Kaimur News. मुंडेश्वरी मंदिर में सुबह से ही गूंज रहे घंट-घड़ियाल, करें दिव्य दर्शन

Published by : GAURI SHANKAR RAY Updated At : 28 May 2026 6:00 AM

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माता की उतारी जा रही आरती.

Kaimur News. बिहार में कैमूर जिला धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से काफी समृद्ध है. यहां कई प्रसिद्ध देवी-देवताओं के मंदिर हैं, जिसमें प्रमुख रूप से आदि शक्तिपीठ माता मुंडेश्वरी मंदिर है, जहां ग्रीष्म ऋतु में सुबह छह बजे आरती होती है.

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Kaimur News. बिहार में कैमूर जिला धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से काफी समृद्ध है. यहां कई प्रसिद्ध देवी-देवताओं के मंदिर हैं, जिसमें प्रमुख रूप से आदि शक्तिपीठ माता मुंडेश्वरी मंदिर है, जहां ग्रीष्म ऋतु में सुबह छह बजे आरती होती है. मंदिर के मुख्य पुजारी उमेश प्रसाद मिश्र के अनुसार गुरुवार सुबह छह बजे मंदिर खुलने के बाद साफ-सफाई करायी गयी. इसके बाद 6.30 बजे घंटा-घड़ियाल व आरती के साथ माता का भोग लगाया गया व आराधना की गयी. इस दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु आरती में उपस्थित रहे. गुरुवार को मंदिर में स्थापित पंचमुखी शिवलिंग की भी पूजा और आरती हुई. शक्तिपीठ माता मुंडेश्वरी मंदिर में तांडुलम मंदिर का मुख्य प्रसाद है. मुख्य पुजारी के अनुसार ग्रीष्म ऋतु में सुबह 6.30 बजे आरती के बाद अपराह्न 11.30 बजे और संध्या 6.30 बजे आरती होती है, जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं. 

क्या कहते हैं सचिव

माता मुंडेश्वरी मंदिर धार्मिक न्यास के सचिव गोपाल जी प्रसाद ने बताया कि ऋतुओं के अनुसार मंदिर में पूजा और आरती का समय तय किया जाता है. भगवानपुर के पवरा पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर अति प्राचीन और सुविख्यात है. हर साल शारदीय और चैत्र नवरात्र में यहां लाखों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए माता मुंडेश्वरी के मंदिर में आते हैं.

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