कैमूर: हड़ताल से थमा पशुओं का टीकाकरण, मानदेय और 10 लाख बीमा की मांग पर अड़े टीकाकर्मी

Author Raju kumar|Edited by Vivek Singh
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पशु अस्पताल कार्यालय खरेंदा में ज्ञापन देते पशु टीकाकर्मी | Prabhat Khabar Network

पशु अस्पताल कार्यालय खरेंदा में ज्ञापन देते पशु टीकाकर्मी | Prabhat Khabar Network

कैमूर में पशु टीकाकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है. अपनी विभिन्न मांगों जैसे नियमित मानदेय और 10 लाख रुपये के जीवन बीमा को लेकर वे अड़े हुए हैं. इस हड़ताल का सीधा असर क्षेत्र में पशुओं के टीकाकरण और इलाज पर पड़ रहा है.

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Ramgarh Animal Vaccination Strike Kaimur : बिहार राज्य पशु मैत्री संघ, पटना एवं गोपगुट महासंघ, पटना के आह्वान पर शुक्रवार को रामपुर प्रखंड के प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय में टीकाकर्मियों और पशु मैत्री बंधुओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. प्रखंड अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह के नेतृत्व में सभी कर्मियों ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन खरेंदा पशु अस्पताल कार्यालय को सौंपते हुए स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक उनकी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी.

Kaimur News : टीकाकरण और इलाज की व्यवस्था पर पड़ा असर

हड़ताल के कारण क्षेत्र में पशुओं के टीकाकरण और उपचार की व्यवस्था प्रभावित हो गई है. संघ का कहना है कि पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से टीकाकर्मी गांव-गांव जाकर पशुओं की सेवा कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी सेवा शर्तों और आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. इससे पशुपालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

नियमित मानदेय और स्थायी नियुक्ति की मांग

टीकाकर्मियों ने सरकार से नियमित मानदेय देने, कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, महंगाई के अनुरूप वैक्सीन पर मिलने वाला भुगतान बढ़ाने तथा अस्थायी कर्मियों को नियमित करने की मांग उठाई है. साथ ही सभी कर्मियों को नियमित कार्य उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है.

10 लाख रुपये जीवन बीमा की भी उठी मांग

संघ ने सभी टीकाकर्मियों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये का जीवन बीमा लागू करने की मांग की है. कर्मियों का कहना है कि गांव-गांव जाकर टीकाकरण के दौरान पशुओं के हमले से घायल होने या जान जाने का खतरा हमेशा बना रहता है. कई टीकाकर्मियों की मौत भी हो चुकी है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से किसी प्रकार का मुआवजा या बीमा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई.

'250 रुपये प्रतिदिन में कैसे चलेगा परिवार'

टीकाकर्मियों का कहना है कि सरकार एक वैक्सीन लगाने पर मात्र पांच रुपये का भुगतान करती है, जबकि विभागीय निर्देश के अनुसार एक दिन में अधिकतम 50 वैक्सीन लगाने की अनुमति है. ऐसे में एक दिन की कुल आय सिर्फ 250 रुपये होती है, जो एक सामान्य मजदूर की दैनिक मजदूरी से भी कम है. उनका कहना है कि इतनी कम राशि में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है.

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल

प्रदर्शन के दौरान टीकाकर्मी संदीप कुमार, मनोज कुमार, सतवीर कुमार, सुनील कुमार, देवलाल पाल, बबन राम सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे. संघ ने दो टूक कहा कि जब तक सरकार उनकी सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी. इससे पशुओं के टीकाकरण और इलाज की सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं.


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