kaimur News : 15 करोड़ खर्च, फिर भी जलजमाव से भभुआ शहर त्रस्त

Edited by PANCHDEV KUMAR
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तीन दिनों से हो रही बारिश से कई मुहल्ले नरक में तब्दील, जलजमाव से लोग परेशान, हर साल सफाई व निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपये हो जा रहे खर्च, नहीं सुधर रही शहर की सूरत

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प्रतिनिधि, भभुआ सदर भभुआ शहर को जिला मुख्यालय बने लगभग 33 साल हो गये हैं. लेकिन आज भी यहां बड़े नालों और नालियों की व्यवस्था बेहद खराब है. नगर परिषद भभुआ के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान नाली, गली और सड़क निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किये जा चुके हैं. इसके बावजूद शहर में कहीं भी सड़कों और नालियों की स्थिति संतोषजनक नहीं है. नतीजतन, बारिश के मौसम में ज्यादातर वार्डों और मुहल्लों में जल जमाव और गंदगी की समस्या बनी रहती है. पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही झमाझम बारिश ने स्थिति और बिगाड़ दी है. जाम और ध्वस्त नालों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है. शहर के स्थानीय लोग दिलीप चौबे, संजय जायसवाल, अशोक सिंह और रिंटू सिंह का कहना है कि लगभग सभी नाले या तो क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या फिर कूड़े-कचरे से जाम हो जाते हैं. इसके कारण हर साल बरसात के दो महीनों तक करीब एक लाख की आबादी जलजमाव और गंदगी से जूझने को मजबूर होती है. गुणवत्ता की जगह लूट-खसोट शहरवासियों का आरोप है कि पूर्ववर्ती नगर पर्षद और ठेकेदारों की मिलीभगत से नालों का निर्माण मानकों के अनुसार नहीं कराया गया. एस्टीमेट के हिसाब से काम नहीं हुआ और सरकारी राशि में लूट-खसोट की गयी. यही वजह है कि आज कचहरी रोड के उत्तर की ओर बने मुख्य नाले को छोड़कर बाकी नालियां लगभग ध्वस्त हो चुकी हैं. एकता चौक से अखलासपुर स्टैंड तक बने मुख्य नाले का पानी तो गुजरी नहर में जाता है, जबकि अन्य मुहल्लों की नालियां अक्सर ओवरफ्लो होकर जल जमाव की समस्या खड़ी कर रही हैं. 15 करोड़ खर्च, हालात जस के तस नगर परिषद और पीएचइडी ने लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च कर गली और नालियों का निर्माण कराया. पीएचइडी ने अकेले दो करोड़ रुपये से सुवरन नदी से कुबेर कॉम्प्लेक्स तक, 87 लाख से कुबेर कॉम्प्लेक्स से एकता चौक तक और दो करोड़ से एकता चौक से अखलासपुर बस स्टैंड तक मुख्य नाले का निर्माण कराया. इसके अलावा लगभग सभी मुहल्लों में करोड़ों की लागत से नालियां बनीं. लेकिन, आज ज्यादातर नाले-नालियां टूट चुकी हैं या उनसे गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है. शिल्ट और कचरे से बिगड़ती हालत बरसात के दिनों में कचहरी रोड, पटेल चौक, सब्जी मंडी, पुराना चौक, देवी जी रोड सहित समाहरणालय, सदर अस्पताल और विभिन्न मोहल्लों में जल जमाव हो जाता है. एकता चौक पर तो स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. रविवार से हो रही लगातार बारिश से नवाबी मुहल्ला, पश्चिम बाजार, तेलियान मुहल्ला, चकबंदी रोड, रामपुर कॉलोनी और वार्ड संख्या सात में भारी जलजमाव देखा गया. नप का दावा: राहत के लिए प्रयास जारी नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने कहा कि बारिश के मौसम में जलजमाव की समस्या कम से कम हो, इसके लिए प्रयास किये जाते हैं. जलजमाव की सूचना मिलते ही सफाइकर्मियों को सक्शन मशीन और जेसीबी के जरिये काम पर लगाया जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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