ओवरलोडिंग व इंट्री माफियाओं के लिए 2016 रहा खराब

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प्रशासन ने की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई राजस्व में हुआ 33 फीसदी का इजाफा भभुआ कार्यालय. एनएच दो सहित जिले के अन्य सड़कों पर सक्रिय ओवरलोडिंग करानेवाला गिरोह एवं इंट्री माफियाओं के लिए 2016 सबसे ज्यादा खराब रहा. जिला प्रशासन ने 2016 में ओवरलोडिंग व इंट्री माफियाओं के खिलाफ अभियान चला कर अब […]

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प्रशासन ने की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
राजस्व में हुआ 33 फीसदी का इजाफा
भभुआ कार्यालय. एनएच दो सहित जिले के अन्य सड़कों पर सक्रिय ओवरलोडिंग करानेवाला गिरोह एवं इंट्री माफियाओं के लिए 2016 सबसे ज्यादा खराब रहा. जिला प्रशासन ने 2016 में ओवरलोडिंग व इंट्री माफियाओं के खिलाफ अभियान चला कर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की.
जिसका नतीजा यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में कार्रवाई के बाद इस वर्ष 33 प्रतिशत अधिक राजस्व में इजाफा हुआ है. पिछले वर्ष जून, जुलाई व अगस्त के महीने में 17 करोड़ 48 लाख 10 हजार रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई थी. वहीं 2016 के जून माह में ओवरलोडिंग व इंट्रीमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के बाद राजस्व में लगभग 6 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और 2016 जून, जुलाई व अगस्त में 33 करोड़ 25 लाख 85 हजार रुपये राजस्व की प्राप्ति हुई.
गौरतलब है कि कैमूर के डीएम व एसपी ने 2016 में एनएच दो पर ओवरलोडिंग व इंट्रीमाफियाओं द्वारा लगाये जा रहे प्रतिमाह करोड़ों रुपये प्रतिमाह राजस्व के चूना पर लगाम लगाने के लिए दो-दो हाथ करने का निर्णय लिया. हालांकि, इस कारोबार में सफेदपोशो सहित अधिकारियों की मिली भगत के कारण जीटी रोड पर सक्रिय इस रैकेट को तोड़ना आसान नहीं था लेकिन, डीएम, एसपी ने इसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई छेड़ी जिसमें ओवरलोडिंग के कारोबारियों एवं इंट्रीमाफियाओं को मुंह की खानी पड़ी. डीएम, एसपी खूद सड़क पर उतर कर एक बार में सैकड़ों की संख्या में ओवरलोडेड ट्रकों को पकड़ा तो इंट्रीबाजों पर पुलिस पर पथराव, गोलीबार, आगजनी से लेकर गाड़ी लेकर भागने तक की कार्रवाई कर प्रशासन को झुकाने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन ने झुकने की बजाये और सख्त कार्रवाई की जिसका नतीजा यह रहा कि इस वर्ष ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान में 1589 ओवरलोडेड ट्रक पकड़े गये़ इनसे लगभग 8 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया.
यहीं नहीं चेकपोस्ट पर सक्रिय गया से लेकर यूपी के नौबतपुर तक इंट्रीबाजों के नेटवर्क को पुलिस ने तहस नहस कर दिया. अभी तक कुल 15 से ज्यादा इंट्रीमाफियाओं को पुलिस ने पकड़ा जिसमें उनके पास से 18 लाख 16 हजार 720 रुपये नकद बरामद किये गये. वहीं खाते में 1 करोड़ 13 लाख 8 हजार 6 सौ 43 रुपया पुलिस फ्रिज करा दिया. यहीं नहीं एक करोड़ 22 लाख की अचल संपत्ति को भी पुलिस द्वारा फ्रिज कराया गया.
जिसने ओवरलोडिंग एवं इंट्रीमाफियाओं के कमर तोड़ कर रख दी. जिसका नतीजा है कि एनएच दो पर पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 33 प्रतिशत ज्यादा राजस्व की वृद्धि दर्ज की गयी है.
– चकरघट‍्टा और जैतपुरा पंप कैनाल हुआ शुरु
2016 के गरमी में पीने की पानी के कमी के कारण पहाड़ तो दूर मैदानी इलाकों में भी त्राहि-त्राहि मच गयी था. ऐसे में कैमूर पहाड़ी पर बसे अधौरा के लोगों के लिए पेयजल की समस्या सबसे बड़ा संकट बन कर आया था. ऐसे में बूंद-बूंद पानी के प्यासे अधौरा के लोगों के लिए चकरघट्टा जलापूर्ति योजना लाइफलाइन बन कर सामने आया. डीएम ने बार-बार पहल कर वर्ष 2016 में 20 वर्षों से बंद पड़े चकरघट्टा जलापूर्ति योजना को चालू कराया जिससे अधौरा के लोगों को इस वर्ष की भीषण गरमी में पेयजल के संकट से हमेशा के लिए निजात दिला दिया तो दूसरी तरफ दो दशक से बंद पड़े नुआंव प्रखंड के जैतपुरा पंप कैनाल को जिला प्रशासन ने चालू करा कर दर्जनों गांवों में पानी पहुंचाया जिससे आज दो दर्जन से ज्यादा लोग कृषि के क्षेत्र में लाभान्वित हो रहे हैं.
यहीं 2016 में सदर अस्पताल स्थित नवजात बच्चों के लिए खुला एसएनसीयू को भारत में दूसरा स्थान मिला. आये दिन नवजात बच्चों को लेकर लोगों को इलाज के लिए बनारस का रूख करना पड़ता था लेकिन, उक्त एसएनसीयू के बेहतर तरीके से संचालित होने के कारण आज कैमूरवासियों को इलाज में जहां मोटी रकम की बचत हो रही है. वहीं बनारस का इलाज भभुआ में ही उपलब्ध हो रहा है. 2016 के अंत में सदर अस्पताल में डीएम ने पहल कर आइसीयू और सीसीयू खोलवाया जो हर्ट एवं इमरजेंसी के लिए लाइफलाइन साबित हो रहा है.
– शराबबंदी में कैमूर पुलिस ने की ठोस कार्रवाई
1 अप्रैल 2016 से बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद कैमूर पुलिस ने शराब के धंधेबाजों के खिलाफ लगातार अभियान चला कर कई ठोस कार्रवाई किये. शराबबंदी लागू होने के बाद यूपी के सीमा से सटे होने के कारण इस जिले में बड़ी संख्या में धंधेबाज सक्रिय हो गये थे और उन्होंने अवैध शराब का कारोबार शुरु कर दिया था लेकिन, शुरुआती दौर में हीं कैमूर पुलिस ने शराब के धंधेबाजों की कमर तोड़ के रख दी. शराबबंदी के बाद से अब तक 1206 लिटर विदेशी शराब, 3 लिटर बियर, 296 केजी फुला महुवा, 2517 किलो अवैध जमा महुआ, 527 लिटर देशी शराब व 82 लिटर गांव में बना शराब बरामद किया गया. वहीं इसमें संलिप्त 255 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.
– नक्सल क्षेत्र में लोगों को रोजगार के लिए कैमूर पुलिस ने किया कौशल विकास
2016 में कैमूर पहाड़ी पर बसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में लोगों को रोजगार देने के लिए कैमूर पुलिस ने कौशल विकास कार्यक्रम चलाया जिसके तहत 300 लड़कियों एवं 200 लड़कों को सिलाई-कढ़ाई, बुनाई, सिपाही भर्ती के लिए फिजीकल ट्रेनिंग एवं ड्राइविंग सिखाने के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेंस दिलवाने का काम किया. यहीं नहीं 650 लोगों के बीच में अधौरा पहाड़ी पर कैमूर पुलिस द्वारा कंबल एवं साड़ी का वितरण किया गया. इसके साथ-साथ तीन मेडिकल कैंप लगाये गये जिसमें सुदूर अधौरा क्षेत्र के पुरुष-महिलाओं के बीच 350 चश्मा का वितरण किया गया.
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