विद्यार्थी अधिक, किताबें कम, तो कैसे हो पढ़ाई ?

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सर्व शिक्षा अभियान पर लग रहा प्रश्नचिह्न मोहनिया (सदर) : प्रखंड के 72 मध्य विद्यालयों में कक्षा छह व सात में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के बीच अब तक विभाग द्वारा उपलब्ध करायी गयी 75 प्रतिशत पुस्तकों का ही वितरण किया जा रहा है. शेष 25 प्रतिशत विद्यार्थी पुस्तकों की कमी का दंश झेल रहे है. […]

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सर्व शिक्षा अभियान पर लग रहा प्रश्नचिह्न

मोहनिया (सदर) : प्रखंड के 72 मध्य विद्यालयों में कक्षा छह व सात में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के बीच अब तक विभाग द्वारा उपलब्ध करायी गयी 75 प्रतिशत पुस्तकों का ही वितरण किया जा रहा है. शेष 25 प्रतिशत विद्यार्थी पुस्तकों की कमी का दंश झेल रहे है.

ऐसी स्थिति में यदि विभाग किताबें नहीं भेजता है, तो इनकी पढ़ाई कैसे होगी या फिर किताबें काफी देर में उपलब्ध करायी गयी, तो इनका कोर्स पिछड़ जायेगा. इससे इन विद्यार्थियों की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. आखिर, शिक्षा विभाग की खामियों का खामियाजा भुगत रहे इन बच्चों का कैरियर बरबाद करने के लिए जिम्मेवार कौन होगा? सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर विकास का दावा करते हुए सर्व शिक्षा अभियान के तहत ‘सब पढ़े, सब बढ़े’ का नारा दे रही है.

लेकिन, सही मायने में देखा जाये, तो यह एक छलावा से कम नहीं. क्योंकि, जब सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले सभी बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध कराने में बैकफुट पर नजर आ रहा है, तो सरकार के इस दावे को हवा-हवाई नहीं तो और क्या माना जायें? वैसे भी सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा पांच तक के 100 में शायद 20 बच्चे ही ऐसे मिलेंगे, जो पूर्ण रूप से हिंदी की किताब भी पढ़ सके. सोचिए इन बच्चों का भविष्य आज के दौर में कितना उज्जवल हो सकता है. दिनों दिन शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है.

विभाग के इस रवैये से गरीब वर्ग के बच्चें केवल साक्षर हो सकते हैं, शिक्षित नहीं. ऐसा पहली बार नहीं हुआ, बल्कि पिछले वर्ष भी किताबों का कमोवेश यही हाल रहा. मोहनिया प्रखंड में विद्यालयों की संख्या 148 है, जिनमें प्राथमिक विद्यालय 76 व मध्य विद्यालय 72 हैं. कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या 42129 है, जिनमें 21022 छात्र व 21107 छात्राएं हैं.

कक्षा छह व सात में 9889 छात्र- छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें 7747 पुस्तके ही विभाग द्वारा उपलब्ध करायी गयी है. कक्षा छह में 4986 विद्यार्थियों के लिए 3980 किताबें व कक्षा सात के 4903 नामांकित विद्यार्थियों के लिए 3767 किताबें ही उपलब्ध करायी गयी हैं. वहीं, कक्षा छह में 1006 व कक्षा सात में 1136 विद्यार्थी किताबों से वंचित हैं. इनको किताबें कब मिलेंगी, कहना मुश्किल है. इस संबंध में डीइओ रामराज प्रसाद ने बताया कि शेष 25 प्रतिशत बच्चों के लिए किताबें कब आयेंगी, फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है.

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