बिना डिग्री के नहीं बेच सकेंगे खाद व बीज
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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पुराने लाइसेंसधारियों के लिए डिप्लोमा कोर्स करना होगा अनिवार्य भभुआ नगर : केंद्र सरकार ने अब कीटनाशक व उर्वरक की बिक्री करनेवाले दुकानदारों के लिए नया मापदंड तैयार किया है. इसके अनुसार कृषि या विज्ञान विषय की डिग्री व डिप्लोमाधारी ही खाद व कीटनाशक की दुकान के लिए लाइसेंस प्राप्त सकेंगे. विभाग द्वारा डिग्री के […]
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पुराने लाइसेंसधारियों के लिए डिप्लोमा कोर्स करना होगा अनिवार्य
भभुआ नगर : केंद्र सरकार ने अब कीटनाशक व उर्वरक की बिक्री करनेवाले दुकानदारों के लिए नया मापदंड तैयार किया है. इसके अनुसार कृषि या विज्ञान विषय की डिग्री व डिप्लोमाधारी ही खाद व कीटनाशक की दुकान के लिए लाइसेंस प्राप्त सकेंगे. विभाग द्वारा डिग्री के आधार पर उन्हें लाइसेंस दिया जायेगा. ऐसे में बीएससी उत्तीर्ण बेरोजगारों को दुकानों में रोजगार मिल सकेगा, तो वहीं किसानों को भी अच्छी दवाइयां मिल सकेगी. जिले में खाद-बीज, कीटनाशक वाले अधिकतर दुकानदारों के पास लाइसेंस तो है, लेकिन न तो उनके पास कृषि संबंधी पर्याप्त जानकारी है और न ही उन्हें नये-नये कृषि संबंधी उर्वरक खादों की जानकारी है.
ऐसे में जिले के अधिकतर कृषि दुकानदारों द्वारा जानकारी के अभाव में किसानों को गलत दवा या सलाह दे देते हैं. किसानों को नये-नये रसायनिक खाद बीज, कीटनाशक की उपयोगिता, फायदे सहित सही मात्रा में छिड़काव की सही जानकारी नहीं मिल पाती. ऐसे में किसानों की फसल प्रभावित होती है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है. केंद्र सरकार के कृषि मंत्रायल द्वारा नया नियम बनाया गया है. नये नियम के तहत कृषि या विज्ञान विषय की डिग्री या डिप्लोमाधारी ही खाद व कीटनाशक की दुकान खोल सकेंगे.
विभाग द्वारा डिग्री के आधार पर उन्हें लाइसेंस दिया जायेगा. पूर्व के लाइसेंसी व्यापारी उर्वरक व कीटनाशी (संशोधन) नियम 2015 के अनुसार कृषि स्नातक, जैव, रसायन, प्राणी, प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान या वनस्पति विज्ञान डिग्री या डिप्लोमाधारी कर्मचारी रखने या स्वयं के इन विषयों में स्नातक या डिप्लोमा होने पर ही कीटनाशक व रासायनिक खाद बिक्री के लिए लाइसेंस मिलेगा. पुराने दुकान संचालकों के लिए डिप्लोमा या डिग्री लेना अनिवार्य होगा. संशोधित नियम के तहत किसानों को दुकान चलानेवालों से ही फसल की विभिन्न किस्मों सहित नये-नये खाद, बीज सहित उपज में खाद बीज की सही मात्रा की जानकारी मिल सकेगी.
पुराने दुकानदारों को करना होगा डिप्लोमा कोर्स : सरकार के नये नियम के मुताबिक जहां नये लाइसेंस के लिए डिग्री या डिप्लोमा होना अनिवार्य है. वहीं, पुराने लाइसेंसधारी दुकानदारों को डिप्लोमा कोर्स करना अनिवार्य है. जिले में डिप्लोमा कोर्स के लिए शुरुआती चरण में 40 किसानों का चयन कर लिया गया है, जिन्हें कृषि एक्सपर्ट व कृषि वैज्ञानिकों द्वारा 47 दिनों का प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षण के उपरांत इन्हें सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जायेगा. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में लगभग 350 खाद, बीज व कीटनाशक विक्रेता हैं.
पुराने लाइसेंसधारियों को प्रशिक्षण के लिए 20 हजार रुपये जमा करने होंगे, जिसमें 10 हजार रुपये बिहार एग्रीकल्चरल मैनेजमेंट एंड एक्सटेंशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (बामेती) द्वारा दिया जायेगा. नये नियम के मुताबिक किसानों की उपज पैदावार तो बढ़ेगी. वहीं पढ़े लिखे बेरोजगारों को स्वरोजगार व दूसरे के दुकानों में रोजगार उपलब्ध हो सकेगा. नये अनिधियम के तहत नये दुकानदारों से किसानों को फसल में कौन सी दवा किस फसल के लिए कारगर होगी, दवा की क्या मात्रा होनी चाहिए, प्रति हेक्टेयर कितने उर्वरक का उपयोग होना चाहिए, सही दवा, कीटनाशक, बीज व उर्वरक के उपयोग करने सहित विभिन्न जानकारी मिल सकेगी.
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