नगर पर्षद की मिलीभगत से शहर में घटिया सड़क व नालियों का हो रहा निर्माण

शहर के वीआइपी कॉलोनी, चकबंदी रोड सहित कई सड़कें दे रहीं घटिया निर्माण की गवाही
लाखों खर्च, कुछ ही महीनों में सड़कों में गड्ढे व दरार = शहर के वीआइपी कॉलोनी, चकबंदी रोड सहित कई सड़कें दे रहीं घटिया निर्माण की गवाही = लगातार शिकायतों और सूचना के बावजूद नगर पर्षद के अधिकारी व जनप्रतिनिधि नहीं ले रहे संज्ञान = नगर पर्षद में राशि बंदरबांट, भ्रष्टाचार और अनियमितता की मिली हुई है खुली छूट करोड़ों की सड़कें बनने के साथ हुईं जर्जर, लोगों में भारी आक्रोश भभुआ सदर. भ्रष्टाचार व अनियमितताओं में हरदम लिपटी रहने वाली नगर पर्षद भभुआ में सरकारी मद की राशि का किस तरह दुरुपयोग किया जाता है और आपसी मिलीभगत से बंदरबांट होता है, इसका जीता-जागता नमूना शहर में हाल-फिलहाल करोड़ों रुपये की लागत से बनायी गयी चकबंदी रोड, वीआइपी कॉलोनी व हवाई अड्डा रोड में देखने को मिल रहा है. इन सड़कों का निर्माण प्राक्कलन के अनुसार नहीं कराया गया. घटिया निर्माण किये जाने की वजह से सड़कों की हालत बनने के साथ ही खराब होने लगी है. जगह-जगह गहरे गड्ढ़े उभर आये हैं और सड़कें धूल में मिलती नजर आ रही हैं. स्थिति यह हो चुकी है कि देखने से प्रतीत ही नहीं होता कि ये सड़कें लाखों रुपये की लागत से हाल ही में बनायी गयी हैं. इसको लेकर लोगों में काफी आक्रोश व्याप्त है. खराब हो चुकी इन नयी सड़कों की मरम्मत कराने को लेकर मुहल्लेवासियों ने नगर पर्षद में आवेदन भी दिया है, लेकिन आवेदन दिये जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. शहरवासी शैलेश मिश्रा, धीरेंद्र गुप्ता, शालिनी पांडेय सहित अन्य लोगों का कहना है कि नगर पर्षद ने लूट-खसोट के लिए शहर के अधिकतर सड़कों व नालियों का घटिया निर्माण कराया, जो बनने के साथ ही टूटने लग गयी. जब सड़कें क्षतिग्रस्त होने लगीं तो मरम्मत के लिए नगर पर्षद कार्यालय में आवेदन दिया गया, लेकिन आवेदन दिये जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. मरम्मत तो दूर, क्षतिग्रस्त सड़कों को देखने तक कोई गंभीर नहीं दिख रहा है. 60 लाख की लागत से बना चकबंदी रोड भी बदहाल गौरतलब है कि पिछले वर्ष मार्च-अप्रैल माह में शहरी विकास योजना के तहत लगभग 60 लाख रुपये की लागत से शहर के चकबंदी रोड तथा 25 लाख 93 हजार 705 रुपये की लागत से वार्ड एक में हवाई अड्डा रोड व वीआइपी कॉलोनी में पीसीसी सड़क व नाली का निर्माण कराया गया था. लेकिन निर्माण में लूट की खुली छूट मिलने के कारण सभी सड़कें बनने के साथ ही दरकने लगीं और पहले जैसी जर्जर हालत में पहुंच गयी हैं. निर्माण कार्य में प्राक्कलन की घोर अनदेखी की गयी और घटिया मैटीरियल का उपयोग किया गया. गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं कराये जाने के कारण सड़क व नाली बनते ही टूटने लगी हैं. इधर, सड़क व नाली निर्माण के छह महीने बीत जाने के बावजूद न तो मरम्मत करायी गयी है और न ही घटिया निर्माण करने वालों पर कोई कार्रवाई की गयी है. इससे नगर पर्षद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. = नगर पर्षद में सरकारी राशि का चूना लगवा रहे जिम्मेदार दरअसल, एक ओर तो केंद्र व राज्य सरकार जहां शहरी क्षेत्र के विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च रही है. वहीं, दूसरी ओर नगर पर्षद भभुआ क्षेत्र के विकास कार्यों में अनियमितताओं के साथ घटिया सामग्रियों का उपयोग कर निर्माण करने वाले जिम्मेदार राशि का दुरुपयोग कर सरकार को चूना लगाने में लगे हुए हैं. कोई कार्रवाई नहीं होने की वजह से जिम्मेदार लोग भी लगातार मनमानी पर उतर आये हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है. क्या कहते हैं शहरवासी— – नगर पर्षद में सरकारी राशि और जनता के पैसे की लूट मची हुई है. उनके वार्ड में जो भी कार्य कराये गये है, उसमें काफी अनियमितता बरती गयी है. उच्च अधिकारियों के कार्रवाई नहीं करने से इनके हौसले और बुलंद हैं. अनुपम कुमार, अधिवक्ता – शहर में वीआइपी कॉलोनी एक अलग पहचान रखता है, लेकिन हाल फिलहाल नप ने संवेदकों से मिलीभगत से घटिया सड़क का निर्माण करा दिया गया. निर्माण के बाद से ही सड़क पर डाली गयी सीमेंट और गिट्टी उखड़ने लग गयी है. ऐसे घटिया निर्माण पर नगर पर्षद के इओ को तत्काल जिम्मेदारों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन कार्रवाई तो दूर कोई संज्ञान तक नही लिया गया. सोनू कुमार, किसान
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