घर से पानी लेकर सदर अस्पताल आते हैं मरीज

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अनुमंडलीय अस्पताल में लगे रेफ्रिजरेटर व चापाकल खराब टंकी का गंदा पानी पीने से कतराते हैं रोगी व परिजन मोहनिया शहर. अनुमंडल अस्पताल में मरीजों को पानी पीने के लिए लगे रेफ्रिजरेटर व चापाकल खराब पड़ा है़ इसके चलते रोगियों व उनके परिजनों को प्यासा रहना पड़ता है़ अनुमंडल के पांच प्रखंडों से लोग यहां […]

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अनुमंडलीय अस्पताल में लगे रेफ्रिजरेटर व चापाकल खराब
टंकी का गंदा पानी पीने से कतराते हैं रोगी व परिजन
मोहनिया शहर. अनुमंडल अस्पताल में मरीजों को पानी पीने के लिए लगे रेफ्रिजरेटर व चापाकल खराब पड़ा है़ इसके चलते रोगियों व उनके परिजनों को प्यासा रहना पड़ता है़ अनुमंडल के पांच प्रखंडों से लोग यहां इलाज कराने आते हैं. लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर होते हैं. अस्पताल में प्रतिदिन 200-250 मरीज पहुंचते हैं. इसमें ग्रामीण क्षेत्र के भी लोग होते हैं. प्रसूति के लिए अस्पताल में दर्जनों महिलाएं भर्ती होती हैं. इतनी ज्यादा संख्या में आनेवाले मरीजों की प्यास बुझाने के लिए मात्र एक टंकी की व्यवस्था की गयी है. इस अस्पताल में मरीजों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कई चापाकल लगाये गये हैं लेकिन सभी खराब पड़े हैं. मात्र एक नल का टोटी ही पानी देता है.
अस्पताल में रेफ्रिजरेटर भी लगा हुआ है. लेकिन, वह भी खराब है. ऐसे में मरीजों को शुद्ध पानी तो दूर चापाकल के पानी के लिए भी भटकना पड़ रहा है. अनुमंडलीय अस्पताल मोहनिया में पानी की कमी से मरीजों और साथ में आये परिजनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. यहां मरीजों के परिजनों को अपने घर से पीने का पानी लाना पड़ता है. या तो बाजार से बंद बोतल पानी खरीदने को विवश हैं.
अस्पताल का रेफ्रिजरेटर खराब :
मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में लाखों रुपये से तो वाटर रेफ्रिजरेटर भी मरीजों को शुद्ध पानी देने के लिए लगा हुआ है लेकिन कई महीने से रेफ्रिजरेटर खराब है़ उसमें लगे नल भी टूट गये हैं. मरीजों को पानी पीने के लिए टंकी से एक नल है. टंकी की भी सफाई नहीं होती. लोग अस्पताल का गंदा पानी पीने को मजबूर है़
क्या कहते हैं मरीज
मोहनिया बाजार से पत्‍‌नी का इलाज कराने आये जितेंद्र कुमार ने बताया कि काफी देर से बोतल लिए पानी के लिए भटक रहे हैं. अस्पताल में चापाकल खराब पड़ा है. एक नल से पानी निकल रहा था, वह गंदा है़ लगता है टंकी की सफाई भी नहीं हुई है़ इससे बीमारी और फैलेगी़ मजबूरी में बाहर से पानी खरीदना पड़ा. महिला मरीज सोनी देवी ने बताया कि चापाकल नहीं होने के कारण जो एक नल है, उसी से पानी पीने को विवश हैं. ठंड में ठंढा पानी निकल रहा है. कम से कम एक चापाकल रहता, तो परेशानी नहीं होती.
मरीज भी पीते हैं गंदा पानी
अस्पताल में डायरिया से पीड़ित मरीज एवं गर्भवती महिलाओं तथा अन्य मरीज भर्ती होते हैं. उन्हें भी नल का गंदा पानी पीने को विवश होना पड़ता है. मरीजों को शुद्ध पानी पीने के लिए तरसना पड़ता है. अस्पताल प्रबंधन की अनदेखी एवं लापरवाही के कारण कई दिनों से अस्पताल में लगे चापाकल एवं रेफ्रिजरेट खराब हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस समस्या पर नहीं है.
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