ePaper

बराढी गांव में लगी किसानों की पाठशाला, कृषि विभाग के कर्मियों ने बाजरे की खेती के बताये गुर

Updated at : 12 Sep 2025 9:27 PM (IST)
विज्ञापन
बराढी गांव में लगी किसानों की पाठशाला, कृषि विभाग के कर्मियों ने बाजरे की खेती के बताये गुर

KAIMUR NEWS.शुक्रवार की दोपहर कृषि विभाग ने पंजराव पंचायत के बराढी गांव में किसान पाठशाला का आयोजन किया. जिसमें आत्मा योजना अंतर्गत संचालित अन्न उत्पादन तकनीक अंतर्गत विभाग के कर्मियों ने किसानों को अपने खेतों में मोटे अनाज बाजरा व मड़ुआ की खेती के बारे में जानकारी दी.

विज्ञापन

नुआंव.

शुक्रवार की दोपहर कृषि विभाग ने पंजराव पंचायत के बराढी गांव में किसान पाठशाला का आयोजन किया. जिसमें आत्मा योजना अंतर्गत संचालित अन्न उत्पादन तकनीक अंतर्गत विभाग के कर्मियों ने किसानों को अपने खेतों में मोटे अनाज बाजरा व मड़ुआ की खेती के बारे में जानकारी दी. इस दौरान विभाग ने गांव के किसान चंद्रिका राय को संचालक चुनते हुए एक हेक्टेयर खेत में बाजरे की खेती के लिए मुफ्त में 10 किलो बाजरा के बीज, कीटनाशक व खाद दिये. इस दौरान मौके पर पहुंचे करीब 25 किसानों को विभाग के कर्मियों ने मोटा अनाज खाने से होने वाले फायदे के बारे में बताया. किसानों को बताते हुए बीटीएम शुभम मंगल व एटीएम अंबरिश सिंह ने धान और गेहूं की तुलना में बाजरा के फायदे बताते हुए कहा बाजरा न सिर्फ एक पारंपरिक अनाज है, बल्कि आधुनिक समय में इसे सुपरफूड माना जाने लगा है. धान और गेहूं की तुलना में इसके कई स्वास्थ्य और खेती से जुड़े फायदे हैं. पौष्टिकता में बाजरे में आयरन, कैल्शियम, फाइबर और प्रोटीन की मात्रा धान और गेहूं से कहीं अधिक होती है. यह कुपोषण और एनीमिया से बचाव में मदद करता है. डायबिटीज और मोटापे के लिए बेहतर बाजरे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह रक्त में शुगर का स्तर नियंत्रित रखता है. गेहूं और चावल की तुलना में यह मोटापे और डायबिटीज के मरीजों के लिए अधिक सुरक्षित है. पाचन एवं स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ बाजरे में फाइबर की प्रचुरता होती है, जो कब्ज और पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करता है. यह बहुत ही कम पानी और कम लागत वाली खेती है. धान और गेहूं की खेती में ज्यादा पानी और उर्वरक लगते हैं, जबकि बाजरा कम पानी में भी आसानी से उग जाता है. इससे किसान की लागत घटती है, साथ ही सूखा प्रभावित क्षेत्रों में भी इसकी खेती संभव है. कर्मियों ने कहा आप लोग अपने खेतों में बाजरे की खेती करें कही कोई दिक्कत हो, तो पहले आप अपने गांव के संचालक से संपर्क करें व उनसे निदान नहीं होने पर आप लोग सीधा हमें भी फोन कर सकते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Vikash Kumar

लेखक के बारे में

By Vikash Kumar

Vikash Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन