गरीब मरीजों की होगी मुफ्त में अल्ट्रासाउंड जांच

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राहत. सदर अस्पताल में सुधार के लिए डीएम ने की पहल जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल में ढ़ाई वर्षों से बंद सेवा शुरू करायी भभुआ सदर : डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह के सार्थक प्रयास से ढ़ाई वर्षों से बंद सदर अस्पताल का अल्ट्रासाउंड फिर से चालू हो गया. गुरुवार को डीएम ने ओपीडी स्थित अल्ट्रासाउंड विभाग […]

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राहत. सदर अस्पताल में सुधार के लिए डीएम ने की पहल

जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल में ढ़ाई वर्षों से बंद सेवा शुरू करायी
भभुआ सदर : डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह के सार्थक प्रयास से ढ़ाई वर्षों से बंद सदर अस्पताल का अल्ट्रासाउंड फिर से चालू हो गया. गुरुवार को डीएम ने ओपीडी स्थित अल्ट्रासाउंड विभाग को चालू करने के लिए फीता काटा. उन्होंने कहा कि गरीबों को मुफ्त मिलनेवाली इस अत्यंत जरूरी सुविधा के लिए अथक प्रयास किया गया है.
इसलिए, यह सुविधा बंद नहीं होनी चाहिए. अल्ट्रासाउंड शुरू करने पहुंचे डीएम को जांच के संबंध में इसकी सेवा देनेवाले आइजीआइएमएस के कर्मियों व अल्ट्रासाउंड जांच के प्रभारी बनाये गये डाॅ प्रेम राजन द्वारा जानकारी उपलब्ध करायी गयी. बताया गया कि डॉक्टर द्वारा जांच की पुष्टि करने के बाद मरीजों का कंप्यूटराइज्ड डाटा इकट‍्ठा किया जायेगा. इसमें मरीज की वर्तमान स्थिति, गर्भवती महिलाओं के पूर्व में कितने बच्चे व परिवार की स्थिति रहेगी.
डीएम ने कहा कि यह सुविधा मरीजों के लिए मुफ्त उपलब्ध है. इसमें किसी तरह का पैसा मरीजों से लिये जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. अल्ट्रासाउंड के उद‍्घाटन के दौरान डीएम के साथ-साथ प्रभारी सीएस डाॅ अनिल कुमार सिंह, उपाधीक्षक डा. प्रह्लाद सिंह, डीपीएम डाॅ विवेक कुमार सिंह, समाजसेवी बिरजू सिंह पटेल भी मौजूद थे.
मरीजों को रेफर करने पर जतायी चिंता
डीएम ने सदर अस्पताल के ओपीडी का निरीक्षण किया. उन्होंने सदर अस्पताल से सुविधा व डॉक्टर रहने के बावजूद मरीजों को बाहर रेफर कर दिये जाने पर चिंता जतायी. अस्पताल के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब अस्पताल में हर प्रकार की जांच की व सर्जन डॉक्टर की उपलब्धता है तो,
गंभीर हालत के मरीजों को अपनी जान छुड़ाने के लिए बाहर क्यों रेफर कर दिया जाता है. आपके द्वारा रेफर कर दिये गये मरीजों का बाहर इलाज कराने में उनका आर्थिक दोहन कर लिया जाता है. जबकि बाहर की व्यवस्था खुद सदर अस्पताल में उपलब्ध है. उन्होंने डॉक्टरों को हिदायत देते हुए कहा कि आप कहीं भी रहें कुछ भी करें लेकिन, अगर आप अस्पताल में ड‍्यूटी कर रहे हैं तो, आपके द्वारा किसी गरीब को जिंदगी मिल सके, उनका बेहतर इलाज हो सके यह मनसा होनी चाहिए.
रात में भी जांच की सुविधा देने का निर्देश
डीएम ने महिला डॉक्टर कक्ष का जायजा लिया. वहां डाॅ किरण सिंह ने डीएम से शिकायत की कि रात में अस्पताल में किसी प्रकार की जांच की सुविधा गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पाती. इसके चलते गंभीर मरीजों को मजबूरन बाहर ले जाने को कहना पड़ता है. डीएम ने महिला डॉक्टर की शिकायत पर तत्काल जिला कार्यक्रम प्रबंधक डाॅ विवेक कुमार सिंह को अस्पताल में रात में भी सभी प्रकार की जांच सुविधा उपलब्ध कराने को कहा. उन्होंने कहा कि अस्पताल के अधिकारी तीन दिन के अंदर अस्पताल में संसाधनों की कमी का लिस्ट बना कर सौंपे. जरूरतों को पूरा किया जायेगा.
26 से शुरू हो जायेंगी सीसीयू व आइसीयू
डीएम ने बताया कि 26 अक्तूबर से सदर अस्पताल में सीसीयू व आइसीयू की सेवा शुरू होगी. चार बेड वाले सीसीयू व आइसीयू में सभी जीवन रक्षक प्रणाली, जिसमें वेंटिलेटर, मॉनीटर, इसीजी मशीन आदि गंभीर मरीजों के लिए उपलब्ध रहेंगे.
इलाज की बदहाल व्यवस्था देख भड़के डीएम
ओपीडी में स्थित पुरुष डॉक्टर जांच कक्ष का जब डीएम निरीक्षण करने पहुंचे तो, वहां अस्त-व्यस्त था. वहां डाॅ अनिल कुमार व डाॅ अभिलाष चंद्रा से दिखाने मरीज जुटे थे. भीड़ देख डीएम भड़क गये. तत्काल डीएस व अस्पताल प्रबंधक को तलब कर वहां डॉक्टर को दिखाने के लिए सिलसिलेवार मरीज को भेजने, मुख्य दरवाजे पर गार्ड की तैनाती, डोर क्लोजर व घंटी लगवाने का निर्देश दिया. उन्होंने आदेश दिया कि अब से यहां तैनात होमगार्ड के जवानों की हाजिरी उस वक्त के डॉक्टर के यहां लगाने का भी निर्देश दिया.
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