नयी खरीद पर फोकस, पुराने सामान को सहेजने में नगर पर्षद उदासीन

रखरखाव के अभाव में कबाड़ बन रही करोड़ों की मशीनरी
फोटो 5 रखरखाव के अभाव में कबाड़ बन रही करोड़ों की मशीनरी लाखों की लागत से खरीदे गये इ-रिक्शा सहित कई उपकरण अनुपयोगी पड़े भभुआ सदर. नगर पर्षद प्रशासन शहर में हर वर्ष साफ-सफाई के लिए विभिन्न उपकरण व वाहनों की खरीदी करता है और अमूमन प्रशासन का फोकस नयी खरीद पर ही रहता है. लेकिन पूर्व में खरीदी गयी मशीनें समुचित देखरेख के अभाव में जर्जर होती जा रही हैं, जिससे जनता की गाढ़ी कमाई कबाड़ में तब्दील होती नजर आ रही है. इसकी पुष्टि नगर पर्षद परिसर में पड़े वाहनों के कलपुर्जे व कबाड़ के ढेर से साफ तौर पर होती है. नगर पर्षद में कई ऐसी मशीनें मौजूद हैं, जिनकी खरीद तो कर ली गयी, लेकिन आज तक उनका उपयोग नहीं किया गया है. ये मशीनें अनुपयोगी होकर खुले में पड़ी हैं और कबाड़ के ढेर में शोभा बढ़ा रही हैं. नगर प्रशासन द्वारा सफाई, प्रकाश व पानी की व्यवस्था के लिए हर साल महंगी मशीनरी खरीदी जाती है, लेकिन कुछ ही समय बाद साफ-सफाई व अन्य कार्यों के लिए खरीदे गये वाहन, कचरा कंटेनर व मशीनें देखरेख के अभाव में कबाड़ में तब्दील हो जा रही हैं. मशीनों की न तो नियमित देखरेख की जाती है और न ही समय पर मरम्मत करायी जाती है. अधिकांश मशीनरी खुले आसमान के नीचे छोड़ दी गयी है, जिससे बरसात व धूप के कारण वे खराब होती जा रही हैं. पुराने कबाड़ वाहन व सामान के कारण नगर पर्षद परिसर पूरी तरह कबाड़खाना नजर आ रहा है, लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों का ध्यान रखरखाव की ओर नहीं जा रहा है. उदाहरण के तौर पर शहर में कूड़ा ढोने के लिए नगर पर्षद ने कुछ महीने पहले लाखों रुपये की लागत से आधा दर्जन इ-रिक्शा खरीदे थे, लेकिन कूड़ा ढोने में नाकाम रहने के कारण आज सभी इ-रिक्शा अनुपयोगी होकर कबाड़ में पड़े हैं. यह कहना गलत नहीं होगा कि नगर पर्षद प्रशासन की उदासीनता के कारण जनता की गाढ़ी कमाई से खरीदी गयी मशीनरी बर्बाद हो रही है. नगर पर्षद परिसर में मौजूद कबाड़ का अंबार इस सच्चाई को स्वयं बयां कर रहा है.
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