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आंगनबाड़ी केंद्र बना आवारा कुत्तों का बसेरा

Updated at : 09 May 2025 3:50 PM (IST)
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आंगनबाड़ी केंद्र बना आवारा कुत्तों का बसेरा

खंड क्षेत्र अंतर्गत खरेंदा पंचायत के हुड़री गांव के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 65, चनकी केंद्र संख्या 68 व भोरेया केंद्र संख्या 51, तीनों केंद्रों का मुख्य दरवाजा क्षतिग्रस्त होने से पूरी रात आवारा कुत्तों का बसेरा बना रहता है

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फोटो 1 क्षतिग्रस्त केंद्र का दरवाजा रामपुर. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत खरेंदा पंचायत के हुड़री गांव के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 65, चनकी केंद्र संख्या 68 व भोरेया केंद्र संख्या 51, तीनों केंद्रों का मुख्य दरवाजा क्षतिग्रस्त होने से पूरी रात आवारा कुत्तों का बसेरा बना रहता है. तीनों केंद्रों का दरवाजा टूटा रहने से आवारा कुत्ते पूरी रात पोषाहार बनाने वाले देग, नौनिहालों के खाने वाले प्लेट को जूठा करते रहते हैं. यहां उसी बर्तन में सुबह में सहायिका द्वारा धोकर बच्चों को पोषाहार खिलाया जाता है, जिससे नौनिहालों को संक्रमण व बीमारी होने का खतरा मंडरा रहा है. कभी भी नौनिहाल संक्रमण का शिकार हो सकते हैं. इस समस्या को ले हुड़री केंद्र संख्या की सेविका रीना देवी, भोरेया केंद्र संख्या 51 की सेविका कमला देवी व चनकी केंद्र संख्या 68 की सेविका से जानकारी ली गयी, तो तीनों सेविका द्वारा एक ही बात बतायी गयी कि इस समस्या की जानकारी देते हुए लिखित व मौखिक शिकायत दर्जनों बार सीडीपीओ कार्यालय में की गयी है, लेकिन किसी ने कोई सुध नहीं ली. तीनों ने बताया कि दरवाजा लगाने के लिए कार्यालय से मात्र तीन हजार रुपये दिया जा रहा है, जो पर्याप्त नहीं है. मात्र तीन हजार में दरवाजा नहीं मिल रहा है. सेविका ने बताया कि सुपरवाइजर द्वारा कहा जा रहा है कि तीन हजार रुपये कार्यालय से लेकर कुछ अपना पैसा लगा कर दरवाजा लगवा लीजिए. वहीं, जब इसकी जानकारी कार्य क्षेत्र अंतर्गत आने वाली सुपरवाइजर खुशबू निशा से ली गयी, तो उनके द्वारा बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र के मेंटेनेंस के लिए तीन हजार रुपये ही देने का प्रावधान है, जो देने की बात कही जा रही है, लेकिन सेविका द्वारा बोला जा रहा है कि तीन हजार में दरवाजा नही लगेगा. इस समस्या को ले सीडीपीओ से मौखिक कहा गया है. गौरतलब है कि कार्यालय के दाव पेंच में नौनिहालों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. किसी नौनिहाल के साथ किसी प्रकार आवारा कुत्तों से संक्रमण रोग जैसी अनहोनी होती है, तो इसकी जबावदेही किसकी होगी. – प्रखंड के तीन आंगबाड़ी केंद्रों को मुख्य दरवाजा क्षतिग्रस्त पोषाहार बनाने वाले बर्तन व बच्चों के प्लेट को कुत्ते करते जूठा, संक्रमण का खतरा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH KUMAR

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