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Kaimur News : घूस मांगने में प्रिंसिपल के साथ शामिल रहे कर्मी आशीष छुट्टी पर रहने के कारण बच गया

Updated at : 18 Sep 2025 10:41 PM (IST)
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Kaimur News : घूस मांगने में प्रिंसिपल के साथ शामिल रहे कर्मी आशीष छुट्टी पर रहने के कारण बच गया

वेतन के दो लाख रुपये रिलीज करने के लिए एक लाख रुपये मांगी थी घूस

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माहनिया शहर. पॉलिटेकनिक कॉलेज के शिक्षक गौरव कुमार वर्मा ने बकाया वेतन रिलीज करने के लिए 100000 (एक लाख) रुपये घूस मांगने की जब शिकायत निगरानी में की, तब ममाले के सत्यापन के लिए बीते 11 सितंबर को ही निगरानी विभाग के एक अधिकारी को भेजा गया था़ जब वह अधिकारी शिक्षक गौरव कुमार वर्मा के साथ घुस की शिकायत के सत्यापन के लिए पॉलिटेक्निक कॉलेज पर आया था, तब प्रिंसिपल अजय कुमार एवं कर्मी आशीष कुमार केसरी मिलकर दो लाख रुपये बकाया वेतन देने के लिए एक लाख रुपये घूस की मांग की थी़ इसके बाद निगरानी थाना, पटना में प्रिंसिपल अजय कुमार व कर्मी आशीष कुमार केसरी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम में प्राथमिकी दर्ज की गयी़ गुरुवार को जब निगरानी की टीम छापेमारी करने के लिए पॉलिटेक्निक कॉलेज पर पहुंची, तो प्रिंसिपल को 60000 रुपये घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया़ लेकिन, आशीष कुमार केसरी गुरुवार को छुट्टी पर था़ इस कारण वह पकड़े जाने से बच गया़ लेकिन, आशीष कुमार केसरी निगरानी के सत्यापन के दौरान घूस मांगने में प्रिंसिपल के साथ शामिल था़ इस कारण उसे पर भी प्राथमिक की दर्ज हुई है और उस पर भी केस आगे चलेगा़

काफी आग्रह के बाद कम किया था घूस की रकम

प्रखंड के मछनहटा के पास स्थित पोलटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल अजय कुमार ने वेतन के दो लाख रुपये रिलीज करने के लिए एक लाख रूपये की रिश्वत की मांग की थी. जहां टीचर ने शिकायत के दौरान निगरानी की टीम भी सून कर हैरान रह गयी कि दो लाख रूपये के लिए एक लाख का रिश्वत प्रिंसिपल द्वारा मांगी गयी़ हालांकि, शिक्षक ने प्रिंसिपल से रिश्वत की राशि कम करने के लिए रिक्वेस्ट किया, तो 60 हजार पर बात बनी थी.

निगरानी से मिली राशि जैसे ही प्रिंसपल को दी, टीम ने धबोचा

शिक्षक गौरव लंबे समय से प्रिसिंपल से वेतन के लिए गुहार लगा रहे थे़ लेकिन वह बगैर घुस के वेतन देने को तैयार ही नहीं था़ प्रिसिपल घुस लेने में इतना माहिर था कि वेतन का आधा पैसा घुस ही मांगता था़ उसके घुसखोरी से तंग आने के बाद निगरानी में शिकायत गौरव ने की थी़ इसके आलोक में निगरानी विभाग की टीम 11 सितंबर को मछनहटा कॉलेज में सत्यापन के लिए पहुंची. निगरानी टीम के सामने भी प्रिंसिपल ने रिश्वत की मांग की थी़ मामला सही पाये जाने के बाद निगरानी ने कॉलेज के प्रिंसिपल व कर्मचारी दोनों पर प्राथमिकी दर्ज की़ इसके बाद 17 सितंबर को निगरानी के डीएसपी बिपल्व कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया. वहीं, निगरानी द्वारा दी गयी राशि टीचर ने प्रिंसिपल को दी, उसी दौरान पीछे से निगरानी की टीम पहुंच प्रिंसिपल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. जबकि कर्मचारी आशीष कुमार केशरी छुट्टी पर था़ इससे ट्रेप नहीं हो सका. इधर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय थाना के साथ भारी संख्या में पुलिस जवान की तैनाती थी. प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर मोहनिया के एक होटल में निगरानी टीम लेकर पहुंची, जहा कागजी करवाई के बाद पटना अपने साथ लेकर गयी. निगरानी के टीम में डीएसपी बिपल्व कुमार के अलावा इंस्पेक्टर नजीमुद्दीन, एएसआई मणि कांत सिंह, रविशंकर, कुमार रितेश, राहुल कुमार, हिमांशु कुमार सहित अन्य लोग शामिल थे.

मोहनिया से कई अधिकारी को गिरफ्तार कर चुकी है निगरानी

निगरानी की टीम मोहनिया से आइएएस से लेकर बीपीएस अधिकारी को पकड़ चुकी है. निगरानी का छापा यह कोई मोहनिया में खनन विभाग में पहली छापेमारी नहीं हुई हैं. इसके पहले मोहनिया में करीब आधा दर्जन अधिकारी के ठिकाने पर छापेमारी कर कई अधिकारी को पकड़ अपने साथ ले गयी है. मोहनिया से ही आइएएस व बीपीएस के अधिकारी के साथ साथ कई कर्मी को घुस लेते निगरानी पकड़ चुकी है. इसमें मोहनिया के एसडीओ के पद पर रहे आइएस डॉ जितेंद्र गुप्ता को एक ट्रक चालक से ओवर लोड में पकड़े जाने के बाद पैसे लेकर छोड़ने के मामले में निगरानी के टीम से पकड़ा था, हालांकि बाद में न्यालय के आदेश पर निगरानी द्वारा दर्ज केश को खत्म हो गया था. इसके साथ ही जिला परिवहन पदाधिकारी के पद पर रहे अमिनेश कुमार को भी मोहनिया चेकपोस्ट से निगरानी के टीम ने पैसे लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था. जबकि नगर पंचायत के लिपिक को भी निगरानी की टीम ने 12500 रूपये घूस के साथ पकड़ा था. इसके साथ ही मोहनिया थाना पदस्थापित रहे राशिद खा को 10 हजार रूपये घुस लेते निगरानी ने पकड़ कर पटना ले गयी थी.जबकि निगरानी द्वारा जिले के रामपुर बीडीओ वर्षा तर्वे को एक लाख 15 हजार रूपये घूस लेते उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था. सब कुछ मिला कर यह कहा जा सकता है की निगरानी का कैमूर जिले से पुराना नाता रहा हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANCHDEV KUMAR

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By PANCHDEV KUMAR

PANCHDEV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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