kaimur News : नुआंव गांव में टूटी सड़क की मरम्मत नहीं होने से पैदल चलना भी मुश्किल

Edited by PANCHDEV KUMAR
Updated:
विज्ञापन

छह माह पहले नलजल योजना के तहत काम दौरान तोड़ी गयी थी सड़क, आधे से ज्यादा घरों में नहीं पहुंच रहा पानी

विज्ञापन

नुआंव. पिछले छह माह से पीएचइडी द्वारा वार्ड दो व तीन में लगायी गयी नल जल योजना ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बना हुई है. संवेदक ने पिछले छह माह से गांव की पीसीसी सड़क की खुदाई कर तोड़ दी. इससे गलियां कीचड़ में तब्दील हो गयी है. वहीं, छह माह बाद भी वार्ड तीन के ज्यादातर घरों में अब तक नल की टोटी तक नहीं लगाये गये हैं. इस ज्वलंत समस्या को लेकर पीएचइडी के जेइ व पदाधिकारी पूरी तरह फेल है. ऐसे में बरसात के दिनों में ग्रामीण किसी तरह गिरते पड़ते अपने घर पहुंचने को मजबूर है. दोनों वार्डों में लगने वाली नल जल योजना कितने लाख की लागत से लगायी जा रही. इसका टेंडर कब हुआ. कब काम शुरू हुआ. कब तक काम खत्म करने है. कितने घरों में नल जल लगाये जायेंगे, इसकी जानकारी विभाग के जूनियर इंजीनियर को नहीं है. वहीँ, इस बाबत पूछने पर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि द्वारिका प्रसाद ने कहा ग्रामीणों की इस ज्वलंत समस्या को लेकर छह माह में तीस बार जेइ को फोन कर चुका हूं. 10 दिनों पहले भी बात हुई तो उनके द्वारा काम पूरा कराने का आश्वासन दिया गया. लेकिन, धरातल पर कही भी नहीं दिख रहा. ऐसे में आम लोगों की समस्या का समाधान व धरातल पर होने वाले नलजल के काम कब तक पूरे होंगे, यह लोगों के बीच यक्ष प्रश्न बने हुए है. छह माह पहले वार्ड दो व तीन में नल जल योजना के तहत काम कराने के दौरान सड़क की खुदाई कर छोड़ा दिया गया है. इसके कारण गली से वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है. सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीणों के साथ विद्यालय पढ़ने जाने वाले छात्र-छात्राओं को हो रही है. गलियों में पैदल चलने के दौरान संतुलन बिगड़ने पर गिरते रहते है. नसरुद्दीन अंसारी, पूर्व मुखिया नल-जल योजना का काम पिछले छह माह से चल रहा है. निर्माण के दौरान सड़क तोड़कर अब तक नहीं बनायी गयी. दीपू जायसवाल के उत्तर तरफ आज भी नल की टोटी नहीं लगाये जाने से पानी नहीं मिल रहा. लोगों को काफी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है. नईम उर्फ शेर खान, वार्ड तीन गली से गुजरने वाले ग्रामीणों को काफी परेशानीयो का सामना करना पड़ रहा है. विभाग से इस पर पहल कर जल्द से जल्द काम को पूरा करवाया जाना चाहिए. नल जल योजना में पारदर्शिता की जरूरी है. पूर्व में भी पीएचडी विभाग से गांव के पासवान टोले में लगाये गये नल जल योजना के दौरान पीसीसी सड़क की खुदाई यह कहते हुए कि गयी की पाइप डालने के बाद इसे पुनः रिपेयरिंग कर ढलाई की जायेगी, किंतु काम होने के बाद बर्बाद सड़क का मरमत नहीं करायी गयी. #क्या कहते हैं मुखिया प्रतिनिधि छह माह में वार्ड संख्या दो व तीन में तोड़ी गयी सड़क की रिपेयरिंग को लेकर विभाग के जेइ व संवेदक से लगभग तीस बार बात की जा चुकी है. किंतु, उनके द्वारा केवल अबतक आश्वासन दिया गया. दोनों वार्ड में आज भी ज्यादातर घरों में नलजल के पानी नहीं मिल रहे. वहीं, बरसात के दिनों में टूटी सड़क से गिरकर लोग घायल हो रहे है. द्वारिका प्रसाद, मुखिया प्रतिनिधि #क्या कहती हैं पीएचइडी की जेइ योजना कितने लाख की लागत से बनायी जा रही, इसकी जानकारी हमको नहीं है. एक माह तक विभागीय ट्रेनिंग के बाद मुख्यालय पहुंची हूं. कुछ घरों में कनेक्शन कार्य बचे हुए थे. संवेदक द्वारा सड़क मरम्मत के कुछ कार्य कराये गये है. वार्ड में अन्य घरों के कनेक्शन के साथ सड़क रिपेयरिंग के लिए बोला था. मंगलवार को दोनों वार्ड पहुंच कार्य स्थल का जायजा लेते हुए संवेदक से कार्य को पूरा कराया जायेगा. रीना कुमारी, जूनियर इंजीनियर, पीएचइड

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
PANCHDEV KUMAR

लेखक के बारे में

By PANCHDEV KUMAR

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन