नगर पंचायत में शहर का टैक्स, पर सुविधा गांव वाली, गैस के लिए 45 दिन का इंतजार

Published by :VIKASH KUMAR
Published at :20 Apr 2026 4:11 PM (IST)
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नगर पंचायत में शहर का टैक्स, पर सुविधा गांव वाली, गैस के लिए 45 दिन का इंतजार

25 की जगह 45 दिन बाद मिल रहा डीएसी नंबर, उपभोक्ता परेशान

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शहरी क्षेत्र का दावा खोखला. 25 की जगह 45 दिन बाद मिल रहा डीएसी नंबर, उपभोक्ता परेशान # गैस सिलिंडर के मामले में नगर पंचायत व ग्रामीण क्षेत्र हुए एक समान # नगर में डिलिवरी के 45 दिन बाद डीएसी नंबर, तो 50-55 दिन में मिल रहा गैस सिलिंडर शिकायत दर्ज कराने के लिए भटक रहे नगरवासी, प्रशासन के दावों की खुली पोल # प्रभात खास # मोहनिया सदर. नगर पंचायत क्षेत्र में रहने वाले गैस कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं की समझ में नहीं आ रहा है कि नगर पंचायत शहरी क्षेत्र में आता है या ग्रामीण क्षेत्र में. गैस सिलिंडर की कमी ने नगरवासियों के दिमाग की घंटी बजा दी है. नगर पंचायत में रहने वाले उपभोक्ताओं को गैस बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है. 45 दिन से पहले डीएसी नंबर प्राप्त ही नहीं हो रहा है. जबकि, प्रशासन का दावा है कि शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 25 दिन बाद गैस बुकिंग करने पर डीएसी नंबर प्राप्त होने के साथ आसानी से गैस सिलिंडर की होम डिलीवरी सुविधा के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है. यह हकीकत है कि शहर तो क्या ग्रामीण क्षेत्र में भी गैस की होम डिलिवरी की सुविधा उपभोक्ताओं को मिल रही है. लेकिन नगर पंचायत में 25 दिन में डीएसी नंबर व गैस सिलिंडर मिलना सिर्फ एक छलावा ही कहा जा सकता है. आज नगर पंचायत में रहने वाले लोग यह सोचने को विवश हो गये हैं कि होल्डिंग टैक्स सहित सभी तरह का टैक्स नगर पंचायत द्वारा लिया जाता है, फिर गैस सिलिंडर के मामले में ग्रामीण एरिया की सुविधा नगर क्षेत्र में क्यों व कैसे मिल रही है? प्रशासन द्वारा कहा जा रहा है कि शहरी क्षेत्र में 25 दिन बाद व ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं को 45 दिन में डीएसी नंबर प्राप्त होगा व गैस सिलिंडर मिलेगा. लेकिन मूल रूप से नगर पंचायत में रहने वाले उपभोक्ताओं को भी 45 दिन के बाद ही गैस सिलिंडर के लिए डीएसी नंबर मिल रहा है, तो आखिर किस बात का नगर पंचायत? कस्टमर सेवा सर्विस से नहीं हो रहा संपर्क उपभोक्ता गैस से संबंधित समस्याओं को लेकर जब इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के टोल फ्री नंबर पर संपर्क करना चाहते हैं तो फोन नहीं लग रहा है. इससे गैस बुकिंग से लेकर डीएसी नंबर व ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र के लिए निर्धारित किये गये समयसीमा की स्पष्ट जानकारी व शिकायत दर्ज कराने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. उपभोक्ताओं को समझ में नहीं आ रहा है कि उनको एलपीजी गैस बुकिंग, डीएसी नंबर व सिलिंडर की स्पष्ट व सटीक जानकारी कहां से मिलेगी. समय पर सही जानकारी का नहीं मिलना भी परेशानी का एक अहम हिस्सा है. # क्या कहते हैं उपभोक्ता – नगर पंचायत के रहने वाले नंदजी सिंह कहते है कि अधिकारी दावा करते है कि एलपीजी गैस की कमी नहीं है. शहरी क्षेत्र में उपभोक्ताओं को 25 दिन बाद गैस बुकिंग कर डीएसी नंबर प्राप्त होगा और गैस सिलिंडर आसानी से मिल जायेगा. लेकिन मोहनिया नगर पंचायत में गैस डिलिवरी के 45 दिन बाद बुकिंग हो रहा है और सिलिंडर मिलने में 50-55 दिन लग रहा है, समझ में नहीं आ रहा है कि मोहनिया नगर पंचायत है या ग्राम पंचायत. – डाॅ रवि शंकर शर्मा कहते है कि गैस की किल्लत और प्रशासनिक घोषणा ने लोगों को पेशोपेश में डाल दिया है. नगर पंचायत में गैस डिलिवरी के 45 दिन पूरे होने पर ही बुकिंग हो रहा है और सिलिंडर मिलने में कम से कम 50 दिन लग जा रहा है, कभी गैस की गाड़ी नहीं आने का रोना एजेंसी संचालक रोते हैं, तो कभी डिलिवरी ब्वॉय का फोन बंद रहता है. 25 दिन में गैस बुकिंग हो कहां रहा है सिर्फ लोगों को मूर्ख बनाया जा रहा है. शहरी टैक्स वसूलने के लिए नगर पंचायत है, गैस बुकिंग के मामले में ग्रामीण क्षेत्र है. – नगर पंचायत में रहने वाले पूर्व जिला पर्षद उपाध्यक्ष सह कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह कहते है कि सरकार का पूरा सिस्टम ही सवालों के घेरे में है. लोगों को गुमराह किया जा रहा है प्रशासन सुनिश्चित करे कि नगर पंचायत शहरी क्षेत्र है, या ग्रामीण क्षेत्र है? क्योंकि मूल रुप से नगर पंचायत में रहने वाले लोग भी 25 दिन में गैस बुकिंग नही कर पा रहे है. गैस डिलिवरी के 45 दिन पूरे होने पर ही बुकिंग हो रहा है, जबकि यह अवधि ग्रामीण क्षेत्र के लिए निर्धारित किया गया है एक गैस सिलिंडर से एक परिवार 45 दिन खाना कैसे बना लेगा, प्रशासन को समझ में नहीं आ रहा है जब गैस की कमी ही नहीं है तो आपके कहने और करने में अंतर क्यों है? – नगर पंचायत के रहने वाले विश्वनाथ जायसवाल कहते है कि शहर में 25 दिन बाद गैस सिलिंडर मिलने की बात बिल्कुल हवा हवाई है. डिलीवरी के 45 दिन से पहले बुकिंग करने पर डीएसी नंबर ही नहीं मिल रहा है, तो गैस कैसे 25 दिन बाद मिल सकती है. यह सब छलावा है सच्चाई यही है कि गैस सिलिंडर की भारी कमी है. अधिकारियों के सिर्फ कहने से नहीं हो जायेगा कि शहरी क्षेत्र में 25 दिन पूरे होने पर गैस सिलिंडर की बुकिंग हो जा रही है और डीएसी नंबर प्राप्त हो रहा है. प्रशासन की इस बात ने तो यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि मोहनिया नगर पंचायत शहरी क्षेत्र में आता है या फिर ग्रामीण क्षेत्र में? # बोलीं एसडीएम इस संबंध में पूछे जाने पर एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने कहा कि शुरु में गैस एजेंसी जब संचालित हुई उस समय मोहनिया नगर पंचायत नहीं था, बल्कि ग्राम पंचायत था. वर्ष 2012 में नगर पंचायत घोषित होने के बाद एजेंसी के पता में संशोधन नहीं कराया गया है, जिसकी वजह से रिकॉर्ड में गैस एजेंसी ग्रामीण क्षेत्र में ही अवस्थित है. इसके लिए डीएम सर के स्तर से पत्राचार किया गया है. नगर पंचायत शहरी क्षेत्र में ही आता है.

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