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हर साल बढ़ रहा बजट का आकार, फिर भी नहीं बदल रही नगर पर्षद क्षेत्र की सूरत

Updated at : 19 Feb 2026 3:59 PM (IST)
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हर साल बढ़ रहा बजट का आकार, फिर भी नहीं बदल रही नगर पर्षद क्षेत्र की सूरत

नगर पर्षद भभुआ ने इस बार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग पौने तीन अरब का बजट पेश करने का लक्ष्य रखा है.

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= इस बार 2.75 अरब का बजट तैयार, ड्रोन स्क्रीनिंग व पिंक टॉयलेट की मिलेगी सौगात = वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर पर्षद ने दो अरब 36 करोड़ 52 लाख का बजट किया था पेश होली से पहले पेश होगा 2026-27 का बजट, विकास योजनाओं के लिए 27 फरवरी तक मांगी गयी जनता की राय मल्टी लेवल पार्किंग, चिल्ड्रेन पार्क व सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी आधुनिक सुविधाओं पर रहेगा विशेष फोकस भभुआ सदर. नगर पर्षद भभुआ ने इस बार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग पौने तीन अरब का बजट पेश करने का लक्ष्य रखा है. होली पर्व से पहले संभावित फरवरी के अंत तक पेश किये जाने वाले नगर पर्षद बजट को लेकर नप कार्यालय में जोर शोर से तैयारियां भी शुरू हैं. वहीं, बजट में शहरी आधारभूत संरचना में आमूल चूल बदलाव को लेकर आम शहरियों से 27 फरवरी तक अपनी राय इ-मेल या लिखित रूप में भी देने को कहा गया है. इधर, इस बार भी सबसे पहले 2026-27 के पेश किये जानेवाले बजट को अनुमोदन के लिए नगर पर्षद के स्थायी सशक्त कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा. यहां से हरी झंडी मिलने के बाद बजट को पार्षदों के साथ आयोजित विशेष बैठक में पेश कर दिया जायेगा. बजट पेश होने के बाद अंतिम स्वीकृति के लिए विभागीय अधिकारी बजट को नगर आवास व आवास विभाग को पटना भेजेंगे. इस बार के बजट में ड्रोन स्क्रीनिंग सिस्टम, सिवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पिंक टॉयलेट, चिल्ड्रेन पार्क निर्माण, विवाह मंडप, एंबुलेंस व शव वाहन क्रय करने, तालाबों के चारों ओर सीढ़ी का निर्माण कराने, साइंटिफिक स्लाॅटर हाउस स्थापित करने, तालाबों के सौंदर्यीकरण के साथ फाउंटेन अधिष्ठापन, नौकायन आदि का प्रावधान किये जाने की संभावना है. इसके अलावा वार्षिक बजट में मल्टी लेवल कार पार्किंग सह मार्केट कॉम्प्लेक्स, टाउन हॉल, प्रशासनिक भवन निर्माण, पौधरोपण, सोख्ता निर्माण का भी प्रावधान लाया जा सकता है. नगर पर्षद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष के बजट में जिन योजनाओं को पास किया गया था और उसे पूरा नहीं किया जा सका वैसी जरूरी योजनाओं को भी इस बार के बजट में शामिल किया जा सकता है. जैसे पिंक टॉयलेट, चिल्ड्रन पार्क, एंबुलेंस व शव वाहन क्रय करने, विवाह मंडप का निर्माण, तालाबों का जीर्णोंद्धार, सीवरेज, छठ घाट निर्माण, नयी लाइट लगाने, सामुदायिक भवन का निर्माण, वाहन स्टैंड सहित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने आदि है. = बजट के 10 से 15 प्रतिशत राशि ही हो पाती है खर्च नगर पर्षद के पेश होनेवाले इस बार के बजट पर कुछ वार्ड पार्षदों ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि नगर पर्षद भभुआ अपनी आमदनी से सैकड़ों गुणा अधिक सरकारी अनुदान के भरोसे बजट बनाती है. लेकिन, इनमें अधिकतर योजनाओं पर सरकार से अनुदान राशि नहीं मिलती है. इस कारण बजट में शहर के विकास के लिए ली गयी परियोजना पर काम नहीं होता है. अब जबतक आंतरिक आय का स्रोत बढ़ाने के लिए काम नहीं होगा, तब तक नप का हर साल पेश होनेवाला करोड़ों का बजट शहरवासियों के लिए सिर्फ सपने दिखाने के लिए साबित होगा. = बजट के अनुसार नहीं मिलती नगर विकास विभाग से राशि दरअसल, नगर पर्षद भभुआ शहर की सूरत बदलने और बेहतर नागरिक सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ शहर को स्वच्छ रखने के लिए हर वर्ष भारी भरकम बजट तैयार करती है. इसके साथ साथ नगर पर्षद अपने आंतरिक स्रोत से प्राप्त होने वाली आय और सरकारी अनुदान के भरोसे अपने बजट में शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए शहरीकरण की योजना तैयार करती है. इसके चलते हर वर्ष शहरी बजट का आकार बढ़ता जाता है. लेकिन, भ्र्ष्टाचार और अनियमितता की वजह तो बजट अनुसार नगर विकास विभाग से राशि जारी नहीं होने से शहर की सूरत बदलने के बजाय बिगड़ जाती है. अब विडंबना यह भी है कि हर साल करोड़ों के बजट पास किये जाने के बावजूद लगभग पांच किलोमीटर के दायरे में फैले इस शहर में बेहतर सार्वजनिक पेयजल और शौचालय तक आम जन को नसीब नहीं है. इधर, हर बार की तरह इस बार भी वर्ष 2026-27 के लिए भी जोर शोर से 2.75 करोड़ का बजट तैयार किया जा रहा है. इसके पूर्व नगर पर्षद ने वर्ष वर्ष 2023-24 में 2 अरब 33 करोड़ 40 लाख 92 हजार 200 सौ का वार्षिक बजट पेश किया था, तो वहीं वर्ष 2025-26 में कुल 2 अरब 36 करोड़ 52 लाख 16 हजार का बजट पारित किया था. = हर साल शहर की सूरत बदलने का सपना रह जा रहा अधूरा वैसे बजट में भभुआ शहर की सूरत बदलने का सपना हर वर्ष नगर पर्षद जरूर दिखाता है, लेकिन शहर की समस्या जस की तस बनी रहती है. प्रत्येक माह शहर की सफाई के नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने के बाद भी शहर की मुख्य सड़क से लेकर मोहल्लों में गंदगी पसरी हुई है. सूत्रों की माने तो हर वर्ष जल जमाव से निजात दिलाने, नाले नालियों की उड़ाही व पर्व त्योहारों पर साफ सफाई में सरकारी राशि की बंदरबांट की जाती है, लेकिन सारी कवायदों और करोड़ों खर्च किये जाने के बावजूद आज भी बरसात के मौसम में शहर की हृदय स्थली एकता चौक सहित शहर के अधिकतर निचले इलाके डूबने लगते है. =बजट में सर्वांगीण विकास पर बल देने का प्रस्ताव नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने बताया कि इस बार के बजट में शहर के सर्वांगीण विकास पर बल दिये जाने का प्रस्ताव लाया जाना है. बजट के अनुसार, गरीबों के उत्थान के साथ-साथ सड़क, गली, नाले को जहां ठीक कराया जायेगा. वही, कई वार्डों में जलजमाव से निजात के लिए तो कुछ क्षेत्रों में नये और मुख्य नाले का निर्माण भी कराया जायेगा. इसके अलावा शहर में पार्कों, सड़कों, साफ सफाई सहित महापुरुषों के प्रतिमा स्थलों को आकर्षित बनाया जायेगा, प्रयास है कि शहर मॉडल का रूप ले सके.

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VIKASH KUMAR

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