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29 विद्यालयों में चापाकल बंद रहने से मध्याह्न भोजन योजना प्रभावित

Updated at : 21 Oct 2024 9:08 PM (IST)
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29 विद्यालयों में चापाकल बंद रहने से मध्याह्न भोजन योजना प्रभावित

चापाकल बंद रहने व समय से मरम्मत नहीं होने के कारण आये दिन विद्यालयों में पीने के पानी को लेकर समस्या बनी रहती है,

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भभुआ नगर. चापाकल बंद रहने व समय से मरम्मत नहीं होने के कारण आये दिन विद्यालयों में पीने के पानी को लेकर समस्या बनी रहती है, जिसके कारण छात्रों को प्यास बुझाने के लिए भटकना पड़ता है या विद्यालय छोड़ कर घर जाना पड़ता है. लेकिन, पीएचइडी विभाग समय से चापाकल की मरम्मत नहीं कराता है. इसका जीता जागता उदाहरण देखने को मिल रहा है कि चापाकल बंद रहने के कारण जिले के 29 विद्यालयों में सरकार के प्राइम प्रोजेक्ट के तहत बच्चों को मिलने वाला दोपहर का भोजन मध्याह्न भोजन योजना प्रभावित होने की कगार पर है या मध्याह्न भोजन योजना बंद पड़ गयी है. लेकिन, पीएचइडी के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं. इधर, चापाकल बंद रहने को लेकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मध्याह्न भोजन ने कार्यपालक अभियंता पीएचइडी को पत्र लिखा है. लिखे गये पत्र में कहा गया है कि भभुआ, चैनपुर, कुदरा, चांद, दुर्गावती, अधौरा, मोहनिया व रामपुर प्रखंड के 29 विद्यालयों में चापाकल बंद है. चापाकल बंद रहने से संबंधित मामले में प्रधानाध्यापक व संबंधित प्रखंड साधनसेवी मध्याह्न भोजन योजना द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि विद्यालय में चापाकल खराब हो जाने के कारण विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना जैसे कल्याणकारी योजना पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. इस कारण अति शीघ्र चापाकलों की मरम्मत की जानी आवश्यक है, ताकि विद्यालयों में एमडीएम योजना प्रभावित न हो. साथ ही लिखे गये पत्र में मध्यानह्न भोजन कार्यक्रम पदाधिकारी ने कहा है कि चापाकल उखाड़-कबाड़ करने की जरूरत है, ताकि मध्याह्न भोजन योजना प्रभावित न हो. अधिकारियों की रुचि नहीं लेने से उत्पन्न होती है समस्या छात्र-छात्राओं को दोपहर का मिलने वाला मध्याह्न भोजन सरकार की प्राइम प्रोजेक्ट है, इसके बावजूद भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण या पानी की समस्या रहने के कारण आये दिन मध्याह्न भोजन बंद रहता है. इसका खामियाजा छात्रों को भरना पड़ता है कि बच्चे खाली पेट पढ़ाई करने के बाद घर लौट जाते हैं. शिक्षा विभाग की अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि एक दिन भी मध्याह्न भोजन बंद नहीं होना चाहिए. विभाग द्वारा जिला पदाधिकारी को मॉनिटरिंग करने का भी निर्देश दिया गया है, इसके बावजूद आये दिन पानी की समस्या, विद्यालय में समय से चावल नहीं पहुंचने या एनजीओ द्वारा भोजन सप्लाई करने में लेटलतीफ के कारण समस्या बनी रहती है. = इन विद्यालयों में बंद हैं चापाकल प्रखंड विद्यालय अधौरा उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिकरी अधौरा उत्क्रमित मध्य विद्यालय बड़वानकला अधौरा न्यू प्राथमिक विद्यालय कोनबभनी अधौरा उत्क्रमित मध्य विद्यालय सड़की भभुआ प्राथमिक विद्यालय सेमरिया भभुआ उत्क्रमित मध्य विद्यालय जीगनपुरवा भभुआ मध्य विद्यालय सिकठी उजारी भभुआ उत्क्रमित मध्य विद्यालय खैरा मोहनिया उत्क्रमित मध्य विद्यालय डूमरपोखर मोहनिया मध्य विद्यालय पिपरिया मोहनिया प्राथमिक विद्यालय बहदुरा चैनपुर न्यू प्राथमिक विद्यालय उजारी डड़वा चांद उत्क्रमित मध्य विद्यालय केसरी दुर्गावती उत्क्रमित मध्य विद्यालय खड़सरा दुर्गावती उत्क्रमित मध्य विद्यालय प्रखंड कॉलोनी दुर्गावती दुर्गावती प्राथमिक विद्यालय रूइया भगवानपुर न्यू प्राथमिक विद्यालय भुडकुरा भगवानपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुड़वा कुदरा उर्दू प्राथमिक विद्यालय बहुआरा कुदरा उत्क्रमित मध्य विद्यालय हरदासपुर कुदरा उत्क्रमित मध्य विद्यालय घटेया कुदरा उत्क्रमित मध्य विद्यालय अमीरथा कुदरा उत्क्रमित मध्य विद्यालय जगदीशपुर कुदरा न्यू प्राथमिक विद्यालय चनवख़ कुदरा उत्क्रमित मध्य विद्यालय बभंगावा रामपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय अकोढ़ी रामपुर प्राथमिक विद्यालय कुर्था

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