kaimur News : शहर में निर्धारित रूट व कलर कोड के अनुसार वाहनों का परिचालन नहीं हो सका शुरू

Edited by PANCHDEV KUMAR
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सात माह पहले ही सवारी वाहनों के लिए बनायी गयी थी योजना, शहर में इ-रिक्शा और ऑटो के बेतरतीब परिचालन से लगता है जाम

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भभुआ सदर. भभुआ शहर में अनुमंडल स्तर से दो महीने पहले से ही रूट निर्धारण के साथ कलर कोड में इ-रिक्शे व ऑटो के परिचालन की तैयारी की जा रही थी. इस एक्शन प्लान से ऑटो व इ-रिक्शा का व्यवस्थित ढंग से परिचालन होना था. इससे जाम की समस्या से निजात मिलने वाली थी. लेकिन प्रशासनिक सुस्ती की वजह से दो महीने बाद भी यह नियम अब तक शहर में लागू नही हो पाया है. इसके चलते आज भी शहर में इ रिक्शा और ऑटो चालक मनमानी और बेतरतीब तरीके से अपने वाहन चला रहे हैं. इसके चलते शहर में ऑटो व इ-रिक्शा के अनियमित परिचालन से शहर के लोग व ग्रामीण परेशान हैं. लेकिन, इस गंभीर समस्या पर न तो अनुमंडल प्रशासन गंभीर है और न ही नगर पर्षद और ट्रैफिक पुलिस.

फाइलों में दबकर रह गयी रूट निर्धारण की योजना

गौरतलब है कि पिछले साल 2024 में और फिर 2025 के शुरुआती महीनों में शहर में अक्सर जाम रहने पर तत्कालीन डीएम सावन कुमार ने संज्ञान लिया था. भभुआ अनुमंडल प्रशासन को ऑटो व इ-रिक्शा चालकों के लिए ड्रेस कोड और उनके रूट निर्धारण करने का आदेश दिया था. डीएम के आदेश के बाद अनुमंडल पदाधिकारी रहे विजय कुमार के निर्देश पर अनुमंडल कर्मियों के द्वारा रूट चार्ट, ड्रेस कोड सहित शहर में चलने वाले ऑटो व इ-रिक्शा चालकों से उन्हें किस रूट पर चलना है, इसके लिए आवेदन मांगा गया था. लेकिन, डीएम के आदेश और सारी कवायदों के बावजूद शहर में अब तक ऑटो व इ-रिक्शा चालकों के लिए रूट निर्धारण नहीं किया जा सका. यह महती योजना अनुमंडल के फाइलों में दबकर दम ताेड़ती नजर आ रही है.

कलर कोड से की जानी थी पहचान

शहर में ऑटो व इ-रिक्शा के रूट निर्धारण के अलावा सभी रूटों को अलग-अलग जोन में बांटते हुए अलग कलर कोड यानी रंग निर्धारित किया जाना था. ताकि, हर रूट पर चलने वाले ऑटो की पहचान आसानी से हो सके. इसके लिए कलर कोड का स्टीकर या पेंट वाहन पर अंकित किया जाना था. इसके अलावा शहरी क्षेत्र में ऑटो परिचालन पर नजर रखने के लिए क्यूआर कोड भी विकसित करते हुए इस क्यू आरकोड को ऑटो और इ-रिक्शा पर अंकित किया जाना है. ताकि, इसे स्कैन करने पर ऑटो-रिक्शा और इ-रिक्शा के चालकों से जुड़ी सारी जानकारी सवारियों के साथ साथ ट्रैफिक पुलिस पदाधिकारियों को भी आसानी से मिल जाये. शहरी क्षेत्र में ऑटो और इ-रिक्शे के पार्किंग की भी व्यवस्था की जानी है. इसके लिए प्रत्येक जोन में रूटों की टैगिंग करते हुए संबंधित नगर निकाय के समन्वय से पार्किंग स्थल चिह्नित किए जाने थे. ऑटो और इ-रिक्शा के संबंधित जोन एवं रूट के साथ पुलिस थानों को भी टैग किया जाना है. लेकिन, सभी कार्रवाई अब तक शुरू नही हो सकी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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