कैमूर सदर अस्पताल के ICU की खुली पोल, उद्घाटन के 27 दिन बाद बेड पर धूल और मोबाइल में व्यस्त मिले कर्मी

Updated:
विज्ञापन

ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीज आईसीयू की जगह जेरियाटिक वार्ड में इलाजरत

भभुआ सदर अस्पताल के आईसीयू में भारी लापरवाही सामने आई है। उद्घाटन के 27 दिन बाद ही व्यवस्था बदहाल है और इंचार्ज मोबाइल देखने में व्यस्त मिले।

विज्ञापन

सदर अस्पताल भभुआ में गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज देने के उद्देश्य से शुरू किया गया ICU महज 27 दिनों में ही बदहाल नजर आया. 22 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से ICU का उद्घाटन किया था. लेकिन बुधवार को प्रभात खबर की पड़ताल में यहां की व्यवस्था में कई खामियां सामने आयीं.

आपके शहर में

विज्ञापन

ICU में एक भी मरीज नहीं, बेड पर जमी थी धूल

प्रभात खबर की टीम जब ICU की स्थिति देखने पहुंची, तो वहां एक भी मरीज भर्ती नहीं मिला. ICU के बेड पर धूल जमी थी. इससे नियमित साफ-सफाई और व्यवस्था की निगरानी पर सवाल उठे. गंभीर मरीजों के लिए शुरू की गयी इस सुविधा का इस तरह खाली और अव्यवस्थित मिलना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है.

1.ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीज आईसीयू की जगह जेरियाटिक वार्ड में इलाजरत 2.अस्त-व्यस्त हालत में खाली पड़ा सदर अस्पताल का आईसीयू 3.ऑन ड्यूटी कुर्सी पर पैर रखकर मोबाइल चलाते आईसीयू इंचार्ज पुष्पेंद्र शर्मा | Prabhat Khabar Network
अस्त-व्यस्त हालत में खाली पड़ा सदर अस्पताल का आईसीयू

टेबल पर पैर रख मोबाइल देखते मिले इंचार्ज

पड़ताल के दौरान ICU के इंचार्ज पुष्पेंद्र शर्मा जेनरल भर्ती वार्ड के एक कमरे में टेबल पर पैर रखकर मोबाइल देखते मिले. वहीं ICU में ड्यूटी पर मौजूद फीमेल स्टाफ सोनी देवी भी मोबाइल देखने में व्यस्त नजर आयीं. ICU जैसे संवेदनशील वार्ड में ड्यूटी के दौरान इस तरह की लापरवाही गंभीर सवाल खड़े करती है.

जांच के दौरान डीपीएम को भी मिलीं खामियां

ICU की बदहाल व्यवस्था की सूचना मिलने पर जिला स्वास्थ्य प्रबंधक ऋषिकेश जायसवाल जांच के लिए पहुंचे. उन्होंने ICU के बेड पर धूल और मशीनों को इधर-उधर रखा पाया. इस पर उन्होंने इंचार्ज को कड़ी फटकार लगायी और व्यवस्था में सुधार की चेतावनी दी.

गंभीर मरीजों के इलाज के लिए शुरू हुआ था ICU

सदर अस्पताल में ICU की शुरुआत को जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना गया था. इसका उद्देश्य गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज और 24 घंटे निगरानी की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें दूसरे शहरों में रेफर करने की मजबूरी कम हो. उद्घाटन के समय अस्पताल प्रशासन ने इसे बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की दिशा में अहम पहल बताया था.

लाखों की व्यवस्था, फिर भी मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ

ICU में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए बेड, मॉनिटर, ऑक्सीजन और कई जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराये गये हैं. इसके बावजूद उद्घाटन के महज 27 दिन बाद ICU की ऐसी स्थिति सामने आना व्यवस्था की उपयोगिता पर सवाल खड़ा करता है. अस्पताल प्रबंधन की ओर से ICU की नियमित निगरानी होती है या नहीं, यह भी जांच का विषय है.

ICU में छह बेड और पांच वेंटिलेटर उपलब्ध

अस्पताल प्रशासन के अनुसार ICU में छह बेड और पांच वेंटिलेटर की सुविधा है. इसके अलावा छह कार्डियक मॉनिटर, छह इंफ्यूजन पंप, एक ECG मशीन, एक डिफिब्रिलेटर, एक सक्शन मशीन, दो ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, थर्मामीटर, BP मशीन, स्टेथोस्कोप, एक BiPAP, शुगर मशीन, एक CPAP मशीन और दो एंबु बैग उपलब्ध हैं.

लापरवाही पर मांगा गया स्पष्टीकरण

सदर अस्पताल के ICU की व्यवस्था को लेकर सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक ने बताया कि उन्हें भी मामले की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि ICU इंचार्ज से स्पष्टीकरण मांगा गया है. यदि लापरवाही सामने आती है तो ड्यूटी पर तैनात इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

ICU की व्यवस्था सुधारना जरूरी

ICU जैसी महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा में साफ-सफाई, उपकरणों की देखरेख और कर्मियों की सक्रियता बेहद जरूरी है. अस्पताल प्रशासन को नियमित निरीक्षण के साथ ड्यूटी व्यवस्था की भी निगरानी करनी होगी, ताकि यह सुविधा केवल उद्घाटन तक सीमित न रहे और गंभीर मरीजों के लिए वास्तव में जीवनरक्षक साबित हो सके.


विज्ञापन
Amit Sinha

लेखक के बारे में

By Amit Sinha

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन