणपुर सीओ विनय कुमार, प्राणपुर थानाध्यक्ष रंजय कुमार सिंह ने उनकी सभी मांगों को जायज बताते हुए बहुत समझा बुझाकर सड़क जाम हटवाया और संबंधित उच्चाधिकारियों को उनकी मांगों से अवगत कराया.
श्री राय ने बताया कि 19 जुलाई से ही प्राणपुर में बाढ़ का पानी प्रवेश करते हुए लगातार पांच दिनों तक पूरे प्रखंड क्षेत्र में अपना विनाशकारी तांडव मचाया. लेकिन डीएम इस बात को मानने से इनकार करती हैं.
इसलिए प्रखंड क्षेत्र के बाढ़पीड़ितों का गुस्सा भड़क उठा है. हम सरकार को चेतावनी देते हुए यह प्रदर्शन कर रहे हैं. अगर सरकार समय पर हमारी मांगों को लेकर विचार नहीं करती है, तो आने वाले दिनों में जिला मुख्यालय पर पूर्ण नाकेबंदी कर दी जायेगी.
आइसा के प्रदेश उपाध्यक्ष इरफानी ने कहा कि बाढ़ की विभीषिका हर वर्ष हमारे सीमांचल क्षेत्र को तबाह व बर्बाद कर गरीबों-किसान व मजदूरों का जीना दूभर कर रही है. इस सरकार में न्याय के साथ विकास के सारे दावे सिर्फ कागजी हो रहे हैं. यह सरकार ठेकेदारों व प्रशासन की कठपुतली बनकर रह गयी है. हमारी मांग है कि महानंदा बेसिन प्रोजेक्ट को तुरंत युद्धस्तर पर शुरू किया जाये.
सभी नदियों के तटबंधों का पक्कीकरण कर उसमें स्लुईस गेट का निर्माण किया जाये, ताकि किसानों को खेती करने में सहूलियत हो और बाढ़ की विभीषिका से बचा जा सके. पूरे प्रखंड क्षेत्र के किसानों व बटाईदारों की फसल क्षति का सही से आकलन कर उन्हें 20 हजार रुपये प्रति एकड़ भुगतान किया जाये. मौके पर भाकपा माले नेता शाहबाज दीदार, अविनाश सिंह, काजी शाहबाज, सद्दाम हुसैन, आशिफ आलम, बिटका हेंब्रम, छोटू रॉय, भीमलाल उरांव, महेंद्र उरांव, पप्पू उरांव के साथ सैकड़ों बाढ़ पीड़ित परिवार उपस्थित थे.
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